ड्रोन वॉरफेयर का ‘महाभारत’ शुरू! इंडियन आर्मी के दक्षिणी कमान ने Vayu Samnavay-II में दिखाया 21वीं सदी का युद्ध

Indian Army vayu samnavay-II : भारत की सेना त्रिशूल युद्धाभ्यास के बाद वायु समन्वय-II ड्रोन वॉरफेयर की तैयारी कर रही है. वायु समन्वय-II के तहत सेना ने कई प्रकार के स्वदेशी ड्रोन मैदान में उतारे. ये ड्रोन न सिर्फ हमला करते हैं, बल्कि काउंटर ड्रोन ऑपरेशन भी करते हैं. 

Written by - Saurabh Pal | Last Updated : Nov 8, 2025, 05:56 PM IST
  • अटैक और एंटी-ड्रोन दोनों की प्रैक्टिस हुई
  • सक्षम सिस्टम दुश्मन ड्रोन मार गिराएगा
ड्रोन वॉरफेयर का ‘महाभारत’ शुरू! इंडियन आर्मी के दक्षिणी कमान ने Vayu Samnavay-II में दिखाया 21वीं सदी का युद्ध

Indian Army vayu samnavay-II: भारत की तीनों सेनाएं त्रिशूल युद्धाभ्यास के बाद वायु समन्वय-II के तहत ड्रोन वॉरफेयर का अभ्यास कर रहीं है. इसके तहत न केवल ड्रोन से अटैक करने का अभ्यास किया जा रहा है, बल्कि दुश्मनों के हमलावर ड्रोन के खिलाफ डिफेंस की भी फुल तैयारी है. वायु समन्वय-II के तहत भारतीय सेना के दक्षिणी कमान ने 28 और 29 अक्टूबर को रेगिस्तान में बड़े पैमाने पर ड्रोन और एंटी ड्रोन अभ्यास किया.

वायु समन्वय-II के सफलतापूर्वक आयोजन ने हवाई खतरों के खिलाफ भारत के मजबूत रक्षा कवच को प्रदर्शित किया. खासकर दक्षिणी कमान के तहत रेगिस्तानी क्षेत्र के अग्रिम इलाकों में आयोजित किया गया. NEXT GEN WAR के लिए भारतीय सेना की तैयारी को परखने के लिए अभ्यास किया गया। ये अभ्यास भारतीय सेना के उस नजरिए की पुष्टि करता है जिसके तहत एक टेक्नोलॉजी से लैस भविष्य के लिए तैयार फोर्सेज के लिए तैयारी पूरी है. 

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ड्रोन से रक्षा करेगा सक्षम काउंटर ड्रोन
भारतीय सेना ने न सिर्फ अटैक मोड में एक्टिव है, बल्कि दुश्मन ड्रोन और अनमैन्ड एयर सिस्टम से निपटने के लिए भी पूरी तरह से तैयार हो रही है. इसमें स्वदेशी को रोल बहुत अहम है. भारतीय सेना ने देश में बनी ‘सक्षम काउंटर-ड्रोन सिस्टम’ की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है. ये सिस्टम दुश्मन के ड्रोन को रियल टाइम में पकड़ने, ट्रैक करने, पहचानने और मार गिराने में पूरी तरह सक्षम है. सक्षम सिस्टम की जरूरत ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महसूस हुई, जब दुश्मन की तरफ से ड्रोन गतिविधियां बढ़ गई थीं. इससे साफ हुआ कि अब युद्ध सिर्फ जमीन पर नहीं, बल्कि हवा में भी लड़े जाएंगे. इसी वजह से भारतीय सेना ने अपने पुराने कॉन्सेप्ट टैक्टिकल बैटल एरिया को बदलकर टैक्टिकल बैटलफील्ड स्पेस कर दिया है.

ड्रोन करेगा जासूसी
भारत ने एक स्वदेशी जासूसी ड्रोन भी बनाया है, जिसका नाम ब्‍लैक हार्नेट है. इसका वजन सिर्फ 33 ग्राम है, जो मिनटों में दुश्‍मन का पता लगाता है. दुनिया की एडवांस्ड सेनाएं ड्रोन और यूएवी का जमकर इस्तेमाल कर रही हैं. जहां सेना दुश्मन का पता लगाने के लिए नैनो ड्रोन का उपयोग करती हैं, लेकिन भारतीय सेना का ये एक मुट्ठी में समा जाने वाला छोटा सा ड्रोन देखिए. जिसने दुनिया में तहलका मचा रखा है. ब्‍लैक  हेलीकॉप्टर की तरह दिखने वाला ये छोटा सा ड्रोन आपकी मुट्ठी और जेब में समा सकता है. इस ड्रोन की मदद से सेना बिल्डिंग के अंदर की स्थिति का पता लगाती हैं. 

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Saurabh Pal

सौरभ पाल का नाता उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से है. इन्होंने अपनी पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय- इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से की है. सौरभ को लिखने-पढ़ने का शौक है. ...और पढ़ें

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