जिन्होंने गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़वाया, उन छह लोगों को मिलेगा पांच लाख इनाम

उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से 9 जुलाई-2020 को पकड़े गए उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था. सामने आया है कि यह इनाम छह लोगों को मिलेगा. गैंगस्टर की धरपकड़ के बाद उज्जैन एसपी ने एक कमेटी गठित की थी.

जिन्होंने गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़वाया, उन छह लोगों को मिलेगा पांच लाख इनाम

उज्जैनः कानपुर के बिकरू गांव का गैंगस्टर विकास दुबे STF से मुठभेड़ में भले ही मारा गया हो, लेकिन कानून की कई प्रक्रियाओं में अभी वह जिंदा ही है. विकास दुबे का नाम अब एक बार फिर सुर्खियों में आया है, हालांकि इस बार वजह सीधे तौर पर विकास दुबे नहीं है. वजह है विकास दुबे पर घोषित 5 लाख का इनाम. खबर है कि जिन लोगों को यह इनाम मिलना है उनकी सूची तैयार है, लेकिन इनाम मिलेगा किन्हें, यह अभी गुप्त है. 

उज्जैन एसपी ने एक कमेटी गठित की थी
जानकारी के मुताबिक, उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से 9 जुलाई-2020 को पकड़े गए उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था. सामने आया है कि यह इनाम छह लोगों को मिलेगा. गैंगस्टर की धरपकड़ के बाद उज्जैन एसपी ने एक कमेटी गठित की थी.

कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है. इसमें छह लोगों के इनाम हैं, जिन्होंने गैंगस्टर को पकड़वाने में पुलिस की मदद की थी. सूची तो तैयार है लेकिन पुलिस अधिकारियों ने इनके नाम नहीं बताए हैं. 

विकास दुबे इस तरह पकड़ में आया था
विकास दुबे 9 जुलाई को तड़के 3.58 बजे राजस्थान के झालावाड़ शहर से बस में बैठकर उज्जैन के देवासगेट बस स्टैंड पर उतरा था. यहां से वह ऑटो से शिप्रा नदी में स्नान करने गया था. इसके बाद 7.45 पर महाकाल मंदिर आया था. यहां हार फूल की दुकान चलाने वाले सुरेश कहार ने सबसे पहले उसे पहचाना था. 

इसके बाद कहार ने अपने एक परिचित आरक्षक और फिर मंदिर में तैनात सुरक्षाकर्मियों को इसकी सूचना दी थी. सुरक्षाकर्मी उसे महाकाल चौकी ले गए थे. यहां कुछ पुलिसकर्मियों ने उससे पूछताछ की थी. तस्दीक के बाद विकास को गिरफ्तार कर लिया गया था. बाद में विकास को उत्तर प्रदेश एसटीएफ को सौंप दिया गया था और फिर मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई थी.

एएसपी रैंक के तीन अधिकारियों ने तैयार की रिपोर्ट
विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद उस पर घोषित पांच लाख रुपये का इनाम किसे मिले, इसके लिए तीन एएसपी रैंक के पुलिस अधिकारियों की कमेटी बनाई गई थी. इसमें एएसपी रूपेश द्विवेदी, अमरेंद्रसिंह व आकाश भूरिया को शामिल किया गया था. कमेटी ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट तैयार कर एसपी सत्येंद्र शुक्ला को सौंप दी है.

एसपी यह रिपोर्ट आइजी राकेश गुप्ता को देंगे. इसके बाद यह प्रदेश के डीजीपी को सौंपी जाएगी. इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस को इसकी जानकारी देकर इनाम की प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी. 

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