जब लालू प्रसाद यादव की गिरफ्तारी के लिए CBI को बुलानी पड़ी सेना, जानिए क्या था किस्सा

बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद आज अपना 73वां जन्मदिन मना रहे हैं. 11 जून 1948 को उनका जन्म बिहार के गोपालगंज में हुआ था.  

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jun 11, 2021, 08:01 AM IST
  • बिहार के गोपालगंज में पैदा हुए आरजेडी प्रमुख लालू
  • इस वक्त चारा घोटाले के मामले में काट रहे हैं सजा
जब लालू प्रसाद यादव की गिरफ्तारी के लिए CBI को बुलानी पड़ी सेना, जानिए क्या था किस्सा

नई दिल्लीः देश की राजनीति में अतीत के पन्ने कई ऐसे किरदार समेटे हुए हैं जिन्होंने देश की दशा और दिशा बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है. कई ऐसे नेता हुए हैं, जिनके काम करने का अंदाज हमेशा लोगों की जुबान पर रहता है. भारत की राजनीति में अगर किसी नेता के अंदाज ने सबसे ज्यादा लोगों को अपनी ओर खींचा है तो उसका नाम है लालू प्रसाद यादव.

बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद आज अपना 73वां जन्मदिन मना रहे हैं. 11 जून 1948 को उनका जन्म बिहार के गोपालगंज में हुआ था. जिंदगी के 72 बसंत जी चुके लालू के कई अंदाज हैं. बिहार के एक गरीब परिवार से लेकर राजनीति के शिखर तक पहुंचने, शोहरत की बुलंदियों को छूकर भ्रष्टाचार के दलदल में चले जाने तक. यूं तो लालू के कई किस्से आपने सुने होंगे. लेकिन क्या आपको पता है कि एक बार लालू को गिरफ्तार करने के लिए सेना की मदद बुलानी पड़ी थी.

जानिए क्या था किस्सा
ये किस्सा 1996-97 का है, जब बिहार की सियासत में लालू का जलवा था. वो मौजूदा सीएम थे और बिहार से लेकर दिल्ली तक उनकी पकड़ बेहद मजबूत थी. लेकिन इसी बीच चारा घोटाले में उनका नाम आया था जिसने उनकी साख को गहरा झटका दिया था. इसी मामले की जांच सीबीआई कर रही थी. सीबीआई को अपनी तहकीकात के बाद लगा था की अब सीएम लालू को गिरफ्तार करना पड़ेगा. लेकिन ये सबकुछ इतना आसान नहीं था.

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गिरफ्तारी के लिए कहीं से नहीं मिली मदद
सीबीआई के सह निदेशक यू एन विश्वास तब चारा घोटाले की जांच कर रहे थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विश्वास ने लालू की गिरफ्तारी के लिए बिहार के मुख्य सचिव से संपर्क भी साधा था, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हुए. फिर डीजीपी से बातचीत की गई, तो उन्होंने एक तरीके से पूरे मामले को ही टाल दिया था. उधर, दूसरी ओर, लालू यादव के मुख्यमंत्री आवास के अंदर और बाहर हज़ारों की संख्या में उनके समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा.  ऐसे में सीबीआई के चंद ऑफिसर के दम पर लालू को गिरफ्तार करना आसान नहीं था.

इसके बाद विश्वास भी अपनी ज़िद पर अड़े थे और उन्होंने एक दिन दानापुर कैंट में ब्रिगेडियर RP नौटियाल से मिलने का आदेश दिया और कहा कि सेना को की मदद से लालू यादव की गिरफ़्तारी की जाए, लेकिन ब्रिगेडियर नौटियाल ने अपने ऊपर के अधिकारियों से बातचीत के बाद यह कहकर अपने हाथ खड़े कर दिए कि सेना का काम मुश्किल के समय में सिविल प्रशासन की मदद करना है ना कि पुलिस के बदले किसी काम में भाग लेना.

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फिर ऐसे पहुंचे जेल
आखिरकार विश्वास को सेना की मदद नहीं मिली लेकिन यह घोटाला लालू के लिए गले की फांस बना रहा. आखिरकार लालू को सीबीआई कोर्ट में आत्मसमर्पण करना पड़ा. इसी के बाद लालू ने इस्तीफा देकर अपनी पत्नी राबड़ी देवी को बिहार का नया सीएम बनाया था. हालांकि, सेना की मदद न मिलने वाली बात जब मीडिया में लीक हुई थी तो लोकसभा में जमकर हंगामा भी हुआ था. 

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