• देश में कोविड-19 से सक्रिय मरीजों की संख्या 89,987 पहुंची, जबकि संक्रमण के कुल मामले 1,65,799: स्त्रोत-PIB
  • कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या- 71,106 जबकि अबतक 4,706 मरीजों की मौत: स्त्रोत-PIB
  • वित्त मंत्री ने वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद की अध्यक्षता की और घरेलू स्थिति की समीक्षा की
  • वित्त मंत्री ने ‘आधार’ पर आधारित ई-केवाईसी के जरिए ‘तत्काल पैन आवंटन’ की सुविधा का शुभारंभ किया
  • वाणिज्य मंत्री एक्सपोर्टर्स से अधिक प्रतिस्पर्धी होने और दुनिया को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद प्रदान करने का आह्वान किया
  • उपभोक्ता कार्य मंत्री एफसीआई के खाद्यान्न वितरण और खरीद की समीक्षा की
  • कैबिनेट सचिव ने कोविड से सबसे अधिक प्रभावित 13 शहरों की स्थिति की समीक्षा की
  • भारत जुलाई के अंत तक, प्रति दिन 5 लाख स्वदेशी किट का उत्पादन करेगा: अधिकार प्राप्त समूह-1
  • केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने नई दिल्ली में वेबिनार के माध्यम से 45,000 उच्च शिक्षण संस्थाओं के प्रमुखों से बातचीत की
  • रेलवे ने 3,736 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया, 50+ लाख प्रवासी श्रमिकों को घर पहुंचाया गया

अंडरवर्ल्ड के नेटवर्क पर ईडी ने कसी नकेल! दाऊद के करीबी इकबाल मिर्ची के 2 सहयोगी गिरफ्तार

दाऊद के करीबी इकबाल मिर्ची के गैंग पर शिकंजा कसा गया है और उसके 2 सहयोगी गिरफ्तार हो गए हैं. मामला 225 करोड़ की प्रॉपर्टी डीलिंग का है.

अंडरवर्ल्ड के नेटवर्क पर ईडी ने कसी नकेल! दाऊद के करीबी इकबाल मिर्ची के 2 सहयोगी गिरफ्तार

नई दिल्ली: मुंबई को धमाकों का जख्म देकर पाकिस्तान में मौज काट रहा अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम कांप गया होगा. दाऊद की कंपकंपी छूट गई होगी ये जानकर कि उसके एक-एक करीबियों पर शिकंजा कसा जाना शुरू हो गया है. जब दाऊद का भाई इकबाल कासकर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया तो फिर उसके करीबी कैसे बच पाते. दरअसल, ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने कभी दाऊद इब्राहिम का दाहिना हाथ माने जाने वाले मेमन इकबाल मोहम्मद उर्फ इकबाल मिर्ची के गैंग पर शिकंजा कसा है.

इकबाल के दो करीबियों हारून अलीम यूसुफ और रंजीत सिंह बिंद्रा को मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने गिरफ्तार किया है.

इकबाल मिर्ची की मौत तो लंदन में साल 2013 में ही हो चुकी है. लेकिन मरने से 3 साल पहले 2010 में उसने मुंबई में सवा 200 करोड़ की लैंड डील में जो गड़बड़झाला किया था और कालेधन को सफेद करने की करतूत की थी, उन गुनाहों का हिसाब अब लिया जा रहा है.

भारत से भागकर उस वक्त इकबाल मिर्ची तो बच गया और अब वो अल्लाह का प्यारा भी हो चुका है लेकिन इससे उसके गुनाह कम नहीं हुए. अब उसके गुनाह के हिस्सेदारों हारून और बिंद्रा पर ईडी ने शिकंजा कसते हुए इन्हें गिरफ्तार कर लिया है.

मुंबई की जिन संपत्तियों को लेकर इकबाल मिर्ची गैंग पर शिकंजा कसा गया है वो वर्ली इलाके में है. सी व्यू, मरियम लॉज और राबिया मेंशन नाम की ये तीन इमारतें 1537 वर्ग फुट में फैली हुई हैं. 

ये तीनों संपत्तियां सर मोहम्मद यूसुफ ट्रस्ट की थीं जिसे साल 1986 में इकबाल मिर्ची की कंपनी रॉकसाइड इंटरप्राइजेज ने धौंस दिखाकर महज 6.5 लाख रुपए में खरीद ली थी

2010 में इकबाल मिर्ची ने सी व्यू, मरियम लॉज और राबिया मेंशन को 225 करोड़ की भारी-भरकम कीमत पर बेच दी. इन संपत्तियों के सौदे में हारून और बिंद्रा ने अहम भूमिका निभाई थी जिन्हें अब ईडी ने धर दबोचा है.

दाऊद इब्राहिम के इशारे पर 1993 में जब मुंबई को सीरियल ब्लास्ट से दहला दिया गया था तब उसमें इकबाल मिर्ची की भी बड़ी भूमिका रही थी. मुंबई में धमाके के बाद इकबाल मिर्ची दुबई भाग गया था. 1994 में इकबाल मिर्ची के खिलाफ भारत के कहने पर इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया था. हालांकि इकबाल मिर्ची एजेंसियों की गिरफ्त में आने से बचता रहा और बाद में दुबई से लंदन शिफ्ट हो गया जहां 6 साल पहले उसकी मौत हो गई. 
मरने से पहले दुबई से लेकर लंदन में रहने के दौरान इकबाल मिर्ची अंडरवर्ल्ड की धौंस दिखाते हुए मुंबई में संपत्तियों की सौदेबाजी में सक्रिय भूमिका निभाता रहा. मुंबई में उसके गैंग के लोग इसमें उसकी मदद करते रहे. प्रॉपर्टी डीलिंग में इकबाल मिर्ची के मददगार बने हारून और बिंद्रा अब जब ईडी की गिरफ्त में हैं तो इनसे अंडरवर्ल्ड की मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क के बारे में बहुत कुछ खुलासा हो सकता है.