Election Commission of India: पहले मुख्य चुनाव आयुक्त से लेकर निर्वाचन आयोग की स्थापना तक, जानें- भारतीय चुनाव आयोग से जुड़ी ये बड़ी बातें

Election Commission of India: भारत का चुनाव आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में संघ और राज्य चुनाव प्रक्रियाओं को संचालित करता है. यह निकाय भारत में लोकसभा, राज्यसभा, राज्य विधानसभाओं और देश में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के लिए चुनाव संचालित करता है.

Written by - Nitin Arora | Last Updated : Feb 8, 2025, 10:58 AM IST
Election Commission of India: पहले मुख्य चुनाव आयुक्त से लेकर निर्वाचन आयोग की स्थापना तक, जानें- भारतीय चुनाव आयोग से जुड़ी ये बड़ी बातें

General knowledge question related to ECI: भारत एक धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य है और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. भारत को 15 अगस्त 1947 में आजादी मिली और तब से ही संविधान, चुनावी कानूनों के तहत नियमित अंतराल पर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होते रहे हैं.

वहीं, भारत के संविधान ने भारत के निर्वाचन आयोग को संसद और प्रत्येक राज्य के विधानमंडल तथा भारत के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के लिए चुनावों के संचालन का पूर्णता अधिकार दिया है.

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कब बना चुनाव आयोग?
भारत का चुनाव आयोग एक स्थायी संवैधानिक निकाय है. चुनाव आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 को संविधान के अनुसार की गई थी. ECI की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, मूलतः आयोग में केवल एक मुख्य चुनाव आयुक्त होता था. हालांकि, वर्तमान में मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ दो चुनाव आयुक्त भी कार्यरत हैं.

पहली बार 16 अक्टूबर 1989 को दो अतिरिक्त आयुक्त नियुक्त किए गए थे, लेकिन उनका कार्यकाल 1 जनवरी 1990 तक रहा, जो कि बहुत कम था. बाद में 1 अक्टूबर 1993 को दो अतिरिक्त चुनाव आयुक्त नियुक्त किए गए. तब से मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ दो अन्य चुनाव आयुक्तों को भी ड्यूटी सौंपी गई.

भारत के प्रथम मुख्य चुनाव आयुक्त कौन थे?
सुकुमार सेन भारत के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त थे. उनके नेतृत्व में चुनाव आयोग ने स्वतंत्र भारत के पहले दो आम चुनावों, 1951-52 और 1957 में सफलतापूर्वक कार्य करके दिखाया. उन्होंने सूडान में पहले मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में भी काम किया.

आयुक्तों की नियुक्ति और कार्यकाल
राष्ट्रपति मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करते हैं. उनका कार्यकाल छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक होता है, जो भी पहले हो. उन्हें भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के समान वेतन और भत्ते मिलते हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान तरीके से और समान आधार पर पद से हटाया जा सकता है.

आयोग का नई दिल्ली में एक अलग सचिवालय है, जिसमें लगभग 550 अधिकारी शामिल हैं. पांच या छह उप चुनाव आयुक्त और महानिदेशक हैं, जो कि सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते आयोग में सहायता देते हैं. बता दें कि विभाग में आम तौर पर देश की राष्ट्रीय सिविल सेवा से नियुक्ति होती है.

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About the Author

Nitin Arora

लिखने के शौकीन हैं, पिछले 6 सालों से अधिक समय से मीडिया के कई अलग-अलग संस्थानों में काम कर चुके हैं और फिलहाल Zee News की डिजिटल टीम का हिस्सा हैं. यहां जनरल न्यूज व नेशनल, इंटरनेशनल खबरों पर एक्सप्लेनर लिखते हैं और साथ ही डिफेंस की खबरों पर भी अच्छी पकड़ है. ...और पढ़ें

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