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पौराणिक संस्कृत शब्दों पर ही रखे जाते हैं भारतीय हथियारों और मिसाइलों के नाम, जानिए वजह

भारत की सैन्य क्षमता का लोहा पूरा विश्व मानता है. विश्व की चौथी सबसे बड़ी सेना के पास एक से बढ़कर एक अत्याधुनिक मिसाइलों का अंबार है. बात चाहे दुश्मनों के दांत खट्टे करने की हो या सैन्य पराक्रम की भारतीय सेना सदैव तत्पर रहती है.   

पौराणिक संस्कृत शब्दों पर ही रखे जाते हैं भारतीय हथियारों और मिसाइलों के नाम, जानिए वजह

नई दिल्ली: भारत के बेड़े में शामिल जंगी जहाज हो या विशालकाय हथियार उन सब के पीछे एक कहानी है. उनके नामकरण की कहानी. भारतीय हथियारों के जखीरे में शामिल किए गए सभी अस्त्र-शस्त्र के नाम पौराणिक कथाओं से प्रभावित हो कर रखे गए हैं. कितनी दिलचस्प बात यह है कि अत्याधुनिक तकनीक से लैस हथियारों का नामकरण प्राचीन समय के किस्से-कहानियों से गढ़ा गया है. मिसाइलों के नाम पौराणिक कथाओं पर आधारित क्यों है, और इसके पीछे का रहस्य क्या है, यह बात एक न एक बार सबके दिमाग में कौंधती ही होगी. 

दरअसल, पृथ्वी, ब्रम्होस, अग्नि, तेजस और नाग जैसे जितने भी मिसाइल या जंगी हथियार भारत के पास हैं, वे नए जमाने के Ballistic हथियार माने जाते हैं. बैलिस्टिक हथियार का मतलब वैसे हथियार जिन्हें launch  करने के लिए Projectile motion में छोड़ा जाता है. भारत में विज्ञान और अध्यात्म के बीच एक गहरा सामंजस्य देखने को मिलता है. विज्ञान से विकसित चीजों को अध्यात्म के मुताबिक ढ़ाला जाता है जो भारतीय संस्कृति की महानता को दर्शाता है. मिसाइलों के पौराणिक नाम के पीछे भी यहीं तर्क दिया जा रहा है.

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आइए कुछ हथियारों के नामों को समझते हैं कि आखिर उनके नामकरण के पीछे का रहस्य क्या है. 

- पृथ्वी:- इसका नाम हमारी पृथ्वी से लिया गया है. यह surface to surface मार करने वाली Short range ballistic missile है. करीब आधे टन warhead उठा सकने में सक्षम यह मिसाइल 150 से 600 किमी तक वार कर सकती है. पृथ्वी   सीरिज की तीन मिसाइले हैं. पृथ्वी-I, II, III, जिनकी मारक क्षमता क्रमशः 150 किमी, 350 किमी और 600 किमी तक है. 

- अग्नि:- यह आग से संबंधित है जो Surface to surface मार करने वाली Inter Continenetal Ballistic Missile है. अग्नि हमारे हथियार जखीरे की सबसे ज्यादा दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों में से एक है जिसकी Range 1250     किमी से 12000 किमी तक है. अग्नि सीरिज की अब तक छह मिसाइलें निकाली गईं हैं. यह मिसाइलें दूर तक मार कर पाने के अलावा 12 से 50 टन की warhead उठा पाने में सक्षम हैं. 

- ब्रम्होस:- पौराणिक कथाओं में इसका जिक्र आपने कई बार सुना होगा. यह शब्द ब्रहास्त्र से निकला है जिसका इस्तेमाल महाभारत और रामायण जैसे महाकाव्यों में किया गया था. इस अस्त्र का कोई तोड़ नहीं था और ना ही अब के ब्रम्होस का ही है. यह   एक क्रूज मिसाइल है जो पानी, हवा और जमीन पर कहीं भी मार कर सकती है. 200 किलो के warhead उठा सकती है और 300 किमी के टारगेट को तहस-नहस कर सकता है. 

- अस्त्र:- इसका अर्थ ही होता है हथियार. प्राचीन भारत में हथियारों को अस्त्र ही कहा जाता था. 80 किमी तक का निशाना साध सकने में सक्षम यह अस्त्र मिसाइल मूलतः air to air ही मार कर सकता है. दिलचस्प बात यह है कि इस मिसाइल की   तेजी इतनी है कि यह दिख भी नहीं पाती. 

- त्रिशूलः- यह भगवान शंकर का मुख्य हथियार माना जाता है. भारतीय जखीरे में शामिल त्रिशूल भारतीय नौसेना की surface to air मिसाइल है जो 5 किलो के warhead के साथ भी छोटी दूरी तकरीबन 9 किमी के टारगेट को तहस-नहस कर सकती   है. इसका वजन 130 किलो के आसपास है.

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- सागरिकाः- इसका अर्थ समुद्र की रानी से है. सागरिका पानी के under water to surface तक मार करने वाली submarine launched ballistic missile है जो 1 टन का warhead उठाए हुए भी 700 किमी के टारगेट को बर्बाद कर   सकती है.

भारत में इन मिसाइलों के अलावा ऐसे कई घातक हथियार तैयार किए गए हैं जिनके नाम किसी न किसी पौराणिक कथा से प्रभावित हैं. अत्याधुनिक तकनीकों से तैयार शॉर्ट रेंज, लांग रेंज और मीडियम रेंज वाले बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों को विज्ञान का अदभुद अवतार माना जाता है. इन मिसाइलों से जहां दुश्मनों के दांत खट्टे हो जाते हैं, वहीं भारतीय सेना की शक्ति कई गुणा बढ़ जाती है. इनके पौराणिक कथाओं से संबंधित नामों का रहस्च विज्ञान और अध्यात्म के घनिष्ठता में छिपा है.