• देश की रक्षा के लिए हमारे देश के वीर जवान क्या कर सकते हैं. यह लद्दाख में पूरी दुनिया ने देख लिया- पीएम मोदी
  • देश में प्रदूषण मुक्त ईंधन एथेनॉल का उत्पादन 40 करोड़ लीटर से बढ़कर पांच गुना यानी 200 करोड़ लीटर हुआ- पीएम
  • आज से राष्ट्रीय डिजिटल हेल्थ मिशन की शुरुआत, एक ही कार्ड में होगा पूरा मेडिकल इतिहास - पीएम
  • अब भारत का किसान अपनी मर्जी का मालिक है, वह जहां चाहे अपना उत्पाद बेच सकता है. किसानों की आय दोगुना करने की कोशिश हमने की-पीएम
  • गांवों में कृषि और गैर कृषि उत्पादों के लिए संघ बनाया जाएगा. जिससे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे- प्रधानमंत्री
  • पिछले 5 सालों में देश के 1.5 लाख पंचायतों में ऑप्टिकल फायबर पहुंचा दिया गया है. बाकी एक लाख पंचायतों में तेजी से काम जारी-पीएम
  • देश के 6 लाख गावों में ऑप्टिकल फायबर पहुंचाया जाएगा. यह काम 1000 दिनों के अंदर पूरा कर दिया जाएगा-पीएम
  • हमारे देश की महिलाएं फायटर प्लेन उड़ाने के साथ गहरी खदानों में भी काम कर रही हैं, नौसेना में भी महिला शक्ति की भागीदारी बढ़ी
  • देश में तेजी से महिला सशक्तिकरण हो रहा है. सरकारी योजनाओं में महिलाएं ज्यादा से ज्यादा भागीदारी कर रही हैं.
  • जल जीवन मिशन के तहत प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा घरों में पाइप से जल पहुंच रहा है. एक करोड़ परिवारों तक साफ जल पहुंचाया गया- पीएम

भारत को धर्म की उत्तपत्ति भूमि होने पर गर्वः राष्ट्रपति

अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) अब भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की साझीदारी में अषाढ़ पूर्णिमा पर धम्म चक्र दिवस मना रहा है. 

भारत को धर्म की उत्तपत्ति भूमि होने पर गर्वः राष्ट्रपति

नई दिल्लीः आषाढ़ पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा के मौके पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं. शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिल्ली से शनिवार को आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) की ओर से आयोजित समारोह का उद्घाटन किया. इस दौरान राष्ट्रपति ने महात्मा बुद्ध के आदर्शों को सामने रखा और देश को शुभकामनाएं दीं. 

राष्ट्रपति ने दिया संभाषण
अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) अब भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की साझीदारी में अषाढ़ पूर्णिमा पर धम्म चक्र दिवस मना रहा है. इस अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने संभाषण में कहा कि आज से लगभग 2,500 साल पहले आषाढ़ पूर्णिमा पर, पहली बार बुद्धि शब्द बोला गया था.

आत्मज्ञान प्राप्त करने पर बुद्ध शांत हो गए. उन्होंने इसके वर्णन से परे पहले एक राज्य में पांच हफ्ते बिताए. फिर उन्होंने उन लोगों के साथ ज्ञान को बांटना शुरू किया जो उन्होंने खोजे थे. 

धर्म की उत्पत्ति भूमि है भारत
उन्होंने कहा कि भारत को धर्म की उत्पत्ति की भूमि होने पर गर्व है. यह भारत से पड़ोसी क्षेत्रों में फैलने लगा. वहां नई उपजाऊ मिट्टी और नई जलवायु में यह काफी हद तक बढ़ गया और फैल रहा है.

राष्ट्रपति ने कहा कि भगवान बुद्ध के विचार और आदर्श हमेशा प्रासंगिक हैं और रहेंगे. 

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