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खुशखबरी, भारत में व्यापार करना हुआ आसान

विश्वबैंक की रिपोर्ट ने भारत को एक और मौका दिया कि सरकार अपनी पीठ थपथपा सके. भारत में निवेश करने से लेकर किसी भी बिजनेस को शुरू करना अब पहले से और भी आसान होता दिख रहा है. कुछ मापदंड ऐसे भी हैं जिसपर भारत ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है.  

खुशखबरी, भारत में व्यापार करना हुआ आसान

नई दिल्ली: भारत में आर्थिक मंदी की लगातार चली आ रही सुर्खियों के बीच एक राहत पहुंचाने वाली खबर आई. न सिर्फ सरकार बल्कि स्टार्ट अप की राह देख रहे उद्यमियों को भी इस खबर के बाद भारत में निवेश करने की चाह बढ़ती नजर आ सकती है. विश्व बैंक के इज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में भारत 14 पायदान ऊपर चढ़कर 63वें स्थान पर आ गया है. इससे पहले 2019 के इज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में भारत 77वें स्थान पर था. गुरुवार को विश्वबैंक की ओर से जारी सूची में भारत ने 2020 में 71 स्कोर हासिल किया जो पिछले साल 67.3 पर था. 

इसके अलावा भारत के लिए एक खुशखबरी की बात यह भी है कि लगातार तीसरे साल भारत को बिजनेस के फलने-फूलने लायक माहौल मुहैया कराने के लिहाज से टॉप 10 में जगह मिली है. भारत के अलावा टॉप 10 में बड़ी आबादी के बावजूद बेहतर प्रदर्शन करने वालों में चीन ही है. बाकी के देश जनसंख्या और अर्थव्यवस्था के हिसाब से छोटे देशों में गिने जाते हैं. विश्वबैंक का मानना है कि भारत का प्रदर्शन इस मामले में काबिल-ए-तारीफ है. 

2014 के बाद से लगातार बदल रही है रूपरेखा 
2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से इस रैकिंग में सुधार देखने को मिल रहा है. भारत 2014 में 190 देशों की सूची में 142वें स्थान पर था. 2018 में पहली दफा 100 के अंदर की रैकिंग में पहुंचा और 2019 में 77वें स्थान पर  तो 2020 की रैकिंग में 63वें स्थान पर आ पहुंचा है. इन पांच सालों में भारत की अर्थव्यवस्था में काफी बदलाव देखने को मिला फिर चाहे वो जीएसटी हो या इन्सोलवेंसी और बैंक-करप्सी कोड. इसके अलावा  पीएम मोदी की ड्रीम योजनाओं में से एक मेक इन इंडिया प्रोग्राम का भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है. भारत में किसी भी बिजनेस के लिहाज से उपयुक्त माहौल के लिए सरकारी बैंकों की दरों से लेकर फैक्टर्स ऑफ प्रोडक्शन का पूरा-पूरा ख्याल रखा गया. स्टार्ट अप इंडिया के जैसे प्रोग्राम से न सिर्फ लाखों नौकरियों का सृजन हुआ बल्कि देश के अंदर नए-नए पहल और प्रयोग को फलने-फूलने का मौका भी मिला. 

विश्वबैंक की ओर से जारी इज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में 10 मापदंड बनाए गए थे. 
1. बिजनेस शुरू करना
2. निर्माण के लिए परमिट सुविधा
3. बिजली की आपूर्ति
4. प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री
5. पैसों की लेन-देन 
6. माइनॉरिटी निवेशकों की सुरक्षा
7. टैक्स देने के संबंध में 
8. ठेकेदारी सुविधा को लागू करना
9. सीमा पार व्यापार को सरल बनाना
10. दिवालियेपन का समाधान 
इसके अलावा एक और मापदंड कामगरों को रोजगार देना भी शामिल किया गया था जिसे आधिकारिक तौर पर जोड़ा नहीं गया.

सीमा पार व्यापार में भारत का बेहतर प्रदर्शन 
भारत में 4 मापदंडों पर बेहतर काम हुए हैं. बात चाहे बिजनेस को शुरू करने की हो या निर्माण के लिए परमिट सुविधा की, सीमा पार व्यापार को सरल बनाने की हो या दिवालियेपन को ठीक करने की इन सभी मापदंडों पर भारत ने बेहतर काम कर रैकिंग में इस उछाल को पाया है. दक्षिण एशियाई देशों में सुस्ती के बीच भारत की रैकिंग में सुधार हुआ है. इसके अलावा विश्वबैंक के समूह अध्यक्ष ने कहा कि भारत को और अच्छे प्रदर्शन के लिए बाजार-उन्मुखी विकास पर ध्यान देने की जरूरत है जिससे बिजनेस को बढ़ने-बढ़ाने से लेकर फैलाने में भी आसानी हो.