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पूर्वी भारत में 'बुलबुल' का कहर शुरु

चक्रवाती तूफान 'बुलबुल' ने बंगाल के खाड़ी के निकट स्थित तटीय इलाकों में तबाही मचाना शुरू कर दिया है. पिछले 24 घंटों से इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ तेज हवा भी चल रही है.

पूर्वी भारत में 'बुलबुल' का कहर शुरु

भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी में उठ रही चक्रवात 'बुलबुल' ने पश्चिम बंगाल के साथ-साथ ओडिशा में तबाही मचाना शुरू कर दिया है. शनिवार दिन से ही बंगाल के कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश शुरू हो गई है लेकिन इस चक्रवात के प्रकोप से ओडिशा के तटीय इलाकों में कहर बरसा रही है.

ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय जगहों पर भारी बारिश के साथ ही तेज हवा भी चल रही है. हवा की तीव्रता की वजह से ओडिशा के कई जगहों पर सैकड़ों पेड़ जड़ से उखड़ कर सड़कों पर गिर गए. जिसकी वजह से सड़के भी जाम हो गई है. विशेष राहत आयुक्त ( SRC ) प्रदीप जेना ने कहा कि उन्हें केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर और भद्रक जिलों में पेड़ों की गिरने की वजह से रोड जाम होने की सूचना मिली है. लेकिन इसमें किसी भी व्यक्ति की हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है. 

बीते दिन से अभी तक सबसे अधिक बारिश पारादीप में दर्ज की गई जिसकी तीव्रता 159 मिलीमीटर मापी गई. वहीं चांदबाली में 143 मिलीमीटर और बालासोर में 32 मिलीमीटर बारिश की मापा गया.

मुख्य सचिव असित त्रिपाठी ने भुवनेश्वर मौसम केंद्र के निर्देशक एच. आर विश्वास के साथ शनिवार सुबह हालात की समीक्षा की जिसके बाद त्रिपाठी ने कहा हम हालात पर निगरानी रखे हुए हैं. वहीं केंद्रापाड़ा जिला प्रशासन ने हालात को देखते हुए 1070 लोगों को संवेदनशील क्षेत्रों से हटा कर अलग-अलग आश्रय शिविरों में पहुंचाया है. बालासोर और जगतसिंहपुर जिलों के भी 1500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है.

वहीं भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक यह प्रचंड चक्रवात तूफान बुलबुल ओडिशा के पारादीप के 98 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व में और बालासोर के 135 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिमी में स्थित होने की बात कही.