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सावधान! दिल्ली में सांस लेना भी खतरे से खाली नहीं

दिल्ली में दिवाली दहशतवाली साबित हो रही है, जहरीली हवा और प्रदूषण की मार को लेकर देश की राजधानी में हाहाकार मचा है. दिल्ली हो या फिर एनसीआर धीरे-धीरे गैस चैंबर में तब्दील होता जा रहा है.

सावधान! दिल्ली में सांस लेना भी खतरे से खाली नहीं

नई दिल्ली: देश की राजधानी इन दिनों हांफ रही है, दिल्ली में खुली हवा में सांस लेना मतलब मौत को दावत देने जैसा है. प्रदूषण का बढ़ता स्तर देखकर ये समझना मुश्किल नहीं कि दिल्ली के हालात कितने ज्यादा खतरनाक हो चुके हैं. नोएडा से सटे अक्षरधाम मंदिर के आसपास का इलाका हो, या फिर पुरानी दिल्ली में लाल किला. राजधानी के एक कोने से दूसरे कोने को पूरी तरह पॉल्यूशन ने जकड़ रखा है. और ये हालत सिर्फ दिल्ली की नहीं बल्कि पूरे NCR में प्रदूषण का प्रकोप कुछ ऐसे ही पांव पसार रखा है.

फेल हो रही है हर नीति

दिल्ली NCR में जहरीली हवा और प्रदूषण की मार से हाहाकार मचा हुआ है. इस जहरीली हवा से बाहर निकालने के लिए सरकार की युद्धनीति भी फेल होती दिखाई दे रही है. लोग समझ नहीं पा रहे कि इस संकट से कैसे निपटा जाए. दीवाली के अगले दिन से ही दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को लेकर हालात और भी बद से बदतर हो चुके हैं. जहां तक आपकी नजर जाएगी वहां प्रदूषण के चलते धुंध छाई हुई है.

आकंड़ों की जुबानी, दिल्ली की कहानी

मंगलवार की तरह ही आज सुबह भी दिल्ली का AQI PM2.5 का स्तर 500 तक पहुंच गया जबकि PM10 का स्तर 379 रहा. जो बेहद खराब कैटेगरी में माना जाता है

वहीं गाजियाबाद में PM2.5 का स्तर 476 और PM10 - 339 तक जा पहुंचा

जबकि नोएडा में एयर क्वालिटी इंडेक्स PM2.5 का स्तर 300 के करीब है

इन आंकड़ों को देखकर ये कहना गलत नहीं होगा कि देश की राजधानी में हालात आपातकाल जैसे हो गए हैं. बुजुर्ग हो या बच्चे, या फिर नौजवान इस जहरीली धुंध के बीच अगर घर से बाहर भी निकलते हैं तो उनकी सेहत पर काफई बुरा असर पड़ता है. सांसों में जहरीली हवा धीरे-धीरे घुस रही है. ऐसे में अगर ये कहा जाए कि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है तो ये भी गलत नहीं होगा.

प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह 

सफर के मुताबिक, मंगलवार को पराली के धुएं ने दिल्ली को 25 प्रतिशत तक प्रदूषित किया. जो आज बढ़कर करीब 30 फीसदी तक चला गया है. पंजाब हरियाणा में किसान लगातार पराली जला रहे हैं. जिसके चलते पॉल्यूशन ने दिल्ली-एनसीआर को अपने आगोश में ले लिया है. बीते 24 घंटे में पराली के मामले बढ़कर 2577 पर पहुंच गए हैं. किसानों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि सरकार उनकी मदद नहीं कर रही जिस वजह से उन्हें पराली जलानी पड़ रही है.

अभी सर्दी ने ठीक तरह से दस्तक भी नहीं दी और धुंध इतनी बढ़ गई है कि पिछले दो-तीन दिनों से सूर्य देवता दर्शन ही नहीं हो रहे. अगर ये जहरीली हवा कम नहीं हुई तो आने वाले दिनों में और भी संकट के हालात पैदा हो जाएंगे.