दिल्ली में तारीख नहीं आई है, लेकिन ट्विटर-पोस्टर से सजने लगा है चुनावी मैदान

महाराष्ट्र-हरियाणा की चुनावी जंग निपट चुकी है. दोनों राज्यों में सरकारें बन गई हैं. इसी के साथ देश की जनता एक लंबी सांस ले चुकी है. अब सोच रही है नया क्या... तो नया यह है जनाब कि आंखें उठाइए, गरदन घुमाइए. आपको नजर आएगी कुतुबमीनार की ऊंचाई और लालकिले की चौड़ाई. यह दोनों दिखते ही समझ जाइए कि आप की आंखें दिल्ली की ओर देख रही हैं. जहां आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच चुनावी जंग शुरू हो चुकी है.

दिल्ली में तारीख नहीं आई है, लेकिन ट्विटर-पोस्टर से सजने लगा है चुनावी मैदान

नई दिल्लीः  दिल्ली पर आंखें लगाना बेहद दिलचस्पी भरा है इस समय. ऐसा इसलिए क्योंकि दिसंबर की गुनगुनी धूप में यहां का माहौल चुनावी हो चला है. कांग्रेस की बात नहीं करेंगे, वह आराम के मोड में है, लेकिन भाजपा और सत्ताधीश आम आदमी पार्टी में गजब का जोश-खरोश चल रहा है. 

तो यह जोश-खरोश कहां दिख रहा है
दोनों पार्टियां यह चुनावी माहौल सोशल मीडिया पर बना रही हैं. दिल्ली की राजनीति में सोशल मीडिया ने पिछले 10 सालों में बड़ी भूमिका निभाई है. आम आदमी पार्टी और भाजपा दोनों के आईटी सेल बेहद मजबूती के साथ मैदान में डटे हुए हैं. दिल्ली का चुनावी युद्ध इसी मैदान पर लड़ा जाना है. बल्कि इसकी शुरुआत भी हो चुकी है.

पोस्टर वार के साथ ट्विटर युद्ध भी छिड़ा हुआ है और जनता के मजे आ रहे हैं. मतलब राह चलते, मेट्रो में धक्के खाते और डीटीसी में सफर करते आपकी नजर इधर-उधर, जब चाहें जिधर पड़ जाए, तो आपको ऐसे चुनावी पोस्टर नजर आ जाएंगे. फिर जब आप फेसबुक खोलें, ट्विटर देखें तो वहां भी भाजपा-आप का युद्ध छिड़ा नजर आ ही जाएगा. 

तो दोनों में दिख क्या-क्या रहा है? मुद्दे क्या हैं?
अव्वल तो दोनों पार्टियां खुद को एक-दूसरे से बेहतर बताने में जुटी हैं. तो राजधानी में ऐसे कई पोस्टर नजर आएंगे जहां अपनी-अपनी तारीफ के पुल बांधे गए हैं.  मेट्रो में आम आदमी पार्टी के शिक्षा में सुधार वाले मुद्दे पर कई विज्ञापन दिखेंगे. इसीके साथ भाजपा, केजरीवाल का असली चेहरा जनता के सामने लाने दावा करते पोस्टर लगाती आई है. इसकी शुरुआत पिछले साल अगस्त से ही हो गई थी.

दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता तेजिंदर सिंह बग्गा ने अरविंद केजरीवाल को टारगेट करते हुए एक पोस्टर जारी किया था. इसमें केजरीवाल, लालू यादव से गले मिलते दिख रहे थे.  पोस्टर पर लिखा था - भ्रष्टाचार के खिलाफ बात करने वाले तथाकथित ईमानदार अरविंद केजरीवाल अपने दोस्त लालू यादव की सजा पर मौन क्यों. यानी कि भाजपा की तरफ से उछाला गया पहला मुद्दा ईमानदारी का है. 

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इसी साल जुलाई में भी लगे थे पोस्टर
अकाली-शिरोमणि दल ने इसी साल जुलाई में सीएम केजरीवाल पर घोटाले का आरोप लगाते हुए पोस्टर लगाए थे. केजरीवाल सरकार के घोटालों पर तंज कसते हुए अकाली शिरोमणि दल के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा में दिल्ली में कई जगह पर पोस्टर लगाए थे, जिनमें लिखा गया था कि दिल्ली का सबसे बड़ा लुटेरा अरविंद  केजरीवाल सरकार के शिक्षा विभाग में करोड़ों के घोटाले होने का दावा दिल्ली भाजपा ने किया था.

