गुजरात के नए मंत्री अब गुरुवार को लेंगे शपथ, बीजेपी ने कार्यक्रम टाला

भारतीय जनता पार्टी के गुजरात के प्रवक्ता यमल व्यास ने सुबह बताया था कि शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को गांधीनगर में दोपहर दो बजे के बाद होगा .  

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Sep 15, 2021, 05:57 PM IST
  • इस वजह से टाला गया कार्यक्रम
  • सीएम आवास पर बैठकों का दौर जारी
गुजरात के नए मंत्री अब गुरुवार को लेंगे शपथ, बीजेपी ने कार्यक्रम टाला

अहमदाबाद: गुजरात में भूपेंद्र पटेल सरकार के नए मंत्री गुरुवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे . भाजपा की राज्य इकाई के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी . एक अधिकारी ने बताया कि नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह राजधानी गांधीनगर में दोपहर डेढ़ बजे होगा . नए मंत्रियों के नामों की अभी तक घोषणा नहीं की गयी है .

पहले बुधवार को होना था शपथ
पार्टी ने इससे पहले कहा था कि शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को होगा . यहां तक कि राज भवन पर लगे पोस्टरों में शपथ ग्रहण समारोह में 15 सितंबर की तारीख लिखी हुई थी . बहरहाल, बुधवार दोपहर को पोस्टर हटा लिए गए . राज्यपाल के कार्यालय ने पुष्टि की कि शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार तक के लिए टाल दिया गया है .

कार्यक्रम टालने के पीछे की वजह साफ नहीं
भारतीय जनता पार्टी के गुजरात के प्रवक्ता यमल व्यास ने सुबह बताया था कि शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को गांधीनगर में दोपहर दो बजे के बाद होगा . न तो भाजपा और न ही राज्य सरकार ने शपथ ग्रहण समारोह टालने की कोई वजह बतायी है .

बैठकों का दौर जारी
भाजपा की गुजरात इकाई के प्रभारी भूपेंद्र यादव नए मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले लोगों के नाम तय करने के वास्ते पिछले दो दिनों से गांधीनगर में लगातार बैठकें कर रहे हैं .ऐसी अटकलें हैं कि पटेल अपने मंत्रिमंडल में कई नए चेहरों को शामिल करेंगे और कई पुराने नेताओं को युवा नेताओं के लिए जगह खाली करनी पड़ सकती है .

भूपेंद्र पटेल ने ली है शपथ
मुख्यमंत्री पद से विजय रूपाणी के गत शनिवार को अचानक इस्तीफा देने के बाद सोमवार को भूपेंद्र पटेल (59) ने नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी . पटेल को रविवार को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था और सोमवार को गांधीनगर में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें राज्य के 17वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई थी . उस समय अकेले उन्होंने ही शपथ ली थी .

पटेल को गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश की वर्तमान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का करीबी माना जाता है . उन्हें मुख्यमंत्री बनाये जाने के पीछे यह भी एक कारण माना जा रहा है .ऐसे में जब दिसंबर 2022 में राज्य विधानसभा चुनाव होने की उम्मीद है, भाजपा ने चुनाव में जीत के लिए पटेल पर भरोसा जताया है, जो कि एक पाटीदार हैं . साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य विधानसभा की 182 सीटों में से 99 सीटें जीतीं थी, जबकि कांग्रेस को 77 सीटें मिली थीं .

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