जम्मू कश्मीर को किया दो, अब दो केंद्रशासित प्रदेशों को एक करेगी केंद्र सरकार

 केंद्र सरकार कश्मीर पर लिए गए ऐतिहासिक फैसले के तीन महीने बाद एक और खास निर्णय लेने जा रही है. केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने बताया कि दादरा नगर हवेली और दमन व दीव को मिलाकर एक केंद्रशासित प्रदेश बनाए जाने का विचार है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Nov 23, 2019, 07:51 PM IST
    • 1954 से 1961 तक दादरा स्वतंत्र तौर पर रहा. इसके बाद 11 अगस्त 1961 को यह भारतीय संघ में बतौर केंद्रशासित प्रदेश शामिल कर लिया गया
    • . 1987 ई. में दमन व दीव को अलग से केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया और गोवा से मुक्त कर दिया गया

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जम्मू कश्मीर को किया दो, अब दो केंद्रशासित प्रदेशों को एक करेगी केंद्र सरकार

नई दिल्लीः जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य के दर्जे से हटाकर दो केंद्र शासित प्रदेश बनाने वाले सरकार अगले हफ्ते एक और नया फैसला ले सकती है. इस बार पहले से बने दो केंद्रशासित प्रदेशों को मिलाकर एक किया जाने का विचार है. यह दोनों प्रदेश दादरा नगर हवेली और दमन व दीव हैं. केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने बताया कि इसके लिए लोकसभा में अगले हफ्ते एक विधेयक पेश किया जाएगा. केंद्र सरकार कश्मीर पर लिए गए ऐतिहासिक फैसले के तीन महीने बाद यह खास निर्णय लेने जा रही है. कहा जा रहा है कि इन दोनों केंद्रशासित प्रदेशों का विलय बेहतर प्रशासन और विभिन्न कार्यों के दोहराव की जांच और निगरानी के उद्देश्य से किया जा रहा है.

केंद्र सरकार का यह फैसला किस लिहाज से जरूरी है
दरअसल दमन और दीव, व दादरा नगर हवेली की भौगोलिक स्थिति गुजरात के पास पश्चिमी तट पर है. दोनों ही केंद्रशासित प्रदेश हैं और इनके बीच की दूरी महज 35 किलोमीटर है. जानकर हैरानी होगी कि दादरा नगर हवेली में महज एक जिला है और दमन व दीव में दो जिले हैं. इस तरह यहां एक तो प्रशासनिक कार्यों का दोहराव अधिक होता रहा है, दूसरा अलग-अलग प्रदेशों की सूची में होने के कारण बजट का निर्धारण भी अलग-अलग करना होता है.

इसी के तहत 35 किलोमीटर की छोटी सी दूरी में दो अलग-अलग सचिवालय भी बनाए गए हैं. दोनों केंद्रशासित प्रदेशों का विलय बेहतर प्रशासन और विभिन्न कार्यों के दोहराव की जांच और निगरानी के उद्देश्य से किया जा रहा है. 

दमन और दीव बन सकता है मुख्यालय
विलय के बाद केंद्रशासित प्रदेश का नाम दादरा नगर हवेली, दमन और दीव हो सकता है जबकि इसका मुख्यालय दमन और दीव होने की संभावना है. 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू और कश्मीर को दिए गए विशेष दर्जे के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने की घोषणा की थी. वर्तमान में देश में जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद अब 9 केंद्रशासित प्रदेश हैं. दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली के विलय के बाद इनकी संख्या घटकर आठ हो जाएगी.

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अंग्रेज नहीं पुर्तगालियों के कब्जे में था दादरा नगर हवेली
1947 में सारा देश तो आजाद हो गया था, लेकिन दारदा नगर हवेली की कहानी इससे बिल्कुल अलग है. यहां 2 अगस्त 1954 तक पुर्तगालियों का शासन रहा है जो कि भारत की आजादी के बावजूद इस प्रदेश को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे.

2 अगस्त 1654 को जनता के आंदोलन के तहत इस भूमि को आजाद कराया गया. इसलिए यहां 2 अगस्त को दादरा मुक्ति दिवस के तौर पर याद किया जाता है. 1954 से 1961 तक दादरा स्वतंत्र तौर पर रहा. इसके बाद 11 अगस्त 1961 को यह भारतीय संघ में बतौर केंद्रशासित प्रदेश शामिल कर लिया गया. 

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दमन व दीव का इतिहास भी पुर्तगाली शासन का रहा है
केंद्र शासित प्रदेश दमन गुजरात के वलसाड जिला के नजदीक स्थित है. पहले यह भी पुर्तगालियों के कब्‍जे में था. 1961 ई. जब गोवा को पुर्तगालियों के कब्‍जे से मुक्‍त कर भारत में मिलाया गया, उसी समय दमन को भी भारत में शामिल कर लिया गया.

पहले इसे गोवा में सम्मिलित किया गया था. 1987 ई. में इसे अलग से केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया और गोवा से मुक्त कर दिया गया. 

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