भारत की डिफेंस इंडस्ट्री को बड़ी ताकत मिली है. DRDO की इकाई Combat Vehicles Research and Development Establishment (CVRDE) ने बड़ा ऐलान किया है. वह देश में ही एक 600 हॉर्सपावर (hp) का नया इंजन तैयार किया है. इसे Ashok Leyland की मदद से बनाया गया है. इस इंजन का प्रयोग DRDO के Wheeled Armoured Platform (WhAP) 8×8 में होगा. इसके अलावा भारतीय सेना के Future Infantry Combat Vehicle (FICV) प्रोग्राम में होगा.
पुराने BMP-II की जगह लेगा नया सिस्टम
भारतीय सेना के पास फिलहाल जो BMP-II (Sarath) इन्फैंट्री फाइटिंग व्हीकल हैं. अब वो पुराने हो चुके हैं. नए इंजन के साथ आने वाले व्हीकल्स इन्हें रिप्लेस करेंगे. इससे सेना की मेकनाइज्ड इन्फैंट्री (यानी ट्रैक और व्हील वाले लड़ाकू वाहनों से लैस यूनिट्स) की ताकत काफी बढ़ जाएगी. यह इंजन ऊंचे इलाकों और रेगिस्तानी इलाकों में बेहतर परफॉर्मेंस देगा.
‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत बना ये इंजन
इस इंजन की डिजाइनिंग साल 2021 में ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत शुरू हुई थी. इसे पूरी तरह भारत में डिजाइन किया गया है. ताकि विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम की जा सके. DRDO की CVRDE लैब ने इसका डिजाइन तैयार किया है. Ashok Leyland ने इसे चेन्नई स्थित फैक्ट्री में बनाया गया है. Automotive Research Association of India (ARAI), पुणे ने इसे टेस्ट किया है. इसमें देखा गया कि यह सभी सैन्य मानकों पर खरा उतरता है.
इंजन की ताकत और फीचर्स
यह इंजन V8 डीजल इंजन है. जो टर्बोचार्ज्ड और चार्ज-कूल्ड सिस्टम पर चलता है. डायरेक्ट इंजेक्शन टेक्नोलॉजी दी गई है. इससे फ्यूल एफिशिएंसी और पावर दोनों बढ़ जाते हैं. टाइप V90, 8 सिलिंडर, टर्बोचार्ज्ड, चार्ज-कूल्ड है. पावर 600 hp है. स्पीड 3000 rpm है. इसके टॉर्क की बात करें तो 1505 Nm है. वहीं कैपेसिटी 9.15 लीटर है. स्पेसिफिक पावर: 65 hp प्रति लीटर है. जो भारत में सबसे अधिक है.
CVRDE की रिपोर्ट के मुताबिक, इस इंजन ने अब तक 100 घंटे से ज्यादा का रिगर टेस्टिंग टाइम पूरा कर लिया है. डायनेमिक टेस्ट्स में इसने 600 hp का टारगेट पावर और 1505 Nm टॉर्क हासिल किया है.
50 हजार करोड़ रुपये के FICV प्रोग्राम में अहम भूमिका
भारतीय सेना का FICV (Future Infantry Combat Vehicle) प्रोजेक्ट करीब 50000 करोड़ रुपये का है. इसके तहत 2600 से ज्यादा नए कॉम्बैट व्हीकल्स अगले कुछ सालों में शामिल किए जाएंगे. ये वाहन आधुनिक एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम, 30mm ऑटो-कैनन और एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम से लैस होंगे. इस प्रोजेक्ट के लिए Allison Transmission को अप्रैल 2025 में गियरबॉक्स सप्लायर चुना गया था. अब CVRDE का यह नया इंजन उसी पावरपैक का हिस्सा बनेगा.
इंजन से बढ़ेगी सेना की ताकत
इस इंजन में 85% से ज्यादा लोकल कंटेंट है. लगभग पूरा इंजन भारत में ही बना है. यह कदम भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा माइलस्टोन साबित हो सकता है. यह इंजन सेना के नए वाहनों को बेहतर स्पीड, ज्यादा लोड कैपेसिटी और बेहतर ईंधन दक्षता देगा.
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