सीआरपीएफ ने संभाली गांधी परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी

गांधी परिवार को सितंबर 1991 में 1988 के एसपीजी कानून के संशोधन के बाद वीवीआईपी सुरक्षा सूची में शामिल किया गया था. लिट्टे के आतंकवादियों ने 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या कर दी थी. सोनिया, राहुल और प्रियंका से 28 साल बाद एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली गई.

सीआरपीएफ ने संभाली गांधी परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी

नई दिल्लीः केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा की सुरक्षा की जिम्मेदारी सोमवार को संभाल ली. इस बारे में अधिकारियों ने जानकारी दी है. केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह सोनिया, राहुल और प्रियंका की एसपीजी सुरक्षा को वापस ले लिया था.

अधिकारियों ने बताया कि सोनिया गांधी के 10, जनपथ स्थित आवास पर इजरायली एक्स-95, एके सीरीज और एमपी-5 बंदूकों के साथ केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बल के कमांडो की एक टुकड़ी ने सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है.  इसी तरह का एक दस्ता कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी के तुगलक लेन स्थित आवास और प्रियंका गांधी वाड्रा के लोधी एस्टेट में स्थित आवास पर तैनात किया गया है.

Z+ सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग
विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) सुरक्षा हटाये जाने के बाद केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ की एक विशेष वीवीआईपी सुरक्षा इकाई को अखिल भारतीय आधार पर गांधी परिवार को ‘जेड प्लस’ सुरक्षा उपलब्ध कराने को कहा है. अधिकारियों ने बताया कि नए सीआरपीएफ कवर में इन तीन वीवीआईपी के लिए एक उन्नत सुरक्षा संपर्क (एएसएल) कवायद का प्रावधान है, और इसके तहत कमांडो को उनके दौरा किए जाने वाले स्थानों और क्षेत्र की पहले से जांच करने का अधिकार होगा.

28 साल बाद वापस ली गई एसपीजी सुरक्षा
अधिकारियों ने बताया था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के परिवार को दी गई एसपीजी सुरक्षा वापस लेने का फैसला एक विस्तृत सुरक्षा आकलन के बाद लिया गया. लिट्टे के आतंकवादियों ने 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या कर दी थी. सोनिया, राहुल और प्रियंका से 28 साल बाद एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली गई. उन्हें सितंबर 1991 में 1988 के एसपीजी कानून के संशोधन के बाद वीवीआईपी सुरक्षा सूची में शामिल किया गया था.

इस फैसले के साथ करीब 4,000 बल वाला एसजीपी अब केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में तैनात रहेगा. देश में नक्सल विरोधी अभियानों और आंतरिक सुरक्षा कार्यों के लिए एक प्रमुख बल सीआरपीएफ के पास लगभग 52 अन्य वीवीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी है. इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शामिल हैं.

गांधी परिवार के लापरवाह रवैये के कारण तो नहीं छिनी एसपीजी सुरक्षा ?