अमित शाह के अरुणांचल दौरे पर चीन की टिप्पणी का भारत ने दिया करारा जवाब

गृहमंत्री अमित शाह के अरूणाचल प्रदेश के दौरे पर चीन ने आपत्ति की थी जिस पर भारत की ओर से करारा जवाब दिया गया है.

अमित शाह के अरुणांचल दौरे पर चीन की टिप्पणी का भारत ने दिया करारा जवाब

दिल्ली: भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-चीन सीमा के पूर्वी सेक्टर जाकर अरुणाचल प्रदेश की प्रदेश स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रम में भाग लिया था. चीन ने अमित शाह के अरुणाचल प्रदेश दौरे पर आपत्ति जताई थी जिसका भारत की ओर करारा पलटवार किया गया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि हमेशा से भारत का रुख रहा है कि अरुणाचल प्रदेश उसका अभिन्न हिस्सा है जिसे अलग नहीं किया जा सकता और ऐसा करने की किसी की हिम्मत भी नहीं हैं. 

चीन ने जताई थी आपत्ति

अरुणाचल प्रदेश के 34वें स्थापना दिवस के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विभिन्‍न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए बृहस्पतिवार को अरुणाचल प्रदेश गए थे. इस दौरान उन्होंने उद्योग एवं सड़कों से जुड़ी कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया था. शाह की यात्रा पर आपत्ति जताते हुए चीन ने कहा था कि यह उसकी क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन है. चीन ने कहा कि वह इस यात्रा का विरोध करता है.


 
अनुच्छेद 371 को भी खत्म करने की अफवाह

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बृहस्‍पतिवार को अपने अरुणाचल दौरे पर कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद ये अफवाह फैलाई जा रही थी कि अनुच्छेद 371 को भी खत्म कर दिया जाएगा. लेकिन, ऐसा कभी नहीं होगा और ना ही ऐसा करने की किसी कि मंशा है.

पहले भी आपत्ति करता रहा है चीन

अरुणाचल प्रदेश 34 साल पहले 20 फरवरी को एक केंद्र शासित प्रदेश से पूर्ण राज्य बना था. यह क्षेत्र 1913-14 में ब्रिटिश भारत का हिस्सा था और औपचारिक रूप से तब शामिल किया गया था, जब 1938 में भारत और तिब्बत के बीच सीमा के तौर पर मैकमोहन रेखा स्थापित हुई थी.

बता दें कि चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत क्षेत्र का एक हिस्सा मानता है इसलिए वह प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्रियों के अरुणाचल प्रदेश के दौरे को लेकर अपनी आपत्ति जताता रहा है.

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