मोदी सरकार के खिलाफ सत्याग्रह पर बैठी कांग्रेस, राहुल सोनिया भी हुए शामिल

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली के राजघाट पर कांग्रेस का सत्याग्रह आंदोलन शुरू होकर रात 8 बजे तक चला. इस धरने में राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के अलावा अशोक गहलोत, राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद सहित कई नेता मौजूद रहे.  

मोदी सरकार के खिलाफ सत्याग्रह पर बैठी कांग्रेस, राहुल सोनिया भी हुए शामिल

दिल्ली: मोदी सरकार के नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ कांग्रेस ने धरना दिया. सभी नेताओं ने इसमें संविधान की प्रस्तावना पढ़ी. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) व राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ आंदोलन के लिए शांतिपूर्ण व अहिंसक सत्याग्रह को अचूक हथियार बताया है. उन्होंने केंद्र सरकार पर संविधान विरोधी होने का आरोप लगाया.

CAA के द्वारा ध्रुवीकरण की कोशिश

राहुल गांधी ने ट्वीट करके कहा कि भारत के तानाशाह ध्रुवीकरण के लिए सीएए और एनआरसी ले आए हैं. शांतिपूर्ण व अहिंसक सत्याग्रह इन गंदे असलहों के खिलाफ अचूक हथियार है. मैं सीएए और एनआरसी के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने वाले लोगों के साथ हूं.

नरेंद्र मोदी पर साधा निशाना

राहुल गांधी ने कहा कि हमारे दुश्मन जो नहीं कर सके, वह अब नरेन्द्र मोदी हमारी तरक्की रोकने के लिए कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश को बताना चाहिए कि वह छात्रों की आवाज क्यों दबा रहे है और उन्हें नौकरी क्यों नहीं मिल रही है. आप रोजगार दे नहीं सके और अर्थव्यवस्था को नष्ट कर दिया, यही कारण है कि आप नफरत के पीछे छिप रहे हैं.

कमलनाथ और अशोक गहलोत ने इसे न लागू करने की कही बात

धरने के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने-अपने राज्यों में सीएए लागू नहीं करने की बात कही. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि वह और उनकी पार्टी के लोग नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ आंदोलन में ‘शहीद’ हुए लोगों के नाम पर संकल्प लेते हैं कि वे संविधान की रक्षा करेंगे.

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