• देश में कोविड-19 से सक्रिय मरीजों की संख्या 86,110 पहुंची, जबकि संक्रमण के कुल मामले 1,58,333: स्त्रोत-PIB
  • कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या- 67,692 जबकि अबतक 4,531 मरीजों की मौत: स्त्रोत-PIB
  • जो छात्र लॉकडाउन में गृह जिले में नहीं हैं, बोर्ड परीक्षा केंद्र उनके वर्तमान जिले में स्थानांतरित कर दिया जाएगा: HRD मंत्री
  • पीएमजीकेवाई के तहत राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में 13.4 करोड़ लाभार्थियों को 1.78 लाख एमटी दाल वितरित की गई
  • लॉकडाउन के दौरान पीएम-किसान के तहत 9.67 करोड़ किसानों के लिए 19,350.84 करोड़ रुपये जारी किए गए
  • रेलवे ने 3543 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया; 48+ लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया
  • 579 लाइफलाइन उड़ानों ने 5,37,085 किलोमीटर की दूरी तय कर 927 टन मेडिकल और आवश्यक कार्गो का परिवहन किया
  • वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने उद्योग और व्यापार संगठनों के साथ बातचीत की और #AatmaNirbharBharat पर जोर दिया
  • डीएसटी-एसईआरबी ने कोविड 19 के खिलाफ संरचना आधारित संभावित एंटीवायरलों की पहचान के लिए अध्ययन का समर्थन किया
  • MoHFW की ओर से आँखों की सुरक्षा-चश्मों के पुन: प्रसंस्करण और पुनः उपयोग पर एक परामर्श भी जारी किया गया है

कोरोना का असर: 'शब-ए-बारात में अबकी बार सड़क पर आना मना है'

कोरोना के खिलाफ जंग की खातिर देश में लॉकडाउन चल रहा है. ऐसे में इस बार शब-ए-बारात के मौके पर घर से निकलना मना है. ऐसे में घर पर ही रहकर इबादत की सलाह दी जा रही है.

कोरोना का असर: 'शब-ए-बारात में अबकी बार सड़क पर आना मना है'

नई दिल्ली: लॉकडाउन के बीच ही 9 अप्रैल गुरुवार को शब-ए-बारात भी है. मुस्लिम समुदाय के लिए ये इबादत की रात होती है. लोग इस दिन अपने बुजुर्गों की कब्र पर जाते हैं. हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते उलेमाओं ने इस बार घर से ही इबादत करने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बाहर न निकलने की अपील की है. शब-ए-बारात की रात में कब्रिस्तान न जाने की भी सलाह दी गई है.

शब-ए-बारात में अबकी बार सड़क पर आना मना है

शब-ए -बारात पर हर साल सड़कों पर अलग ही मंजर नज़र आता है. लेकिन इस बार लॉकडाउन चल रहा है. देश कोरोना के खिलाफ युद्ध ल़ड़ रहा है. इसलिए पुलिस प्रशासन और मुस्लिम धर्मगुरुओं ने घर पर रहकर ही इबादत करने की सलाह दी है.

अमेरिका और यूरोप के देशों में कोरोना के मामले अचानक इसलिए बढ़े क्योंकि संक्रमित लोगों ने लक्ष्मण रेखा का पालन नहीं किया. इसलिए हिंदुस्तान को वो गलती नहीं दोहरानी है.

सड़क पर हुड़दंग के बारे में तो सोचना भी मत

जमात के कोरोना वायरस देश के अलग अलग हिस्सों में पहुंचकर देश की टेंशन बढ़ा चुके हैं. अब 9 तारीख को शब-ए-बारात के नाम पर घरों से बाहर निकाल कर खाली सड़कों पर हुड़दंग का मौका ना तलाशने लगें.

मुस्लिम धर्मगुरू ने आवाम से की ये अपील

वहीं मुस्लिम धर्मगुरू मौलाना खालिद रशीद फ़रंगी महली द्वारा कोरोना से बचाव के लिए देश की जनता से अपील की गई. इस्लामिक सेंटर की ओर से जारी संदेश पर सुन्नी धर्मगुरु मौलाना रशीद फरंगी महली ने की अपील.

उन्होंने कहा, "कोरोना से बचाव के लिए हुकूमत और डॉक्टर के मशवरों पर अमल करें. सभी लोग अपने घर के अंदर ही रहे. खांसी आने पर रूमाल रखें, नजला बुखार होने पर डॉक्टर से जांच कराएं. साफ़-सफाई का ध्यान रखें दिन में कई बार हाथ धोए. नमाज घर पर ही पढ़ें, बीमारी के खात्मे के लिए दुआ करें. शब-ए-बारात पर घर में ही इबादत करें कब्रिस्तान ना जाएं. अपने मुल्क और दुनिया से कोरोना के खात्मे के लिए दुआएं करें."

कोरोना के खिलाफ 'युद्ध' को कैसे कमज़ोर कर रही है जमात  ये आपको बताते हैं.

क्वारंटाइन सेंटर में डॉक्टर पर थूक रहे हैं
कर्मचारियों को अपशब्द कह रहे हैं
क्वारंटाइन सेंटर में इधर-ऊधर घूम रहे हैं
खाने के सामान पर अनुचित मांगे कर रहे हैं
अस्पताल में टेस्ट करवाने से मना कर रहे हैं
अस्पताल में भर्ती होने की ज़रूरत नहीं समझते
क्वारंटाइन सेंटर से भागने की कोशिश कर रहे हैं

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आपको बता दें, मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के घर पर कोरोना को लेकर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक भी हुई. बैठक में गृह मंत्री अमित शाह के अलावा प्रकाश जावड़ेकर, स्मृति ईरानी, हरदीप पुरी, राम विलास पासवान, सुरेश गंगवार, पीयूष गोयल समेत कई मंत्री मौजूद रहे.

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