मध्य प्रदेश में बढ़ गया ड्रग्स का कारोबार, नशे के कारोबारियों के निशाने पर युवा वर्ग

मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार के शासनकाल में जरायपेशा लोगों के हौसले बुलंद हैं. खास तौर पर ड्रग्स के कारोबारी खुलेआम अपना धंधा चला रहे हैं. लेकिन इसकी वजह से प्रदेश की नई पीढ़ी बर्बाद होती जा रही है. क्योंकि नशे के कारोबारियों ने स्कूलों और कॉलेजों को अपना अड्डा बना रखा है.  

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jan 11, 2020, 05:11 PM IST
    • मध्य प्रदेश में ड्रग्स कारोबार परवान पर
    • अभी तक कुल 14 आरोपी गिरफ्तार
    • एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में हुई कार्रवाई
    • ड्रग कारोबार में इंजीनियरिंग छात्र शामिल.
    • दूसरे कॉलेज स्टूडेंट्स के भी शामिल होने के मिले संकेत.
    • गर्ल फ्रेंड को भी बनाया जाता है ड्रग का आदी
    • मिलकर किया जाता है ड्रग कारोबार
मध्य प्रदेश में बढ़ गया ड्रग्स का कारोबार, नशे के कारोबारियों के निशाने पर युवा वर्ग

भोपाल: मध्य प्रदेश, जल्द ही  उड़ता मध्य प्रदेश बन सकता है. क्योंकि यहां का ड्रग माफिया कॉलेज कैंपस तक पहुंच गया है. यहां छात्रों की महफिलों में खतरनाक और जानलेवा ड्रग्स पहुंचाए जा रहे हैं. नशे के कारोबारियों के जाल में फंसकर छात्र पहले खुद ड्रग एडिक्ट होते हैं, फिर महंगे ड्रग की बार-बार चाहत की वजह से उन्हें ड्रग्स कारोबार में कूदने को मजबूर कर दिया जाता है. 

लड़कियों को भी डाल देते हैं ड्रग्स की लत
भोपाल में पुलिस की कार्यवाही में जब ड्रग कारोबारी पकड़े गए. तब ऐसे नौजवान भी मिले जो नशे की लत के लिए गर्लफ्रेंड बनाते हैं, जिसके बाद उसे भी ड्रग्स की लत डाल देते हैं. फिर मिलकर ड्रग कारोबार करते हैं. 

मध्यप्रदेश में ड्रग माफिया के टारगेट पर हैं कॉलेज स्टूडेंट्स और कैंपस. यह उन जगहों पर निशाना बना रहे हैं जहां कॉलेज स्टूडेंट से इकट्ठा होते हैं.  भोपाल पुलिस की क्राइम ब्रांच के एक कार्रवाई में इस गिरोह का खुलासा हुआ. 

पुलिस ने यशु वर्मा नाम के युवक को पकड़ा. जो कि सिविल इंजीनियर है. वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ ड्रग्स के कारोबार में पकड़ा गया.  पुलिस पूछताछ में पता लगा पहले वह ड्रग एडिक्ट बना, इसके बाद एमडी जैसे महंगे ड्रग की जरूरत पूरा करने के लिए दोनों ने इसी को अपना कारोबार बना लिया. 

इस तरह काम करता है ड्रग्स माफिया
ज़ी मीडिया की टीम ने पड़ताल करके यह पता लगाया कि यह रैकेट कैसे काम करता है. जिसमें चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि गिरोह के सदस्य स्टूडेंट के ग्रुप के बीच में पहुंचकर मामूली सी दिखाई देने वाली सिगरेट में ड्रग मिलाकर स्टूडेंट्स को पहले एडिक्ट बनाते हैं फिर उन्हीं से ड्रग की स्मग्लिंग शुरू कर देते हैं. 

भोपाल की पुरानी तंग गलियों में अफीम, ब्राउन शुगर, गांजा, स्मैक जैसे नशीले और जानलेवा मादक पदार्थों का धंधा चलता है. ब्राउन शुगर और स्मैक जैसी नशीली चीजें यहां से सीधे उन जगहों पर पहुंचती है जहां नौजवानों का जमावड़ा रहता है.  सिगरेट को अपनी लाइफ स्टाइल का हिस्सा मानने वाले नौजवानों को ब्राउन शुगर और स्मैक जैसे ड्र्ग्स तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहे हैं. 

सिगरेट को बनाते हैं माध्यम
ड्रग रैकेट के लोग अपना कारोबार बढ़ाने के लिए कैंपस में उन स्टूडेंट्स को टारगेट कर रहे हैं जो सिगरेट पीने के आदी हैं.  अपने जैसा दिखने वाला एक शख्स नौजवानों की मंडलियों में शामिल होकर एक ऐसी सिगरेट ऑफर करता है जिसमें ड्रग की मिलावट होती है.  इससे सिगरेट का स्वाद नया और असरदार हो जाता है, धीरे-धीरे यही सिगरेट लत बन जाती है और नौजवानों की मंडली ड्रग एडिक्ट. ड्रग माफिया अपना कारोबार बढ़ाने के लिए इसी तरकीब का इस्तेमाल कर रहा है. 

पुलिस ने किया रैकेट का भंडाफोड़
चंद रोज पहले भोपाल पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे ही रैकेट का पर्दाफाश किया था.  इस रैकेट के लोग नौजवान लड़के और लड़कियों को पहले ड्रग एडिक्ट बना रहे थे और फिर ड्रग की जरूरत पूरा करने के लिए उन्हें ही अपने दोस्तों के बीच ड्रग बेचने को मजबूर कर रहे थे.  भोपाल पुलिस को जब इस बात का पता लगा तो माफिया के खिलाफ चल रही मुहिम में ड्रग माफिया भी जोड़ दिया गया. 

भोपाल पुलिस पिछले कई वक्त से ड्रग कारोबारियों की धर पकड़ कर रही है. उनसे अफीम गांजा के साथ स्मैक और ब्राउन शुगर भी जब्त किया जा रहा है.  कारोबारी तो पकड़े जा रहे हैं, लेकिन अब तक इस रैकेट को कठपुतली की तरह चलाने वाले मुखिया पुलिस गिरफ्त से बाहर है. 

पिछले दिनों हुई पुलिस कार्रवाई में चंद ही दिनों में 58 किलो गांजा 45 ग्राम ब्राउन शुगर 13.10 ग्राम एमडी मादक पदार्थ एवं ढाई सौ ग्राम चरस जब्त की गई है. 

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