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  • कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या- 1,09,462 जबकि अबतक 6,348 मरीजों की मौत: स्त्रोत-PIB
  • अंतर्राष्ट्रीय टीकाकरण गठबंधन के लिए भारत ने 15 मिलियन डॉलर देने का वचन दिया
  • केंद्र ने 4 जून, 2020 को राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों को जीएसटी मुआवजे के तौर पर 36,400 करोड़ रुपया जारी किया
  • कोविड-19 की रोकथाम हेतु MoHFW ने निवारक उपायों पर एसओपी जारी किया
  • ट्यूलिप– सभी यूएलबीऔर स्मार्ट शहरों में नए स्नातकों को अवसर प्रदान करने के लिए शहरी अध्ययन प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत
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  • आइए कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई को मजबूत करें और सरकार द्वारा जारी किए गए सभी दिशानिर्देशों का पालन करें
  • मनरेगा के तहत मजदूरी और सामग्री दोनों के ही लंबित बकाये को समाप्त करने के लिए राज्यों को 28,729 करोड़ रुपये जारी किए गए
  • पीएमजीकेपी के तहत (02.06.2020 तक): चालू वित्तीय वर्ष में 48.13 करोड़ मानव कार्य-दिवस के रोजगार का सृजन

उत्तराखंड के पहाड़ों में शुरू की जा रही हेली सेवा से चीन सीमा पर पहुंचना हुआ आसान

केदारनाथ घाटी के बाद अब उत्तराखंड के कई अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर के जरिए सैर की जा सकेगी. राज्य में 26 जनवरी से इस योजना के शुरू होने की उम्मीद है. पहले चरण में देहरादून से दो उड़ाने संचालित करने की योजना है व देहरादून से गोचर और चिन्यालीसैण के लिए यात्रा शुरू होने जा रही है.   

उत्तराखंड के पहाड़ों में शुरू की जा रही हेली सेवा से चीन सीमा पर पहुंचना हुआ आसान

देहरादून: उत्तराखंड की पहाड़ियों में भी 26 जनवरी से हेली सेवा का शुभारंभ किया जाना है. डीजीसीए की हरी झंडी के बाद उत्तराखंड की घाटियों में हेली उड़ते हुए दिखाई देंगें. इन रणनीतिक हवाई मार्गो को खोले जाने से चीन सीमा पर पंहुचना भी आसान हो जाएगा.

मात्र तीन से चार हजार में यात्री कर सकेंगे यात्रा
उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के दौरान देहरादून, रूद्रप्रयाग और चमोली जिले में कई हेली कम्पनियां अपनी सेवाए देती हैं. सबसे ज्यादा मांग रूद्रप्रयाग जिले में हेली सर्विस की रहती है. यंहा से केदारनाथ धाम के लिए सीधे हेली सर्विस का फायदा लाखों श्रद्धालु उठाते रहे हैं. कई कम्पनियां देहरादून से सीधे केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के लिए भी सेवा उपलब्ध कराते हैं. लेकिन अब राज्य के दर्जन भर से ज्यादा नये हवाई मार्ग खोले जा रहे हैं. बदरीनाथ यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव गोचर और गंगोत्री यात्रा के रूट पर पड़ने वाले चिन्यालीसौण के लिए हेली पहले चरण में शुरू होने जा रही है. देहरादून-गोचर मार्ग की दूरी मात्र 30 मिनट मे पूरी हो सकेगी. इस सफर के लिए यात्रियों को तीन से साढ़े तीन हजार रूपये खर्च करने होंगें. जबकि गोचर के लिए चार हजार रूपये से ज्यादा किराया चुकाना होगा. इस सफर को पूरा करने के लिए 40 मिनट का समय लगेगा.

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औली, फूलों की घाटी और हेमकुंट साहिब की यात्रा आसान
हवाई सफर के शुरुआत से राज्य के पर्यटन को नई दिशा मिल सकती है. देहरादून- गोचर हवाई मार्ग खुलने के बाद खूबसूरत पर्यटक स्थल औली और फूलों की घाटी सहित सिक्खों के पवित्र स्थल हेमकुंट साहिब की यात्रा भी आसान होगी. इसी तरह देहरादून- चिन्यालीसौण मार्ग खुलने से गंगोत्री और गोमुख की यात्रा आसान होगी.

आपदा के दौरान बचाव कार्य में मिलेगा फायदा
गोचर और चिन्यालीसौण सबसे ज्यादा आपदा प्रभावित जिलों चमोली और उत्तरकाशी में आते हैं. मानसून के दौरान इन दोनों जिलों के कई इलाकों में आवागमन प्रभावित होता है. हालाकि ऑल वेदर रोड का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है फिर भी सड़क मार्ग से पंहुचने में अच्छा खासा समय लगता है. एसे में किसी भी तरह की आपात स्थिति में हवाई मार्ग का इस्तेमाल कर समस्या को नियंत्रण करने में मदद मिल सकती है.

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चीन सीमा पर आसानी से पहुंचा जा सकता है
उत्तराखंड की सीमाएं चीन से भी लगती है. केंद्र सरकार लंबे समय से चीन सीमा तक बुनियादी सुविधाओं को विकसित कर रही है. रणनीतिक तौर पर ऑल वेदर रोड और कर्णप्रयाग तक रेल लाइन इसी रणनीति का हिस्सा है. ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक तौर पर हवाई नेटवर्क को मजबूत करने के लिए इस योजना को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.