तेजस Mk2 बनेगा 'साइलेंट किलर'! DRDO ने मांगा नया रडार डोम, EW सिस्टम को मिलेगी सुपर-ताकत

Tejas Mk2 radar dome: DRDO के तहत आने वाली एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी यानी ADA ने भारत के महत्वाकांक्षी फाइटर जेट LCA तेजस Mk2 के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है. ADA ने LCA Mk2 के लिए इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट के तहत एक खास 'ब्रॉडबैंड रेडोम' बनाने के लिए RFP जारी किया है.

Written by - Prashant Singh | Last Updated : Nov 15, 2025, 11:47 AM IST
  • DRDO ने Mk2 के लिए जारी किया RFP
  • ब्रॉडबैंड रेडोम देगा सुपर EW की ताकत
तेजस Mk2 बनेगा 'साइलेंट किलर'! DRDO ने मांगा नया रडार डोम, EW सिस्टम को मिलेगी सुपर-ताकत

Tejas Mk2 radar dome: इंडियन एयरफोर्स अपनी हवाई बादशाहत को बनाए रखने के लिए स्वदेशी लड़ाकू विमानों पर बड़ा दांव लगा रही है. इन लड़ाकू विमानों के डेवलपमेंट का सबसे बड़ा जिम्मा DRDO पर है. ऐसे में DRDO ने तेजस Mk2 लड़ाकू विमान के लिए RFI जारी किया है. इस RFI के तहत, DRDO के अंतर्गत आने वाली संस्था ADA ने LCA Mk2 के लिए इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट के तहत ब्रॉडबैंड रेडोम बनाने के लिए RFP जारी किया है. ऐसे में, आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

LCA Mk2 बनेगा बेहद ताकतवर
LCA Mk2. भारत के हल्के लड़ाकू विमान तेजस का एक ज्यादा ताकतवर और बड़ा वर्जन है. वर्तमान में यह डेवलपमेंट फेज में है. इस जेट को पांचवीं पीढ़ी के करीब की क्षमताएं देने के लिए DRDO लगातार काम कर रहा है. ADA द्वारा जारी किया गया RFP सीधे तौर पर LCA Mk2 के ईडब्ल्यू सूट से जुड़ा है. EW सूट वह सिस्टम होता है जो दुश्मन के रडार और मिसाइल को जाम करता है.

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ऐसे में, इस नए रेडोम की खासियत यह है कि यह 'ब्रॉडबैंड' होगा और इसमें 'इंटीग्रेटेड पोलराइजर' लगा होगा. ब्रॉडबैंड रेडोम का मतलब है कि यह रडार को बहुत वाइड रेंज की फ्रीक्वेंसी पर काम करने देगा, जिससे जेट ज्यादा एडवांस सिग्नल भेज और पकड़ सकेगा. 'पोलराइजर' एक टेक्नोलॉजी है जो रडार के सिग्नल को ज्यादा साफ बनाती है. यह पूरा सिस्टम LCA Mk2 को युद्ध के मैदान में बेहतर सर्वाइवल और दुश्मन के खतरों को चकमा देने की जबरदस्त क्षमता देगा.

रेडोम और पोलराइजर का क्या काम?
रेडोम विमान के सबसे आगे लगा एक गुंबद जैसा कवर होता है जो रडार को ढककर रखता है. रेडोम रडार को तेज हवा, बारिश और धूल से बचाता है, लेकिन साथ ही रडार सिग्नल को बिना रोके बाहर निकलने देता है.

आपको बता दें, 'ब्रॉडबैंड रेडोम' का मतलब है कि यह कई तरह की फ्रीक्वेंसी को बिना किसी रुकावट के गुजरने देगा. यह LCA Mk2 को ज्यादा जटिल EW ऑपरेशंस करने की क्षमता देगा. 'इंटीग्रेटेड पोलराइजर' का इस्तेमाल रडार सिग्नल की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है, जिससे दुश्मन के सिग्नल को ज्यादा सटीकता से पहचाना और जाम किया जा सके.

स्वदेशीकरण की अहमियत
इस खास तकनीक के विकास के लिए भारतीय कंपनियों को चुनना एक रणनीतिक जरूरत है. इस रेडोम को भारत में बनाने से हमारी सेना को इस महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी पर पूरा कंट्रोल मिल जाएगा, जिससे इसे जरूरत के हिसाब से मॉडिफाई करना आसान होगा. यह प्रोजेक्ट भारत को ई-वॉरफेयर और रडार टेक्नोलॉजी के जटिल क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगा, जो भविष्य के युद्धों के लिए बेहद जरूरी है.

LCA Mk2 के EW सूट के लिए इस एडवांस रेडोम का विकास, भारत की स्वदेशी रक्षा टेक्नोलॉजी में एक बड़ी उपलब्धि होगी. जो तेजस Mk2 को दुनिया के बेहतरीन फाइटर जेट्स की श्रेणी में खड़ा करेगा.

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