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कांग्रेस के लिए बागी 'सिंह' बनती जा रही हैं अदिति

सोनिया गांधी के क्षेत्र रायबरेली से कांग्रेस पार्टी की विधायक और प्रियंका गांधी वाड्रा की करीबी माने जाने वाली अदिति सिंह ने पार्टी से कन्नी काटने के संकेत दे दिए हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात की तो उनके खिलाफ पार्टी ने नोटिस जारी कर दिया है.

कांग्रेस के लिए बागी 'सिंह' बनती जा रही हैं अदिति
प्रियंका गांधी वाड्रा की करीबी विधायक अदिति सिंह (File Photo)

लखनऊ: रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और इसके बाद सियासी गलियारे में खलबली मच गई. मुख्य विरोधी खेमे के मुखिया से अदिति की मुलाकात एक तरफ तो कई नये बदलावों की ओर इशारा कर रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस के लिए भी मुश्किल खड़ी कर रही है. इधर इस मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने तीखी प्रतिक्रया दी है. उन्होंने इस पर अदिति को नोटिस जारी करते हुए उन पर कार्रवाई करने की बात कही है.

क्यों गई थीं अदिति

इस बारे में मीडिया को जारी अपने बयान में अदिति सिंह ने कहा कि यह कोई मुद्दा बनाने की बात नहीं है. सभी विधायक अपने क्षेत्र की समस्याएं बताने के लिए मुख्यमंत्री से मिलते रहते हैं. मेरी भी वहां जाने की वजह अपने क्षेत्र की समस्या पर बातचीत करना ही रही. मैंने वहां अपने इलाके में सिंचाई व्यवस्था की समस्या को सामने रखा था और जल्द ही समाधान कराने की मांग की थी. 

रायबरेली विधायक ने भले ही अपने बयान में इस मुलाकात पर उठे बवाल को आधारहीन बताया है. लेकिन यह ऐसा पहला मौका नहीं है, जब उनके तेवरों में कांग्रेस से बगावत की बानगी देखने को मिली है. 

नजर डालते हैं कुछ पुराने मामलों पर जहां अदिति के रंग बदले नजर आए-

370 हटाने का किया था समर्थन

5 अगस्त को जब केंद्र सरकार ने कश्मीर के अनुच्छेद 370 में बदलाव किया था तो कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने 6 अगस्त को इसका समर्थन कर दिया. उनका यह रवैया पार्टी लाइन से बिल्कुल अलग हटकर था, क्योंकि कांग्रेस लगातार इस मामले में बीजेपी सरकार को घेरने पर जुटी थी. यहां तक कि राहुल गांधी ने खुद कश्मीर जाने की कोशिश की थी और वहां मानवाधिकार का उल्लंघन किए जाने के आरोप लगाए थे. इस मौके पर अदिति सिंह ने कहा था कि वह अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर सरकार का समर्थन करती हैं, इससे कश्मीर के लोगों को मुख्य धारा में शामिल होने में मदद मिलेगी.

विधानसभा के विशेषसत्र में पहुंची

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र में अदिति सिंह अचानक पहुंच गईं और सभी को चौंका दिया. 3 अक्टूबर को यहां आकर उन्होंने कहा कि वह दलगत राजनीति की भावना से ऊपर उठकर यहां महात्मा गांधी पर अपने विचार रखने आई. इस मौके पर उन्होंने जिला पंचायत रायबरेली चुनाव के मौके पर मुख्य़मंत्री की ओर से की गई कार्रवाई का आभार भी जताया था. इस तरह उन्होंने एक बार फिर भाजपा की ओर अपने झुकाव का संकेत दिया था.

इसके अलावा भी अदिति सिंह गाहे-बगाहे अपनी ही पार्टी लाइन से अलग हटकर किए जाने वालों कारनामों से चर्चा में रहती ही हैं. अभी साफ तौर पर तो उनकी ओर से कुछ भी नहीं कहा जा रहा है, लेकिन सियासी जानकार इस खामोशी के पीछे किसी बड़े तूफान की सुगबुगाहट का अंदाजा लगा रहे हैं, जो कि कांग्रेस की जड़ों को और कमजोर करेगा. पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी की सबसे करीबी अदिति अगर कांग्रेस को टाटा कह देती हैं तो यह बचे-खुचे समर्थकों में भी नकारात्मक संदेश जाएगा.