हर्षवर्धन का करारा वार, लोगों की जान जोखिम में डालकर वसूली कर रही है उद्धव सरकार

डॉ. हर्षवर्धन ने महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री के आरोपों का जवाब देते हुए पलटवार किया है. राजेश टोपे ने कहा था कि महाराष्ट्र में केंद्र की वैक्सीन की कमी है. इस आरोप को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आधरहीन करार दिया है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Apr 7, 2021, 07:58 PM IST
  • टोपे के बयान पर हर्षवर्धन का पलटवार
  • 'जरूरत के हिसाब से वैक्सीन दे रहे'
हर्षवर्धन का करारा वार, लोगों की जान जोखिम में डालकर वसूली कर रही है उद्धव सरकार

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के आरोपों पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा है कि राज्यों को जरूरत के हिसाब से वक्सीन दे रहे हैं. दरअसल, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने केंद्र सरकार पर लगाया गंभीर आरोप और कहा था कि महाराष्ट्र में केंद्र की वैक्सीन की कमी है.

महाराष्ट्र सरकार की ‘निजी वसूली’

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 'महाराष्ट्र में कोरोना वैक्सीन की कमी का आरोप आधारहीन है. पिछले साल कोरोना के खिलाफ लड़ाई के दौरान मैंने केंद्रीय मंत्री रहते हए मैंने महाराष्ट्र में लापरवाह रवैये और कुशासन का साक्षी रहा हूं. उनके इस लापरवाह रवैये की वजह से देश की कोरोना के खिलाफ लड़ाई को तगड़ा झटका लगा है.'

उन्होंने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि महाराष्ट्र सरकार ‘निजी वसूली’ के खातिर लोगों को कोविड संस्थागत पृथकवास की आवश्यकता से बचकर निकल जाने देकर उनकी जान खतरे में डाल रही है. 

'चिकित्सा क्षेत्र और अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स के वैक्सीनेशन के मामले में महाराष्ट्र सरकार का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है. यह देखकर बहुत झटका लगा कि किस तरह महाराष्ट्र सरकार लोगों की जान खतरे में डाल रही है और अपनी वसूली के लिए सरकारी क्वारंटीन सेंटर्स से लोगों को भागने दे रही है.'

वैक्सीन के बारे में गलत अफवाहें

डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि 'इसी तरह हमने छत्तीसगढ़ के नेताओं के भी बयान सुने हैं जो कोरोना वैक्सीन के बारे में गलत और अफवाह फैलाने वाले हैं. इस तरह के बयान देकर राजनीति करने से बेहतर होता कि वो अपने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर और मजबूत बनाने पर ध्यान देते.'

केंद्र से वैक्सीन की आपूर्ति बढ़ाने की मांग

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों से जूझ रहे मुंबई शहर में कोविड-19 रोधी टीके की खुराकों की कमी हो जाने का दावा करते हुए महापौर किशोरी पेडनेकर ने बुधवार मांग की है कि केंद्र को तत्काल इनकी आपूर्ति बढ़ानी चाहिए.

पेडनेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मुम्बई में मंगलवार दोपहर तक टीकाकरण अभियान की मुख्य दवा कोविशील्ड की बस 1.76 लाख खुराक थीं. उन्होंने कहा कि अब तो इनकी संख्या और कम हो गई होगी. उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 टीके शहर में 108 चिकित्सा केंद्रों पर लगाये जा रहे हैं तथा कुछ स्थानों जैसे बड़े स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना करीब 2000 टीके लगाये जा रहे हैं.

महापौर ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे और विपक्षी नेताओं को इस शहर एवं राज्य के अन्य क्षेत्रों में टीके की पर्याप्त खुराकों को लेकर गहन प्रयास करने चाहिए.

राजेश टोपे ने लगाया था ये आरोप

उससे पहले दिन में टोपे ने कहा था कि महाराष्ट्र में कई टीकाकरण केंद्र कोरोना वायरस टीकों की कमी की वजह से बंद किये जा रहे हैं और फिलहाल राज्य में 14 लाख खुराक ही हैं जो बस तीन दिनों में खत्म हो जायेंगी।
पेडनेकर ने कहा, ‘जरूरी है कि केंद्र सरकार लोगों के लिए टीके उपलब्ध कराए.’

उन्होंने कहा कि यदि कमी रहती है लोग टीके की दूसरी खुराक नहीं ले पाएंगे जबकि कोविड-19 के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए यह अनिवार्य है. महापौर ने कहा कि शहर के बाशिंदे कोविड-19 टीकाकरण के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखा रहे हैं और इस कमी से उनका उत्साह कमजोर होगा.

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मुंबई भारत में कोविड-19 संक्रमण की दृष्टि से सबसे खराब स्थलों में एक है और पिछले कुछ सप्ताहों में यहां इसके मामले अप्रत्याशित रूप से बढ़े हैं. मंगलवार को यहां और 10300 लोग संक्रमित पाये गये जबकि संक्रमण से 31 मरीजों की मौत हुई.

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