जन्मदिवस विशेष: श्वेत क्रांति के जनक वर्गीज कुरियान को करें याद

वर्गीज कुरियन एक ऐसा नाम जिन्हें श्वेत क्रांति का जनक कहा जाता है. कुरियन की वजह से ही जिस देश में दूध की कमी आ गई थी वह देश दूध उत्पादन में बहुत आगे पहुंच चुका है.  

जन्मदिवस विशेष: श्वेत क्रांति के जनक वर्गीज कुरियान को करें याद

नई दिल्ली: वर्गीज कुरियन भारत में ऑपरेशन फ्लड लेकर आए जो सिर्फ भारत का ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी डवलमेंट प्रोग्राम था. इस श्वेत फ्लड के बलबुते ही भारत में दूध उत्पादन को बढ़ावा मिला. ऑपरेशन फ्लड की शुरुआत 1970 में की गई थी. ऑपरेशन फ्लड की वजह से जो लोग डेयरी उद्योग से जुड़े हुए थे उनका मार्ग दर्शन किया गया और संसाधनों का कंट्रोल उनके हाथों में दिया गया. पूरा भारत देश कुरियन के जन्मदिन को 'नेशनल मिल्क डे' के रूप में मनाता है जिसकी शुरुआत साल 2014 से की गई. भारत का राष्ट्रीय मिल्क ग्रिड देशभर के 700 से अधिक शहरों और नगरों के दूध उत्पादकों को उपभोक्ताओं से जोड़ता है.

कुरियन की सोच और कामों से ही आज भारत दूग्ध उत्पादन देशों में आगे है. इसके अलावा वर्गीज कुरियन की कंपनी अमूल भी आज अरबों उपभोक्ताओं तक प्रतिदिन दूग्ध पहुंचा रहा है. 

पहली बार भैंस के दूध से पाउडर बना विश्व को चौंकाया

गाय के दूध से पाउडर के निर्माण के पारंपरिक तरीकों को भी बदलते हुए कुरियन ने भैंस के दूध से पाउडर बनाया और पूरे विश्व के सामने एक नई तकनीक का इजाद किया. कुरियन ने पहली बीर यह काम 1955 में किया और इसके लिए कुरियन ने 1955 में प्लांट भी लगाया.

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कैसे हुआ अमूल का नामाकरण

दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कुरियन ने 1949 में कैरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (KDCMPUL)  डेयरी का काम संभालना प्रारंभ किया. वर्गीज कुरियन के नेतृत्व में दूध उत्पादन में एक क्रांति सी आई और KDCMPUL की को-ऑपरेटिव सोसाइटियां बनीं. दूध उत्पादन को देखते हुए प्लांट लगाने का फैसला लिया गया ताकि दूध को संरक्षित किया जा सके. 

कुरियन KDCMPUL को ऐसा नाम देना चाहते थे जिसे हर कोई जानें. प्लांट के कर्मचारियों के सुझाव पर KDCMPUL का नाम बदलकर अमूल नाम रखा गया जिसका अर्थ होता है अनमोल. 

1.6 करोड़ से ज्यादा दूध उत्पादक
देशभर में 1.6 करोड़ से ज्यादा लोग दूध उत्पादक अमूल प्लांट से जुड़े हुए हैं. ये दूध उत्पादक देशभर में करीब 1,85,903 डेयरी को-ऑपरेटिव सोसाइटियों के जरिए अमूल तक अपना दूध पहुंचाते हैं और 218 डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव यूनियनों में दूध की प्रॉसेसिंग होती है.

अमूल को देशभर के लोग जानते हैं चाहे कोई भी राज्य हो, अमूल ने अपनी एक पहचान बना ली है. 

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सम्मान
भारत सरकार ने वर्गीज कुरियन को पद्म विभूषण, पद्म श्री, पद्म भूषण से सम्मानित किया इसके साथ ही उन्हें सामुदायिक नेतृत्व के लिए रेमन मैग्सेसे पुरस्कार, कार्नेगी वाटलर विश्व शांति पुरस्कार और अमेरिका के इंटरनेशनल पर्सन ऑफ द ईयर से भी नवाजा जा चुका है.

कुरियन का जन्म केरल के कोझिकोड में 26 नवंबर 1921 को हुआ था और 9 सितंबर 2012 को मृत्यु हो गयी.