'पिनाका-IV' बनेगा IAF का नया ब्रह्मास्त्र! 300KM रेंज, लड़ाकू विमान से दागने की तैयारी; DRDO के एक्शन से थर्राया पाकिस्तान

DRDO IAF air launch Pinaka IV: भारतीय वायुसेना और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने मिलकर एक ऐसी परियोजना पर काम शुरू किया है, जो युद्ध के मैदान में भारत की सामरिक ताकत को निश्चित रूप से बढ़ाएगी.

Written by - Prashant Singh | Last Updated : Nov 9, 2025, 10:01 AM IST
  • पिनाका-IV की रेंज 300 किलोमीटर तक बढ़ी
  • IAF विमानों से एयर-लॉन्च की योजना सक्रिय
'पिनाका-IV' बनेगा IAF का नया ब्रह्मास्त्र! 300KM रेंज, लड़ाकू विमान से दागने की तैयारी; DRDO के एक्शन से थर्राया पाकिस्तान

DRDO IAF air launch Pinaka IV: भारतीय वायुसेना ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO के साथ मिलकर एक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक हथियार बनाने की प्लानिंग शुरू कर दी है. यह हथियार है 'एयर लॉन्च पिनाका-IV', जो पिनाका रॉकेट सिस्टम का अगला और सबसे पॉवरफुल वर्जन होगा. DRDO से मिले संकेतों के मुताबिक, यह सिस्टम 300 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी और इसे न केवल सेना बल्कि वायुसेना के लड़ाकू विमानों से भी लॉन्च किया जा सकेगा. यह विकास भारत की डीप स्ट्राइक क्षमता को नई ऊंचाई देगा.

जिसका मतलब है कि इसे भारतीय सेना अपने परंपरागत लॉन्चरों से दागेगी, और साथ ही इसे इंडियन एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों जैसे Su-30MKI पर भी इंटीग्रेट किया जाएगा. हवा से पिनाका को दागने की क्षमता इंडियन एयरफोर्स को दुश्मन के क्षेत्र में गहराई तक प्रभावी हमले करने का एक सस्ता और तेज विकल्प देगी, जिससे वह ब्रह्मोस या प्रलय जैसी महंगी मिसाइलों पर हर बार निर्भर नहीं रहेगा. पिनाका-IV की इस नई क्षमता से भारत की तोपखाना की पहुंच और भी घातक हो जाएगी.

Add Zee News as a Preferred Source

पिनाका-IV रेंज और सटीकता में क्रांति
पिनाका रॉकेट सिस्टम पहले कारगिल युद्ध में अपनी मारक क्षमता दिखा चुका है. अब पिनाका-IV इसका सबसे एडवांस और लंबा वर्जन होगा. पिनाका-IV की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 300 किलोमीटर तक की बढ़ी हुई रेंज है. यह इसे पारंपरिक रॉकेट लॉन्चर के दायरे से बाहर निकालकर एक टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल का सस्ता विकल्प बनाता है.

DRDO सूत्रों के अनुसार, पिनाका-IV को 'प्रलय' मिसाइल से प्रेरणा लेकर विकसित किया जा रहा है, जिसमें एडवांस गाइडेड सिस्टम होगी. यह उड़ान के दौरान अपने Trajectory को बदल सकेगा, जिससे दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम जैसे S-400 के लिए इसे पकड़ना बेहद मुश्किल हो जाएगा.

वायुसेना के लिए एयर-लॉन्च का महत्व
पिनाका-IV को लड़ाकू विमानों से लॉन्च करने की वायुसेना की महत्वाकांक्षा कई रणनीतिक फायदे देगी. विमानों से लॉन्च करने पर, पिनाका की 300 किमी की रेंज और बढ़ जाएगी, क्योंकि विमान दुश्मन की सीमा के करीब जाकर रॉकेट दाग सकते हैं और तुरंत सुरक्षित क्षेत्र में वापस आ सकते हैं. इससे पायलटों और विमानों को खतरा कम होगा.

वहीं, वायुसेना इसका इस्तेमाल दुश्मन के महत्वपूर्ण ठिकानों जैसे कमांड सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब और एयरबेस के खिलाफ कर सकती है, वो भी ब्रह्मोस या अन्य क्रूज मिसाइलों की तुलना में काफी कम लागत में बेहद घातक वार कर सकती है.

दोहरी सेवा और मेक इन इंडिया को बढ़ावा
यह प्रोजेक्ट भारत के रक्षा स्वदेशीकरण के लक्ष्य को मजबूत करती है. पिनाका-IV का दोहरा इस्तेमाल इसकी सामरिक उपयोगिता को कई गुना बढ़ा देता है. भारत के पास पहले से ही सालाना हजारों पिनाका रॉकेट बनाने की मजबूत क्षमता है. इस नए वर्जन का विकास इस क्षमता को और बढ़ाएगा, जिससे दोनों सेनाओं की जरूरतों को तेजी से पूरा किया जा सकेगा.

चीन-पाकिस्तान को जवाब
पिनाका-IV का विकास वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) और नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारत की तोपखाना शक्ति को अभूतपूर्व बढ़त देगा, जिससे चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों की किसी भी आक्रामक एक्टिविटी का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सकेगा.

ये भी पढ़ें- आ रहा S-400 का जिगरी यार, पहले से ताकतवर! Ops Sindoor में 100% हिट रेट से मचाई खलबली; ड्रोन-मिसाइलों को मानता 'जानी' दुश्मन

Zee Hindustan News App: देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें ज़ी हिंदुस्तान न्यूज़ ऐप.

About the Author

Prashant Singh

प्रशांत सिंह के लेख रिसर्च-आधारित, फैक्ट-चेक्ड और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित होते हैं. ये जियोपॉलिटिक्स और रक्षा से जुड़ी खबरों को आसान हिंदी में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. ...और पढ़ें

ट्रेंडिंग न्यूज़