जिसको देखते हुए यह पोस्टर लगाए गए थे. कहा गया कि भ्रष्टाचार को मिटाने आई पार्टी सबसे बड़ी भ्रष्ट पार्टी बन गई है. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी का कहना है कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया का गठजोड़ शिक्षा के नाम पर भ्रष्टाचार कर रहा है. 

ट्विटर पर पानी को लेकर तकरार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने पिछले दिनों पानी को लेकर ट्वीट किया था. उन्होंने लिखा कि फ्री पानी के नाम पर दिल्ली की जनता को जहर पिला रहे हैं. देश के 20 शहरों के पानी पर हुए सर्वे में दिल्ली का पानी सबसे ज्यादा जहरीला पाया गया. विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार लोगों को साफ पानी तक मुहैया कराने में नाकाम रही है.

 

इस पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने जवाब में लिखा था कि 'सर, आप तो डॉक्टर हैं. आप जानते हैं कि यह रिपोर्ट झूठी है, राजनीति से प्रेरित है. आप जैसे व्यक्ति को ऐसी गंदी राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहिए.

प्रदूषण का मुद्दा भी दिखा, गौतम गंभीर के लगे पोस्टर
बीते महीने दिल्ली जब प्रदूषण की मार झेल रही थी, तो इसी दौरान पेड़ों पर भाजपा सांसद गौतम गंभीर के पोस्टर नजर आए थे. माजरा था कि शहरी विकास मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्थायी समिति की एक बैठक को इसलिए रद्द करना पड़ा था क्योंकि कई सांसद और अधिकारी इस बैठक में पहुंचे ही नहीं थे. बैठक में दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा होनी थी.

पोस्टर पर लिखा था कि क्या आपने इन्हें कहीं देखा है? आखिरी बार इन्हें जलेबी खाते हुए इंदौर में देखा गया था. पूरी दिल्ली इन्हें ढूंढ रही है. 

और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं मनोज तिवारी के गाने
दोनों दलों की लड़ाई केवल मुद्दों तक ही नहीं सीमित है. बल्कि इससे एक कदम आगे बढ़कर है. सोशल मीडिया पर मनोज तिवारी के पुराने गाने वायरल किए जा रहे हैं. हालांकि यह सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी की ओर से नहीं शेयर किए जा रहे हैं, लेकिन इसमें आईटी सेल का हाथ होने से इनकार नहीं किया जा सकता है. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी राजनीति में आने से पहले भोजपुरी गायक रहे हैं.

रिंकिया के पापा उनका प्रसिद्ध गीत रहा है, लेकिन इन दिनों सोशल प्लेटफॉर्म पर उनका एक गाना बेबी बीयर पी के... खूब वायरल किया जा रहा है. कैप्शन लिखा गया है कि अगर दिल्ली में बीजेपी जीती तो यह होंगे आपके मुख्यमंत्री. दिल्ली वालों सतर्क रहो. 

https://www.youtube.com/watch?v=HTnwBT0ECAU

मनोज तिवारी हो सकते हैं सीएम उम्मीदवार
कुछ दिनों पहले केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि हम दिल्ली विधानसभा चुनाव भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी के नेतृत्व में लड़ने जा रहे हैं, और हम उन्हें सीएम बनाकर ही दम लेंगे. हालांकि अभी भाजपा ने दिल्ली में अपना सीएम उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. चुनाव आयोग की तरफ से भी चुनाव की तारीखें नहीं घोषित की गई हैं.

केंद्रीय मंत्री के ऐसा कहने के बाद आप नेता मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को उम्मीदवार बनाए जाने की बधाई दी थी. 

उम्मीदवार कोई भी हो, फिलहाल दिल्ली में जो सियासी और चुनावी माहौल चल रहा है. वह आने वाले दिनों में और मजेदार होने वाला है. सोशल मीडिया की दखल के कारण इसमें मनोरंजन का तड़का भी खूब लगेगा और ह्यूमर तो रोज नया ही देखने को मिलेगा. 

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