आसमान में घमासान! HAL ने Tejas Mk2 की डिलीवरी का किया ऐलान, हर 15 दिन में IAF सौंपेगा लड़ाकू विमान; थर्राया पाकिस्तान

HAL Tejas Mk2 delivery update: भारत की रक्षा क्षमता और स्वदेशीकरण की मुहिम को एक नई रफ्तार मिली है. सरकारी विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने अपने अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान तेजस एमके2 की उत्पादन समय सीमा में तेजी लाने की तैयारी की है.

Written by - Prashant Singh | Last Updated : Nov 15, 2025, 11:14 AM IST
  • MiG-21 की जगह लेगा Tejas Mk2 जेट
  • 3 उत्पादन लाइनों से ताबड़तोड़ डिलीवरी
आसमान में घमासान! HAL ने Tejas Mk2 की डिलीवरी का किया ऐलान, हर 15 दिन में IAF सौंपेगा लड़ाकू विमान; थर्राया पाकिस्तान

HAL Tejas Mk2 delivery update: HAL इंडियन एयरफोर्स की ताकत को बढ़ाने के लिए कमर कस ली है. वर्तमान में वायुसेना अपनी घटती स्क्वाड्रन संख्या को लेकर चिंतित है. हालांकि, HAL के हालिया बयान ने सभी मुश्किलों का समाधान ढूंढ निकाला है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के महत्वाकांक्षी स्वदेशी लड़ाकू विमान Tejas MkII के निर्माण को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने रिकॉर्ड गति दी है. एचएएल ने इस एडवांस लड़ाकू विमान के विकास और उत्पादन की समय सीमा को तेज कर दिया है. जिसके बाद बड़ी सख्या में तेजस एमके2 लड़ाकू विमानों की डिलीवरी संभव होगी.

HAL का क्या है प्लान?
IDRW की रिपोर्ट के मुताबिक, HAL  लिमिटेड सीरीज प्रोडक्शन को जल्द शुरू करने का ऑफर दिया है. इस प्लानिंग के तहत, 2034 तक सालाना 24 विमानों का उत्पादन करने के लिए तीन मौजूदा उत्पादन लाइनों को दोबारा शुरू करने का प्रस्ताव दिया है. यह फैसला देश की हवाई ताकत को तेजी से मजबूत करने और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा हासिल होगा.

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हर साल बनेंगे 24 तेजस एमके2
सूत्रों के मुताबिक, एचएएल ने तेजस एमके2 के विकास और शुरुआती सीमित उत्पादन की प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया है. कंपनी ने एक महत्वाकांक्षी योजना प्रस्तावित की है जिसके तहत, 2034 तक सालाना 24 तेजस एमके2 विमानों का उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए तीन मौजूदा उत्पादन लाइनों को शुरू करने का फैसला लिया है.

वर्तमान में, एचएएल मुख्य रूप से तेजस एमके1ए विमानों का निर्माण कर रहा है. इस नई योजना का उद्देश्य एमके1ए के उत्पादन में आई तेजी का लाभ उठाकर एमके2 को जल्द से जल्द वायुसेना को सौंपना है, जो कि मिग-21 जैसे पुराने बेड़े की जगह लेगा.

समय सीमा में बदलाव
एचएएल की इस पहल से तेजस एमके2 कार्यक्रम की समय सीमा में कई महत्वपूर्ण बदलाव होंगे.

रोल-आउट और पहली उड़ान: परियोजना के 'रोल-आउट' की समय सीमा को 2025 के अंत तक रखा गया है, जिसके बाद विमान का परीक्षण शुरू होगा. ऐसे में, पहली उड़ान अब 2026 की पहली तिमाही में होने की संभावना है.

तेजस एमके1ए की सफलता: तेजस एमके2 की समय सीमा में यह तेजी एचएएल की तेजस एमके1ए विमानों के उत्पादन में हालिया सफलता के आधार पर है, जिसकी तीसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन हाल ही में किया गया था.

भारतीय वायुसेना की बढ़ेगी ताकत
तेजस एमके2 भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए एक महत्वपूर्ण लड़ाकू विमान है. तेजस एमके2 मिग-21 जैसे पुराने हो रहे लड़ाकू विमानों के बेड़े की जगह लेगा, जो भारतीय वायुसेना की घटती हुई स्क्वाड्रन संख्या के संकट को दूर करने में मदद करेगा.

आपको बता दें, तेजस एमके2, तेजस एमके1ए का एक अधिक शक्तिशाली और तकनीकी रूप से एडवांस वेरिएंट होगा. इसमें एक अधिक शक्तिशाली इंजन, एडवांस एवियोनिक्स और अधिक हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

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