कैग पर निर्भर करता है देश का आर्थिक स्वास्थ्यः पीएम मोदी

प्रधानमंत्री दिल्ली में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षकों के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कैग को पेशे से जुड़ी धोखाधड़ी से निपटने के लिए नवीन तौर तरीकों पर ध्यान देना चाहिए. इस दौरान उन्होंने लेखा परीक्षक प्रशासन संचालन और क्षमता में सुधार लाने में योगदान करने के लिए भी कहा है. 

कैग पर निर्भर करता है देश का आर्थिक स्वास्थ्यः पीएम मोदी

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अकाउंटेंट्स कॉन्क्लेव में देश भर के अकाउंटेंट्स से अपील की कि वे गलत काम बिल्कुल न करें, साथ ही सीएजी अधिकारियों से कहा कि आपसे उम्मीदें ज्यादा हैं. उन्होंने इस दौरान सीएजी से कहा कि अब उन्हें  CAG 2.0 बनना होगा. इस मौके पर उन्होंने चाणक्य की बातों को भी याद किया और कहा कि ज्ञान का सही इस्तेमाल होना चाहिए. कैग अधिकारियों को इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि आर्थिक स्वास्थ्य उन्हीं पर निर्भर करता है. 

 कैग को बताया जिम्मेदार 
प्रधानमंत्री दिल्ली में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षकों के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कैग को पेशे से जुड़ी धोखाधड़ी से निपटने के लिए नवीन तौर तरीकों पर ध्यान देना चाहिए. इस दौरान उन्होंने लेखा परीक्षक प्रशासन संचालन और क्षमता में सुधार लाने में योगदान करने के लिए भी कहा है. गुरुवार को एकाउंटेंट जनरल एंड डेप्युटी एकाउंटेंट जनरल कॉनक्लेव में पहुंचे पीएम मोदी ने सीएजी की जिम्मेदारियों पर अपने विचार रखे व उन्हें भी उनकी जिम्मेदारी का अहसास दिलाया. 

डिजिटल इंडिया से पारदर्थी बनी व्यवस्था
पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया में सबकुछ पारदर्शी हो गया है. जैम (जनधन, आधार और मोबाइल, JAM) योजना के तहत अब व्यवस्थाएं और सुविधाएं डिजिटल और भ्रष्टाचार से मुक्त हैं. योजना के बारे में और अन्य प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी हर मौके पर ऑनलाइन उपलब्ध है. डिजिटल प्रक्रिया के कारण ही करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये हर साल गलत हाथों में जाने से बचते हैं. सरकार 2022 तक साक्ष्य समर्थित नीति बनाने की दिशा में बढ़ना चाहती है और कैग इसमें थिंकटैंक बनकर और आंकड़ों के व्यापक विश्लेषण पर ध्यान देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. 

कहा, आपके काम का असर दिखाता है
कैग अधिकारियों का उत्साह बढ़ाते हुए पीएम मोदी बोले कि भारत बहुत तेजी से 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था के ट्रैक पर बढ़ रहा है. जो कुछ भी आप अकाउंटेंट्स करेंगे उसका असर हमारी अर्थव्यवस्था पर दिखाई देता है. चाहें निवेशक हों, सरकार की कमाई हो या फिर टैक्स डिपार्टमेंट हो, आपके ऑडिट का असर हर जगह पड़ता है. काम ज्यादा पारदर्शी और विश्वसनीय हो इसके लिए टेक्नॉलजी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना होगा. हमारा लक्ष्य है कि साल 2022 तक प्रमाण समर्थित नीति निर्माण को शासन का हिस्सा बनाया जाए. आज हर कोई सटीक ऑडिट चाहता है ताकि वे अपनी योजनाओं को सही तरीके से अमलीजामा पहना सकें. साथ ही वे चाहते हैं कि इसमें लंबा समय भी न लगे.  आज सीएजी को सिर्फ डाटा और प्रक्रियाओं तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि गुड गवर्नेंस की दिशा में भी काम करना चाहिए। मुझे खुशी है कि आप सीएजी को सीएजी प्लस बना रहे हैं

ओवैसी से ममता बनर्जी को क्यों है इतना डर? जानिए यहां