धन्यवाद रैली के मंच से हुआ दिल्ली में चुनावी जंग का ऐलान

दिल्ली में चुनाव की सियासी जमीन तैयार होने लगी है. झारखंड के चुनाव के बाद राजनीतिक दल अब इधर ध्यान केंद्रित करेंगे. भले ही दिल्ली विधानसभा की चुनाव की तारीखें अभी न आई हैं लेकिन आने वाले दिनों में यहां सियासी उठापटक और जुबानी जंग तेज होने के आसार हैं. पीएम मोदी की रैली के बाद सीएम केजरीवाल की ट्वीट कम से कम इसी ओर इशार कर रहा है.

धन्यवाद रैली के मंच से हुआ दिल्ली में चुनावी जंग का ऐलान

नई दिल्लीः  दिल्ली समेत पूरे देश को ठंड जिस तरीके से कंपा रही है, उसे टक्कर देने के लिए दिल्ली विधानसभा के चुनाव बस आने ही वाले हैं. चुनाव आयोग ने तारीखों की घोषणा तो नहीं कि है, राजनीतिक दलों के बीच ऐलानिया उठा-पटक शुरू हो गई है. जल्द ही यह उठा-पटक चुनावी जंग में तब्दील हो जाएगी और फिर देखने को अलग-अलग तरह के हथकंडे देखने को मिलेंगे. इसका इशारा रविवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी की रैली से मिला. हुआ यूं कि उन्होंने कच्ची कॉलोनियों के पक्के करने के कानून का धन्यवाद स्वीकार किया और फिर मिर्ची लगा गए.  

मोदी जी ने पलीते में आग लगा दी है
दिन था रविवार, जगह थी दिल्ली का रामलीला मैदान, जो हर बार चुनावी लीला की जमीन बनता है. आज भी मजमा वहीं लगा था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देने के लिए धन्यवाद रैली की गई थी. मंच पर प्रधानमंत्री पहुंचे और फिर अपनी शैली में भाषण की शुरुआत की. एक-एक मुद्दे आते गए और विरोधी दल जमीन पर पड़ते गए. जनता खुश होती गई. बात आई कच्ची कॉलोनियों को पक्का करने की तो पीएम ने इशारों में ही आम आदमी पार्टी को खूब घेरा और कांग्रेस को भी नहीं बख्शा. कॉलोनियों को मंजूरी नहीं मिलने को लेकर उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने दिल्ली के लोगों को इस अधिकार से दूर रखा वे देख सकते हैं कि अधिकार मिलने पर क्या खुशी होती है.

और फिर यहां से निकला धुआं
प्रधानमंत्री के बोलने के बाद इशारा जहां था, तीर वहीं जाकर भेद गया. जरा सी देर बाद आप मुखिया और दिल्ली के सीएम केजरी वाल का ट्वीट भी आ गया. सीएम ने ट्विटर पर लिखा, 'रजिस्ट्री का क्या हुआ? कच्ची कॉलोनियों के साथ फिर धोखा? लोगों को उम्मीद थी आज रजिस्ट्री शुरू हो जाएगी. लेकिन फिर धोखा? पहले कांग्रेस झूठे वादे करती थी, अब भाजपा ने भी वही किया पर चिंता मत करना. हमने कच्ची कालोनियों में सभी विकास के काम करवाए, अब इनसे रजिस्ट्री भी करवा के देंगे. 

हालांकि कांग्रेस चुप है अभी
कांग्रेस के लिए खैर अभी बोलने वाली कोई बात नहीं है. उनके नए प्रदेश अध्यक्ष अभी समीकरणों को समझ रहे होंगे. उनकी तरफ से कोई बयान नही है. दिल्ली में लगातार 15 सालों तक कांग्रेस सत्तासीन रही है. सुभाष चोपड़ा की अध्यक्षता में फिर से जोश भरा जा रहा है. पीएम मोदी की रैली के बाद सुभाष चोपड़ा पर दिल्ली वालों के दिल में जगह बनाने के लिए रणनीतियां बनानी हैं.

हालांकि चोपड़ा जब से दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने हैं, लगातार भाजपा और आप पर हमलावर हैं. पीएम मोदी की इस रैली को भी व्यापक तौर कांग्रेस की रैली का ही जवाब समझा रहा है. 14 दिसंबर को कांग्रेस ने भारत बचाओ रैली की थी. 

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आम आदमी पार्टी भी तैयारी कर रही है
आठ दिन कें अंदर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी रैलियां कर चुनावी जंग का आगाज कर दिया है. ऐसे में हो सकता है कि आने वाले कुछ दिनों में आम आदमी पार्टी भी एक बड़ी रैली कर कांग्रेस-भाजपा को चुनौती देती नजर आए. आप मुखिया और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल तकरीबन हर सप्ताह एक-दो जनसभाओं में जरूर नजर आ जाते हैं, लेकिन कांग्रेस-भाजपा की तरह बड़ी रैली बाकी है.

हो सकता है कि दिल्ली के लोग जल्द ही रामलीला मैदान में ही आम आदमी पार्टी की बड़ी रैली देखें. 

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