JNU के 'वामपंथी गुंडों' को महिला पत्रकार से पंगा लेना पड़ेगा महंगा

जेएनयू में पढ़ाई की आड़ में हुड़दंगई करने वाले कुछ 'वामपंथी गुंडों' ने सारी हदों को पार कर दिया है. जिसका खामियाजा भुगतने के लिए उनको अपनी करतूतों की बलि चढ़ानी पड़ेगी. उन्हें कैंपस में बवाल करना अब मंहगा पड़ सकता है. क्योंकि ZEE मीडिया की महिला पत्रकार के साथ बदतमीजी के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है.

JNU के 'वामपंथी गुंडों' को महिला पत्रकार से पंगा लेना पड़ेगा महंगा

नई दिल्ली: पिछले कुछ दिनों से जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय पढ़ाई से ज्यादा हंगामे का अड्डा बना हुआ है. हर बात पर बवाल और हंगामा मानिए कुछ तथाकथित बवालिए छात्रों का पेशा बन चुका है. लेकिन अब जेएनयू के 'वामपंथी गुंडों' की गुंडागर्दी ज्यादा दिन तक चलने वाली नहीं है. ज़ी मीडिया की महिला पत्रकार से बदसलूकी करने का खामियाजा उन्हें जरूर भुगतना पड़ेगा.

इस महिला पत्रकार को बनाया था निशाना

फीस बढ़ोत्तरी के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन की कवरेज करने पहुंची ZEE मीडिया की टीम के साथ पहले तो जेएनयू में मौजूद कुछ गुंडों ने बदतमीजी की और उसके बाद महिला पत्रकार पूजा मक्कड़ के साथ कुछ छात्रों ने बदसलूकी की, अश्लील भाषा का प्रयोग किया और उनके साथ गए कैमरामैन के साथ तो धक्का-मुक्की भी की.

दरअसल, कैंपस को सियासी अखाड़ा बनाने वाले कुछ छात्र अनुशासन को ताक पर रखकर विश्वविद्यालय परिसर में ही सिगरेट पी रहे थे. जिनकी तस्वीरें कैमरे में कैद हो गई. ज़ी मीडिया की टीम को पत्रकारिता करते देख वो छात्र बौखला गए. और महिला पत्रकार समेत पूरी टीम को घेर लिया. उन छात्रों ने पहले तो जबरन वो क्लिप डिलीट किया, जिसमें उनको बेनकाब करने के सबूत कैद हो गए थे. और उसके बाद उनसे सवाल-जवाब करने पर उन्होंने दंगाई रूप धारण कर लिया. अभद्रता की सारी सीमाएं पार करते हुए उन छात्रों ने महिला पत्रकार से हाथापाई भी की.

छात्रों ने ZEE मीडिया की टीम को घेरकर एक तरह से बंधक बना लिया था. जिस संस्थान में पढ़ने के लिए पूरे देश के छात्र-छात्राएं तरसते हैं, वहां कुछ गैंग ने ऐसा कब्जा कर लिया है. जैसे ये विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर नहीं बल्कि बवाल का अड्डा बन गया हो.

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कैंपस में इस तरह की गुंडई के खिलाफ ज़ी मीडिया हमेशा से ही अपनी आवाज बुलंद करता रहा है. ज़ी मीडिया की महिला पत्रकार पूजा मक्कड़ ने कुछ छात्रों की इस गुंडा-गर्दी का विरोध करते हुए मामले की शिकायत दर्ज करवा दी है. इस मामले पर एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है और जांच की जा रही है. ऐसे में उन सभी छात्रों को सावधान रहने की जरूरत है, जो पढ़ाई के नाम पर जेएनयू में गुंडई को अपना हथियार बना लिया है.

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