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सुरक्षा बलों की तीसरी आंख से नहीं बच पाएंगे कश्मीर में आतंकवादी

जम्मू कश्मीर में आतंकियों के नापाक मंसूबों को रोकने के लिए भारत ने तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया है. अब हर जिले में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना बनाई जा रही है. इससे आतंकी कभी भी सुरक्षा बलों की निगाह से बच नहीं पाएंगे. 

सुरक्षा बलों की तीसरी आंख से नहीं बच पाएंगे कश्मीर में आतंकवादी
आतंकियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरा

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में सभी 25 जिलों के प्रवेश और निकलने के रास्तों पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना बनाई जा रही है. जिससे आतंकियों की हर हरकत पर नजर रखी जा सके और किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर सुरक्षा बल बेहद तेजी से कार्रवाई करने में सक्षम हो सकें.   

बेहद अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगे सीसीटीवी कैमरे
जम्मू कश्मीर के सभी 25 जिलों में नया सर्विलांस सिस्टम लगाया जाएगा. यह कैमरे अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगे. जिनके जरिए रात और दिन दोनों वक्त सटीक तस्वीरें ली जा सकेंगी. यह सर्विलांस सिस्टम पूरे 24 घंटे चालू रहेगा. यह सभी कैमरे एक सेन्ट्रल मॉनिटरिंग स्टेशन से जुड़े हुए होंगे. जिनके जरिए हर जिले में प्रवेश और निकलने के रास्तों पर निगाह रखी जाएगी. मौजूदा वित्त वर्ष के आखिर तक यह सभी सीसीटीवी कैमरे लगा दिए जाएंगे.

पहले भी ली जाती थी सीसीटीवी कैमरे की मदद
जम्मू कश्मीर में पहले भी कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे. जिनकी मदद से आतंकियों पर नकेल कसने में काफी मदद मिली. जिसके बाद सभी जिलों के एंट्री और एक्जिट प्वाइंट पर कैमरे लगाने का फैसला किया गया. उम्मीद की जा रही है कि इससे आतंक के खिलाफ लड़ाई में काफी मदद मिलेगी. 

खुद से अलर्ट जारी कर देंगे कैमरे
जम्मू कश्मीर में लगाए जाने वाले ये कैमरे इतने सेंसिटिव होंगे कि वह सिस्टम में फीड किए चेहरों की और गाड़ियों के नंबरों की भी पहचान करने में सक्षम होंगे. यह कैमरे संदिग्ध गाड़ी या फिर चेहरों को देखते ही अलर्ट जारी कर देंगे. जो कि इन कैमरों से केन्द्रीय मॉनटरिंग सिस्टम तक पहुंचेगा. जहां से यह अलर्ट सीधा फील्ड में तैनात सुरक्षाबलों के पास भेज दिए जाएंगे. यह कैमरे बिजली और सोलर पावर दोनों से संचालित होंगे और 24 घंटे ऑन रहेंगे. इन कैमरों और मॉनिटरिंग सिस्टम के संचालन के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों को ट्रेनिंग दिए जाने की भी व्यवस्था की जा रही है.