तेजस Mk-1A पर 'संकट'! हथियार परीक्षण में देरी के कारण HAL ने रोका प्रोडक्शन, IAF की बढ़ेगी टेंशन

Tejas Mk-1A: HAL के चेयरमैन ने माना है कि फाइटर जेट के कुछ अहम हथियार और एवियोनिक्स सिस्टम्स की टेस्टिंग अभी बाकी है. इसकी वजह से प्रोडक्शन टाइमलाइन प्रभावित हो रही है. HAL ने तेजस मार्क-1ए के कई एडवांस सिस्टम्स को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट कर लिया है.

Written by - Sachendra Singh | Last Updated : Nov 8, 2025, 03:59 PM IST
  • Astra और ASRAAM की ट्रायल अभी चल रही है
  • Elta ELM-2052 AESA से इंटीग्रेशन पूरा हुआ
तेजस Mk-1A पर 'संकट'! हथियार परीक्षण में देरी के कारण HAL ने रोका प्रोडक्शन, IAF की बढ़ेगी टेंशन

हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का तेजस मार्क-1A प्रोजेक्ट सुर्खियों में है. कंपनी के चेयरमैन ने माना है कि फाइटर जेट के कुछ अहम हथियार और एवियोनिक्स सिस्टम्स की टेस्टिंग अभी बाकी है. इसकी वजह से प्रोडक्शन टाइमलाइन प्रभावित हो रही है. HAL ने तेजस मार्क-1ए के कई एडवांस सिस्टम्स को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट कर लिया है. जब तक बाकी परीक्षण पूरे नहीं हो जाते है. इसे फुल-स्केल प्रोडक्शन शुरू नहीं किया जा सकेगा. भारत का सबसे अहम स्वदेशी फाइटर जेट प्रोजेक्ट फिलहाल टेस्टिंग मोड में है.

Astra और ASRAAM की टेस्टिंग जारी
HAL प्रमुख डीके सुनील ने तेजस मार्क-1A के बारे में जानकारी दी है. इस दौरान बताया कि इस समय देश में बनी ‘अस्त्र’ (Astra) मिसाइल और यूरोप की ASRAAM (Advanced Short Range Air-to-Air Missile) के ट्रायल चल रहे हैं. दोनों ही मिसाइलें तेजस के एयर-टू-एयर कॉम्बैट रोल को और घातक बनाएंगी. उन्होंने आगे कहा कि नवंबर और दिसंबर में हम बमबारी ट्रायल शुरू करने की योजना में हैं. अब तेजस से लेजर-गाइडेड बम और एयर-टू-ग्राउंड हथियारों के परीक्षण होंगे. ये ट्रायल इस विमान की मल्टी-रोल कैपेबिलिटी होगीं.  एक साथ कई तरह के मिशन पूरे करने की क्षमता को प्रमाणित करेंगे.

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AESA रडार के साथ हथियारों का इंटीग्रेशन
तेजस Mk-1A में हथियारों का इंटीग्रेशन इजरायल के Elta ELM-2052 AESA रडार और उसके फायर कंट्रोल सिस्टम से किया जा रहा है. यह सिस्टम बहुत अहम है. इसके जरिए रडार और हथियारों के बीच डेटा ट्रांसफर और सटीक निशाना साधने की क्षमता तय होती है.

83 तेजस मार्क-1ए का ऑर्डर
तेजस Mk-1A, पहले से सर्विस में मौजूद Mk-1 का अपग्रेडेड वर्जन है. इसमें बेहतर एवियोनिक्स, एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग की क्षमता और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम शामिल हैं. HAL को भारतीय वायुसेना (IAF) से 83 तेजस Mk-1A बनाने का ऑर्डर मिल चुका है. इन विमानों का समय पर उत्पादन और इंडक्शन बहुत जरूरी है. इससे वायुसेना की फाइटर स्क्वॉड्रन स्ट्रेंथ को मजबूती मिलेगी.

कब शुरू होगा उत्पादन
सुनील ने माना कि हथियार ट्रायल में देरी से उत्पादन की रफ्तार पर असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि जैसे ही ट्रायल पूरे होकर सर्टिफाइड हो जाएंगे. HAL उत्पादन को तेज करने की तैयारी में है. कंपनी की योजना है कि शुरुआत में हर साल 16 विमान बनाए जाएं. बाद में इसे बढ़ाकर 24 विमान प्रति वर्ष किया जाए.

भारतीय मिसाइल से बढ़ेगी ताकत
तेजस Mk-1A वह पहला भारतीय फाइटर जेट होगा. जिसमें पूरी तरह स्वदेशी ‘अस्त्र’ मिसाइल फिट की जाएगी. वहीं ASRAAM मिसाइल इसके क्लोज-कॉम्बैट (करीबी लड़ाई) में बढ़त दिलाएगी.

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About the Author

Sachendra Singh

सचेंद्र सिंह का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से है. इन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई 'संगम नगरी' प्रयागराज में स्थित इलाहाबाद विश्वविद्यालय से की है. पढ़ने और लिखने में इनकी ऐसी रूचि रही कि इन्होंने पत्रकारिता जगत से जुड़कर अपना करियर बनाने की ठान ली. फिलहाल सचेंद्र ज़ी मीडिया समूह से जुड़कर 'ज़ी भारत : ZEE Bharat' के डिजिटल प्लेटफॉर्म में अपना योगदान दे रहे हैं. ...और पढ़ें

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