भारत का आसमानी हत्यारा! HAL का CATS Warrior ड्रोन राफेल-तेजस के साथ मिलकर बहाएगा खून की नदियां, 2026 में होगा पहला टेस्ट

HAL Cats Warrior Drone Project: यह दो टन वजनी CATS Warrior प्रोटोटाइप होगा. भारत का पहला loyal wingman यानी लड़ाकू विमानों के साथ उड़ने वाला स्मार्ट ड्रोन होगा. इसके बाद HAL इसका एक और बड़ा और ताकतवर वर्जन CATS Warrior II भी लॉन्च करेगा. इसका वजन लगभग 5 टन होगा.

Written by - Sachendra Singh | Last Updated : Nov 8, 2025, 02:35 PM IST
  • पहला वर्जन 2 टन, Warrior II लगभग 5 टन।
  • Tejas और Rafale के साथ उड़ने वाला loyal wingman
भारत का आसमानी हत्यारा! HAL का CATS Warrior ड्रोन राफेल-तेजस के साथ मिलकर बहाएगा खून की नदियां, 2026 में होगा पहला टेस्ट

हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने अनमैन्ड कॉम्बैट ड्रोन प्रोजेक्ट CATS Warrior को नई रफ्तार देने में जुट गया है. कंपनी का लक्ष्य है कि 2026 के आखिर तक इसका पहला फ्लाइट टेस्ट किया जाए. यह दो टन वजनी CATS Warrior प्रोटोटाइप होगा. भारत का पहला loyal wingman यानी लड़ाकू विमानों के साथ उड़ने वाला स्मार्ट ड्रोन होगा. इसके बाद HAL इसका एक और बड़ा और ताकतवर वर्जन CATS Warrior II भी लॉन्च करेगा. इसका वजन लगभग 5 टन होगा.

क्या है CATS Warrior प्रोजेक्ट?
CATS Warrior को HAL की स्वार्म ड्रोन तकनीक के तहत विकसित किया जा रहा है. इसका मकसद AI बेस्ड ड्रोन बनाना है. जो भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों जैसे राफेल और तेजस के साथ उड़ सकें. वहीं मिशन में उनकी मदद कर सकें. ड्रोन कम लागत वाले होंगे.  इनमें हथियार, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम लगाए जा सकेंगे.

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पहला वर्जन CATS Warrior है. इसका वजन (2 टन) है. इसे HAL की बेंगलुरु टीम और निजी कंपनियों जैसे टाटा एलक्सी की साझेदारी में बन रहा है. इसमें ब्लेंडेड-विंग बॉडी डिजाइन है. जो इसे रडार से कम दिखने वाला बनाता है. इसके अंदर हथियार रखने के लिए जगह दी गई है. इसमें सेंसर फ्यूजन तकनीक होगी. इससे ये लड़ाकू विमानों के साथ तालमेल से काम कर सकेगा.

कब तक उड़ान भरेगा
HAL के मुताबिक ड्रोन के फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम की टेस्टिंग फिलहाल किरण ट्रेनर एयरक्राफ्ट पर की जा रही है. इसे Optional Manned-Unmanned Combat Aircraft (OMCA) के रूप में बदला गया है. 2026 तक इन सिस्टम्स को CATS Warrior पर लगाया जाएगा. इसके बाद 2027 में इसके ऑपरेशनल ट्रायल्स शुरू करने की योजना है.

CATS Warrior में एक नॉन-आफ्टरबर्निंग टर्बोफैन इंजन लगाया जाएगा. इसकी रेंज लगभग 1200 किलोमीटर और पेलोड क्षमता 650 किलो होगी. यह निगरानी (ISR), हल्के स्ट्राइक मिशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) जैसे ऑपरेशन में काम आ सकेगा.

अगला वर्जन CATS Warrior II
2028-29 तक HAL इसका बड़ा वर्जन CATS Warrior II लॉन्च करेगा. इसका वजन करीब 5 टन होगा. इसे DRDO के HTFE-25 इंजन से पावर मिलेगी. यह इंजन 25-30 kN थ्रस्ट देगा. इससे यह ड्रोन करीब मैक 0.9 की स्पीड तक पहुंच सकेगा.

इस वर्जन में 1200 किलो तक का पेलोड ले जाने की क्षमता होगी. इसमें अंदरूनी (स्टेल्थ) और बाहरी दोनों हथियार लगाए जा सकेंगे. जैसे अस्त्र मिसाइलें, बम या ECM पॉड्स. यह ड्रोन न सिर्फ टारगेट मार्क करेगा. वायुसेना के विमानों को रियल टाइम इमेज और डेटा भी भेज सकेगा.

भारत के लिए क्यों अहम है ये प्रोजेक्ट?
भारत जब अपने लड़ाकू बेड़े को आधुनिक बना रहा है. तब CATS Warrior और Warrior II जैसे ड्रोन गेमचेंजर साबित हो सकते हैं. ये न सिर्फ पायलटों के जोखिम को कम करेंगे. यह सीमावर्ती इलाकों जैसे LAC में निगरानी और स्ट्राइक ऑपरेशन को भी और मजबूत बनाएंगे. HAL का यह प्रोजेक्ट आने वाले वक्त में भारतीय आसमान की तस्वीर बदल सकता है.

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About the Author

Sachendra Singh

सचेंद्र सिंह का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से है. इन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई 'संगम नगरी' प्रयागराज में स्थित इलाहाबाद विश्वविद्यालय से की है. पढ़ने और लिखने में इनकी ऐसी रूचि रही कि इन्होंने पत्रकारिता जगत से जुड़कर अपना करियर बनाने की ठान ली. फिलहाल सचेंद्र ज़ी मीडिया समूह से जुड़कर 'ज़ी भारत : ZEE Bharat' के डिजिटल प्लेटफॉर्म में अपना योगदान दे रहे हैं. ...और पढ़ें

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