Akashteer system Indian Army air defence: भारतीय सेना अपनी सीमाओं को पूरी तरह अभेद्य बनाने की तगड़ी तैयारी में है. वैसे तो सेना को पास पहले से ही, दुनिया का सबसे एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम S-400 है. हालांकि, इसी सिस्टम का भाई माना जाने वाला देसी आकाशतीर भी, जंग के मैदान में अहम भूमिका निभाता है. जिसकी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सक्सेज रेट 100% रही. ऐसे में, रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय सेना को अब और भी ज्यादा संख्या में स्वदेशी 'आकाशतीर' (Akashteer) एयर डिफेंस कंट्रोल एंड रिपोर्टिंग सिस्टम मिलने वाला है. यह पूरी तरह से भारत में विकसित एक ऑटोमेटेड सिस्टम है, यह सिस्टम कम ऊंचाई पर उड़ रहे ड्रोन्स और मिसाइलों पर नजर रखने और उन्हें बेअसर करने के लिए जमीन-आधारित हथियारों को बेहद आसानी से कंट्रोल करता है.
डिफेंस रिपोर्ट के मुताबिक, 'आकाशतीर' आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करता है. यह कई रडारों और सेंसरों से मिलने वाले डेटा को एक साथ मिलाकर हवाई क्षेत्र की एक साफ तस्वीर बनाता है. फिर यह सिस्टम बिना किसी इंसानी हस्तक्षेप के तुरंत यह फैसला लेता है कि किस खतरे को किस हथियार से मार गिराना है, जिससे हमला करने में समय बहुत कम लगता है.
आकाशतीर क्यों है सबसे खास?
आकाशतीर भारत को दुनिया के उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल करता है जिनके पास पूरी तरह से इंटीग्रेट और ऑटोमैटिक एयर डिफेंस सिस्टम है. ऑपपरेशन 'सिंदूर' के दौरान, आकाशतीर ने पाकिस्तानी कामिकेज ड्रोन्स और अन्य छोटे-छोटे ड्रोन्स सहित हर घुसपैठिए हवाई लक्ष्य को मार गिराया था. सेना के अधिकारियों ने इसे अदृश्य ढाल बताया था.
आपको बता दें, यह सिस्टम AI का इस्तेमाल करके, रडार के फीड और सेंसर डेटा को मिलाकर, युद्ध क्षेत्र की वास्तविक समय की तस्वीर बनाता है. यह तेजी से खतरे को पहचानता है, प्राथमिकता देता है और सबसे उपयुक्त हथियार जैसे कि आकाश SAM या तोप को लक्ष्य भेदने का आदेश देता है.
मल्टी-लेयर डिफेंस की ताकत
आकाशतीर कई रडारों जैसे REPORTER और 3D Tactical Control Radars को जोड़ता है. यह भारतीय वायुसेना के IACCS और नौसेना के TRIGUN सिस्टम के साथ भी जुड़ता है, जिससे तीनों सेनाओं के बीच कनेक्शन और कोऑर्डिनेशन बना रहता है और गलती से किसी अपने ही विमान को मार गिराने का जोखिम कम हो जाता है.
भारतीय सेना को क्यों चाहिए?
आकाशतीर पूरी तरह से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) द्वारा विकसित किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देता है. यह सिस्टम ट्रकों पर लगाया जाता है, जिससे यह आसानी से पहाड़ी या युद्ध वाले सक्रिय क्षेत्रों में भी तैनात किया जा सकता है. यह इसे पारंपरिक, स्थिर डिफेंस सिस्टम से कहीं ज्यादा लचीला बनाता है.
आधुनिक युद्ध में ड्रोन झुंडों (Drone Swarms) का खतरा बढ़ रहा है. आकाशतीर विशेष रूप से कम ऊंचाई पर उड़ने वाले और मुश्किल से पकड़े जाने वाले ड्रोन्स से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे यह भविष्य की लड़ाइयों के लिए भारत की सबसे बड़ी ढाल बन जाता है.
सेना द्वारा इसकी और अधिक यूनिट्स को शामिल करना, साफ तौर पर बताता है कि भारत अब अपनी हवाई सुरक्षा के लिए विदेशी आयात पर निर्भर रहने के बजाय, स्वदेशी तकनीक पर पूरा भरोसा कर रहा है.
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