खुद माया में फंसे मिले कल्कि 'भगवान', छापे में मिली 500 करोड़ की अघोषित संपत्ति

खुद को विष्णु का 10वां आवतार बताने वाले और इसी नाम से प्रसिद्ध कल्कि भगवान आयकर विभाग के शिकंजे में आ गए हैं. दक्षिण भारत के अलग-अलग शहरों में उनके लगभग 40 ठिकानों पर पड़े छापों में अकूत अघोषित संपत्ति सामने आई है. दुनिया को मोह माया से दूर रहने का ज्ञान देने वाले खुद को सिद्ध साधु बताने वाले कल्कि भगवान खुद माया के चक्कर में फंस गए हैं.

खुद माया में फंसे मिले कल्कि 'भगवान', छापे में मिली 500 करोड़ की अघोषित संपत्ति

बेंगलुरूः लोगों के बीच खुद को भगवान विष्णु का 10वां अवतार बताकर प्रसिद्ध हुए कल्कि 'भगवान' के ठिकानों पर छापे में 500 करोड़ की अघोषित संपत्ति का पता चला है. आयकर विभाग ने बीते 16 अक्टूबर से लगातार तीन दिन तक उनके 
40 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी. हालांकि इस दौरान उन्होंने सीधे तौर पर कल्कि भगवान का नाम नहीं लिया था. लेकिन मीडिया में खबर आने के बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि माया का यह भंडार मोह से दूर रहने का ज्ञान 
देने वाले कल्कि 'भगवान' का ही है.

 

यहां डाले गए थे छापे
आयकर विभाग से जारी बयान में कहा गया था कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दक्षिण भारत के आध्यात्मिक गुरु से संबंधित 40 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई थी. यह सभी आश्रम चेन्नई, बेंगलुरू और वरदैयापालम जैसे
शहरें में स्थित हैं. इन सभी स्थानों पर आध्यात्म के नाम पर लोगों का हुजूम उमड़ता था साथ ही कई कैंपस ऐसे भी हैं, जिनमें विदेशों से लोग आकर रुकते थे. यहां ध्यान और योग-साधना के नाम पर बड़ा चढ़ावा आता था. कल्कि 'भगवान' वननेस
यूनिवर्सिर्टी नाम से बनाए गए संस्थान के फाउंडर भी हैं, जिसका बेंगलुरू में बना कैंपस किसी आलीशान महल जैसा है.

छापे में मिला इतना खजाना
विभाग के छापे के अनुसार सभी ठिकानों से जो संपत्तियां मिली हैं व किसी अकूत खजाने से कम नहीं हैं. अफसरों ने बताया कि आश्रम के खातों की जांच की गई तो कई बड़ी अनियमितताएं सामने आईं. आश्रम इनकम टैक्स की बड़ी चोरी कर रहा था. इसके अलावा 18 करोड़ रुपये के अमेरिकी डॉलर, 88 किलो के सोने के आभूषण, जिनकी कीमत 26 करोड़ आंकी गई है. 1271 कैरेट का पांच करोड़ का हीरा जब्त किया गया है. इसके अलावा करोड़ों की जमीनें और बेनामी संपत्तियां भी दर्ज हैं. आयकर की जांच में सामने आया है कि इस संस्था का कारोबार देश के अलावा विदेशों में भी फैला हुआ है. इस संस्था ने विदेशों में पैसा लगाया है. इसके अलावा आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी इस संस्था ने जमीनें खरीदी है. इस संस्था से जुड़ने वाले में कई विदेशी भी शामिल हैं.इन सभी अघोषित संपत्तियों को मिला दिया जाए तो यह ठीक-ठीक 500 करोड़ का काला धन सामने आता है. 

जानिए कौन हैं कल्कि 'भगवान'
एक जमाने में एलआईसी के साधारण क्लर्क रहे विजय कुमार नायडू  1989 में आध्यात्म की ओर मुड़ा और धीरे-धीरे खुद को कल्कि भगवान बताने लगा. उसने लोगों को अपने भ्रम जाल में फंसाना शुरू किया और एक आध्यात्मिक संस्था की स्थापना भी की. इसके सहारे वह देश-विदेश से आने वाले लोगों से मोटी रकम वसूलता था. सूत्रों के अनुसार आश्रम में सामान्य दर्शन के लिए 5 हजार और खास दर्शन के 50 हजार की मोटी रकम वसूली जाती थी. ध्यान-योग साधना के लिए पहुंचने वाले लोगों से भी 50 हजार रुपये की फीस ली जाती थी. इस पूरे गोरखधंधे में उनकी पत्नी और बेटा एनएम कृष्णा भी शामिल थे. आयकर विभाग ने 16 अक्टूबर को एनएम कृष्णा के ही ठिकानों से छापे की शुरुआत की थी.