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ईश्वर भक्ति का बचाव करके रक्षा मंत्री ने दिया विरोधियों को जवाब

राफेल विमान रिसीव करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत लौट आए हैं. उन्होंने राफेल की पूजा पर विरोधियों के दुष्प्रचार की बखिया उधेड़ दी. उन्होंने ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार करते हुए कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है.   

ईश्वर भक्ति का बचाव करके रक्षा मंत्री ने दिया विरोधियों को जवाब
विरोधियों को रक्षा मंत्री का जवाब

नई दिल्ली: विजयादशमी के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय परंपरा के मुताबिक राफेल का पूजन क्या किया. विरोधियों ने एक बार फिर से हंगामा खड़ा करने की कोशिश की. लेकिन राजनाथ सिंह ने वापस लौटते ही इस दुष्प्रचार का जवाब दिया है. . 

रक्षा मंत्री ने जवाब दिया कि 'मैंने वही किया, जो मुझे सही लगा। यह हमारी आस्था है कि कोई महाशक्ति है और मैं इस पर बचपन से भरोसा करता रहा हूं''. यही नहीं राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पार्टी के अंदरुनी अंतर्विरोधों की तरफ संकेत करते हुए कहा कि ''मुझे लगता है कि कांग्रेस पार्टी में भी इस मामले पर राय बंटी हुई होगी. जरूरी नहीं है कि हर किसी की यही राय हो.''

दरअसल वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारतीय परंपरा के मुताबिक राफेल की पूजा को तमाशा करार दिया था. उन्होंने कहा था कि जब कांग्रेस पार्टी ने बोफोर्स तोप खरीदी थी तब कोई उसे इस तरह दिखावा करते हुए लेने नहीं गया था.

हालांकि खड़गे के बयान का उनकी पार्टी के अंदर ही विरोध होने लगा. उनकी ही पार्टी के संजय निरुपम ने खड़गे को जवाब देते हुए कहा कि ''शस्त्र पूजा को तमाशा नहीं कहा जा सकता. हमारे देश में शस्त्र पूजा की पुरानी संस्कृति है. समस्या है ये है कि खड़गे जी नास्तिक हैं लेकिन कांग्रेस पार्टी में हर कोई नास्तिक नहीं है.'

विजयादशमी के मौके पर राफेल लड़ाकू विमान को रिसीव करने के लिए फ्रांस पहुंचे रक्षा मंत्री ने शस्त्र पूजन की परंपरा निभाते हुए राफेल की भी पूजा की थी. उन्होंने रोली से राफेल पर ऊँ लिखा, उसपर नारियल चढ़ाया और पहियों के नीचे नींबू रखवाया. जिसके बाद उनके उपर अंधविश्वासी होने का आरोप लगाया गया. 

लेकिन राजनाथ सिंह ने इसका जवाब देते हुए कहा कि 'सभी धर्मों के लोगों को अपनी आस्था के अनुसार प्रार्थना करने का अधिकार है। यदि किसी और ने ऐसा किया होता, तब मैं इस पर कोई आपत्ति नहीं करता।'

भारत लौटने पर पत्रकारों से बात करते हुए रक्षा मंत्री ने बताया कि राफेल 1800 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। मैंने 1300 किमी प्रति घंटे की स्पीड से इसमें उड़ान भरी। राफेल जेट का भारत आना पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के कारण ही संभव हो सका है।