भीषण बर्फबारी के चलते पहाड़ों पर आवागमन में आ रही मुश्किलें

पिछले एक हफ्ते से पहाड़ों पर बर्फबारी रूकने का नाम नहीं ले रही है. इसके चलते पूरा का पूरा पहाड़ी इलाका अस्त-वयस्त हो गया है. लोगों के बचाव के लिए जगह-जगह बचाव दल को तैनात किया जा रहा है.

भीषण बर्फबारी के चलते पहाड़ों पर आवागमन में आ रही मुश्किलें

रोहतांग: देश के पहाड़ी इलाकों की हालात गंभीर बनी हुई है. पिछले एक हफ्ते से हिमस्खलन की खबरें आ रही है. कहीं भारी बर्फबारी के चलते सड़कें जाम हो गईं हैं तो कहीं लोग फंसे हुए हैं. देश के पहाड़ी इलाकों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हो रही भीषण बर्फबारी को देखते हुए राज्य सरकार भी कुछ बड़ा फैसला लेने की तैयारी में हैं.

रोहतांग दर्रा में वाहनों के आवागमन के लिए 38 BRTF को बहाल किया गया है. लाहौल स्पीति  की वजह से और सेब के सप्लाई के चलते कई बड़े वाहन उन सड़कों पर आना जाना करते हैं. इसे देखते हुए लाहौल स्पीति प्रशासन के अनुरोध के बाद अब वाहनों की आवाजाही लाहौल से कुल्लू तक ही की जाएगी. फिर अगले दिन वाहन कुल्लू से लाहौल की तरफ आएगी. मरही की स्थिति भी काफी नाजुक बनी हुई है, वहां का तापमान जीरो डिग्री से भी कम हो गया है जिसकी वजह सो सड़कों पर बर्फ जम गए है. बढ़ती बर्फबारी को देखते हुए आसपास के लोगों के साथ ही सैलानियों से भी अनुरोध की गई है कि सड़क की स्थिति से निपटने के लिए वाहनों में जंजीर, हुकुम और अन्य आवश्यक उपकरण जरूर साथ रखें. साथ में सावधानी बरतने की भी अपील की जा रही है. 

मरही के और भी बचाव दल के लोग कार्य में लगे हुए हैं, लोगों को सूचित किया जा रहा है कि किसी भी कठिनाई की स्थिति में बचाव दल की मदद लें. लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आंदोलन के समय को दिन के समय प्रतिबंधित किया जाएगा, BRO अधिकारियों ने पास को बहाल करने के लिए योमेन सर्विस बहाल की है ताकि उनके नाम को भी प्रशंसा मिल सके. रोहतांग दर्रे को पार करते समय सभी प्रकार की सावधानी बरतने के लिए लोगों से निवेदन किया जा रहा है, क्योंकि बर्फ ने वाहनों की आवाजाही को काफी मुश्किल बना दिया है.