कोरोना वैक्सीन के बाद एलर्जी से देश में पहली मौत, सरकार के बनाए पैनल ने की पुष्टि

AEFI अध्यक्ष डॉ एनके अरोड़ा ने कहा वैकेसीनेशन के बाद यह पहली मौत है जो हमने देखी है. जिसमें जांच के बाद मौत का कारण टीकाकरण के बाद एनाफिलेक्सिस पाया गया है. हालांकि ये भी रिपोर्ट में साफ लिखा गया है कि वैक्सीन के फायदे कहीं ज्यादा हैं.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jun 15, 2021, 05:49 PM IST
  • केंद्र सरकार की ओर से गठित AEFI पैनल की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
  • AEFI पैनल ने 31 गंभीर मामलों की स्टडी की और फिर मामले की पुष्टि की
कोरोना वैक्सीन के बाद एलर्जी से देश में पहली मौत, सरकार के बनाए पैनल ने की पुष्टि

नई दिल्लीः भारत में Corona की वैक्सीन लगने के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. देश में पहली ऐसी मौत की पुष्टि की गई है जो कोरोना का टीका लगने के बाद हुई है. मृतक एक 68 वर्षीय बुजुर्ग है और सामने आया है कि वैक्सीनेशन के बाद 8 मार्च को एनाफिलेक्सिस (एक तरह का एलर्जिक रिएक्शन) के कारण उनकी मौत हुई है. 

AEFI पैनल की  रिपोर्ट में खुलासा
इस मामले का खुलासा, केंद्र सरकार की ओर से गठित AEFI पैनल की  रिपोर्ट में हुआ है. वैक्सीनेशन के बाद लोगों में किसी प्रकार के साइड इफेक्ट्स या मौत जिसे एडवर्स इवेंट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन (AEFI) कहा जाता है का पता लगाने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है.

इस AEFI पैनल ने 31 गंभीर मामलों की स्टडी की और फिर पुष्टि की थी और फिर इस निष्कर्ष को सामने रखा है. 

वैक्सीन के फायदे कहीं ज्यादा हैं: रिपोर्ट
AEFI अध्यक्ष डॉ एनके अरोड़ा ने कहा वैकेसीनेशन के बाद यह पहली मौत है जो हमने देखी है. जिसमें जांच के बाद मौत का कारण टीकाकरण के बाद एनाफिलेक्सिस पाया गया है. हालांकि ये भी रिपोर्ट में साफ लिखा गया है कि वैक्सीन के फायदे कहीं ज्यादा हैं.

28 में से केवल एक मौत वैक्सीनेशन से
इस मौत का पूरा ब्योरा देते हुए बताया गया है कि कमेटी ने 31 गंभीर मामलों का मूल्यांकन किया था. इसमें 28 लोगों की मौत हुई. लेकिन कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन 28 मौतों में से केवल 1 मौत वैक्सीनेशन की वजह से हुई है. तीन लोगों को एनाफिलेक्सिस (वैक्सीन प्रॉडक्ट रिलेटिड रिएक्शन) की शिकायत आई थी. इसके बाद दो लोग अस्पताल में भर्ती होने के बाद ठीक हो गए जबकि 1 की मौत हो गई.

'टीकाकरण से मौत का जोखिम कोविड से मौत के जोखिम की तुलना में नगण्य'

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को उन खबरों को ‘अधूरी’ और ‘सीमित समझ वाली’ बताया जिनमें दावा किया गया है कि 16 जनवरी से सात जून के बीच टीकाकरण के बाद मृत्यु के 488 मामले कोविड के बाद की जटिलताओं से जुड़े थे.

मंत्रालय ने कहा कि देश में इस दौरात 23.5 करोड़ लोगों को कोविड टीका लग चुका है और कोविड-19 टीकाकरण से देश में मृत्यु के मामलों की संख्या टीका लगवा चुके लोगों की संख्या का महज 0.0002 प्रतिशत है और यह किसी आबादी में अपेक्षित दर है.

केंद्रीय मंत्रालय ने जारी किया बयान
मंत्रालय ने कहा कि यह ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है कि कोविड-19 से संक्रमित पाये जाने वाले लोगों में मृत्यु दर एक प्रतिशत से अधिक है और टीकाकरण इन मृत्यु के मामलों को भी रोक सकता है. उसने कहा, ‘‘इसलिए कोविड-19 से मृत्यु के ज्ञात जोखिम की तुलना में टीकाकरण से मृत्यु का जोखिम नगण्य है.’’

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खबरें अधूरी परोसी जा रही हैं: सरकार
खबरों के अनुसार टीकाकरण के बाद 488 लोगों की मृत्यु के मामले 16 जनवरी से सात जून के बीच कोविड के बाद की जटिलताओं से जुड़े हैं, जबकि अब तक 23.5 करोड़ लोगों को टीके लग चुके हैं. मंत्रालय ने कहा, ‘‘स्पष्ट किया जाता है कि ये खबरें अधूरी और मामले की सीमित समझ पर आधारित हैं.’’

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