अस्पताल के नाम पर बच्चों के कितने 'डेथ सेंटर'? जैसा राजस्थान, वैसा गुजरात!

अस्पताल के नाम पर बच्चों के कितने 'डेथ सेंटर'? ये सवाल हम इसलिए पूछ रहे हैं क्योंकि जैसी हालत राजस्थान की है. वैसी ही गुजरात की हो गई है. गुजरात में अबतक पिछले एक महीने के भीतर 310 से ज्यादा बच्चों ने दम तोड़ दिया है.

अस्पताल के नाम पर बच्चों के कितने 'डेथ सेंटर'? जैसा राजस्थान, वैसा गुजरात!

नई दिल्ली: देश के दो राज्यों में अस्पताल बच्चों के लिए डेथ सेंटर बनते जा रहे हैं. इसमें अव्वल दर्जे पर राजस्थान का नाम शुमार है. लेकिन, गुजरात भी इm मामले में काफी पीछे नहीं है. गुजरात में भी बच्चे लगातार दम तोड़ रहे हैं. परिजनों के आंसू रुकने के नाम नहीं ले रहे हैं. लेकिन हुक्मरान की जुबान पर ताला लगा हुआ है.

देश में 'शिशु नरंसहार' के कितने अस्पताल ?

अहमदाबाद, गुजरात

  • हर महीने 70-80 बच्चों की मौत

जामनगर, गुजरात 

  • 2 महीने में 139 शिशुओं की मौत

राजकोट, गुजरात 

  • एक महीने में 111 बच्चों की मौत

अहमदाबाद में हर महीने 70-80 बच्चों की मौत हो रही है. जामनगर में 2 महीने में 139 शिशुओं की मौत हो चुकी है. राजकोट की बात करें तो एक महीने में 111 बच्चों की मौत हो चुकी है.

शिशुओं का नरसंहार, जैसा राजस्थान, वैसा गुजरात !

राजस्थान में आकंड़े 400 के पार पहुंच गए हैं. हालत गुजरात में भी अच्छी नहीं है. पिछले एक महीने में गुजरात में 310 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई. ये सब तब हो रहा है जब कि राजस्थान के अस्पतालों की हालत जगजाहिर हो गई. अहमदाबाद, जामनगर और राजकोट से बच्चों की मौत के जो आंकड़े आए हैं. वो यकीनन डराने वाले हैं.

आखिर ऐसी हालत का असल जिम्मेदार कौन?

ये दोनों की राज्य धनी और सुविधा संपन्न माने जाते हैं. लेकिन आखिर ऐसी क्या बात हो गई कि दोनों ही राज्यों से सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं की ना सिर्फ किल्लत है. बल्कि ये अस्पताल बच्चों के लिए डेथ सेंटर बन रहे हैं. जोधपुर में एक महीने में 146 बच्चों की मौत हो गई है, कोटा में एक महीने में 110 बच्चों की मौत हो गई, बीकानेर में 162 बच्चों की मौत हो गई.

राजस्थान पर स्वास्थ्य मंत्रालय की डरावनी रिपोर्ट

जेके लोन अस्पताल पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट सामने आई है. कोटा के जेके लोन अस्पताल में भारी बदइंतजामी मिली. रिपोर्ट के अनुसार कोटा में हाइपोथरमिया नाम की बीमारी से बच्चों की जान गई. ऐसे में गुजरात की ऐसी हालत भी ऐसी ही हो गई है.

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