Tejas Combat Aircraft India: तेजस MK-1A स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट का अपग्रेडेड वर्जन है. बता दें कि इसमें 40 से ज्यादा बड़े सुधार किए गए हैं, जिनमें एडवांस एवियोनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और एडवांस वेपन का इंटीग्रेशन भी शामिल है. आइए आपको बताते हैं तेजस MK-1A ने किन हथियारों के साथ सफल परिक्षण किया है.
Astra मिसाइल की सफल फायरिंग
इन ट्रायल्स में DRDO द्वारा बनाई गई अस्त्र मिसाइल की टेस्ट फायरिंग की गई. यह मिसाइल Beyond Visual Range Air-to-Air Missile (BVRAAM) है, जो दुश्मन के विमान को दूर से ही निशाना बना तबाह करने की योग्यता रखती है. इसकी मदद से भारतीय पायलट्स को सुरक्षित दूरी से हमला करने की क्षमता मिलती है.
ASRAAM मिसाइल का भी टेस्ट
ब्रिटिश मूल की ASRAAM (Advanced Short Range Air-to-Air Missile) का भी सफल परीक्षण किया गया है. यह मिसाइल नजदीकी हवाई लड़ाई में बेहद असरदार मानी जाती है. अब तेजस MK-1A की मुख्य शॉर्ट-रेंज मिसाइल की लिस्ट में भी है.
एडवांस AESA रडार की ताकत
तेजस MK-1A में इजरायल के ELTA ELM-2052 AESA रडार को लगाया गया है. यह रडार बेहतर टारगेटिंग, Situational Awareness और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से बचाव करने की क्षमता रखता है.
रडार और हथियार सिस्टम का मेल
ट्रायल्स के दौरान यह भी जांचा गया कि विमान का रडार और फायर कंट्रोल, कंप्यूटर हथियारों के साथ कितनी अच्छी तरह तालमेल बैठा पा रहे हैं. बता दें कि नतीजे बेहद सफल रहे. इससे यह साबित हुआ कि मिसाइल गाइडेंस और टारगेटिंग बिना किसी दिक्कत के काम करने वाली है.
वायुसेना में शामिल होने की तैयारी
इस सफल परीक्षण के बाद तेजस MK-1A को जल्द ही भारतीय वायुसेना में शामिल करने का रास्ता साफ हो गया है. तेजस MK-1A की हथियारों के साथ यह सफलता भारतीय एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी की प्रगति को दिखाती है. HAL अब यह साबित कर चुका है कि वह भारतीय वायुसेना को मॉडर्न, एडवांस और पूरी तरह सक्षम फाइटर जेट देने में सक्षम है.
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