S-400 को 'जल्लाद' बनाएगा आयरन डोम! इजरायल से $3.7 अरब की महा-डील, मिलेंगी क्रूर MR-SAM मिसाइलें; बौराया दुश्मन

MR-SAM deal India-Israel: भारत सरकार ने इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) के साथ संयुक्त रूप से विकसित 'मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल' (MR-SAM) प्रणाली की खरीद के लिए मंजूरी दे दी है.

Written by - Prashant Singh | Last Updated : Nov 10, 2025, 02:03 PM IST
  • मेक इन इंडिया के तहत बनेंगी देसी मिसाइलें
  • MR-SAM बनेगा S-400 का मजबूत साथी
S-400 को 'जल्लाद' बनाएगा आयरन डोम! इजरायल से $3.7 अरब की महा-डील, मिलेंगी क्रूर MR-SAM मिसाइलें; बौराया दुश्मन

MR-SAM deal India-Israel: भारत ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को बेहद मजबूत बनाने की तैयारी में है. भारत के पास पहले से ही दुनिया का सबसे एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम S-400 है. हालांकि, दुनिया में बदलते जंग के तौर-तरीकों को देखते हुए इजराइल के साथ एक बड़ी डील को मंजूरी देने की तैयारी में है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने इजरायल से 'मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल' (MR-SAM) की खरीद को लेकर एक विशाल सौदे को अंतिम रूप दे दिया है. यह डील करीब ₹32,796 करोड़ की होगी, जो भारत और इजराइल के बीच रक्षा सहयोग के इतिहास में सबसे बड़ी साझेदारी में से एक साबित होगी.

ग्लोब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस खरीद के तहत भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना दोनों को बड़ी संख्या में अतिरिक्त MR-SAM यूनिट और 300 से अधिक मिसाइलें मिलेंगी. यह प्रणाली विमानों, हेलीकॉप्टरों, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों जैसे कई हवाई खतरों को एक साथ निष्प्रभावी करने में सक्षम है. MR-SAM प्रोग्राम 'बराक-8' मिसाइल सिस्टम का एक जमीन-आधारित वर्जन है, जिसे इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज और भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने मिलकर तैयार किया है.

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MR-SAM: क्यों है यह एक गेमचेंजर?
MR-SAM सिस्टम भारत की मल्टीलेयर एयर डिफेंस रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसे दुश्मन के हवाई खतरों का मुकाबला करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है. यह मध्यम दूरी की मिसाइल है, जो करीब 70 से 100 किलोमीटर की दूरी से ही दुश्मन के जंगी विमानों और अन्य हवाई लक्ष्यों को मार गिराने की क्षमता रखती है. यह एक साथ कई लक्ष्यों पर हमला कर सकती है.

इस सिस्टम में अत्याधुनिक फेज्ड-एरे रडार (Phased-Array Radar) लगा है, जो कई दिशाओं से आने वाले खतरों को ट्रैक कर सकती है. इसकी कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम बेहद एडवांस है, जो इसे आधुनिक युद्ध के लिए उपयुक्त बनाती है.
वायुसेना और नौसेना की ताकत बढ़ेगी

यह नया सौदा विशेष रूप से वायुसेना और नौसेना की रक्षात्मक और आक्रामक क्षमताओं को बढ़ाने पर केंद्रित है. वायुसेना इन MR-SAM को महत्वपूर्ण रणनीतिक ठिकानों और एयरबेस के आसपास तैनात करेगी. यह चीन और पाकिस्तान की सीमाओं के पास भारत के एयर डिफेंस कवर को और मजबूत बनाएगा.

वहीं, नौसेना MR-SAM के समुद्री वर्जन का इस्तेमाल अपने युद्धपोतों पर करती है. जिसे LR-SAM भी कहा जाता है. यह डील उसे अपने जंगी जहाजों को हवाई हमलों, खासकर एंटी-शिप मिसाइलों से बचाने की अतिरिक्त ताकत प्रदान करेगी.

'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा और सहयोग
इस सौदे का एक बड़ा हिस्सा भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) समेत अन्य भारतीय कंपनियों द्वारा मिसाइलों के घरेलू उत्पादन के लिए है. इजराइली एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज की तकनीक भारतीय साझेदारी के माध्यम से भारत में बनेंगी.

ऐसे में, MR-SAM भारत-इजराइल रक्षा सहयोग के बीच एक नई इबारत लिखेगा. यह सिर्फ हथियारों का एक्सपोर्ट नहीं है, बल्कि रणनीतिक टेक्नोलॉजी का हस्तांतरण और जॉइंट डेवलपमेंट है, जो दोनों देशों के संबंधों को और गहरा करता है.

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