आ रहा समंदर का S-400 वर्जन 'ट्रिगॉन', दुश्मनों के लड़ाकू विमानों पर करता आग की बारिश; इजरायल से जल्द होगी डील

India Israel Trigon system defense deal: भारत और इजराइल के बीच रणनीतिक और रक्षा संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं, और इसका सबसे ताजा उदाहरण हाल ही में हुआ दोनों देशों के हथियारों और रक्षा प्रणालियों का संयुक्त दौरा है.

Written by - Prashant Singh | Last Updated : Nov 10, 2025, 10:35 AM IST
  • भारत-इजराइल रक्षा साझेदारी और मजबूत हुई
  • Indian Navy को पसंद आया ट्रिगॉन सिस्टम
आ रहा समंदर का S-400 वर्जन 'ट्रिगॉन', दुश्मनों के लड़ाकू विमानों पर करता आग की बारिश; इजरायल से जल्द होगी डील

India Israel Trigon system defense deal: भारत और इजराइल के बीच चल रहे रक्षा सहयोग के तहत, दोनों देशों के हथियारों के एक संयुक्त दौरे में इजराइल के अत्याधुनिक 'ट्रिगॉन' सी-टू-शोर फायरपावर सिस्टम (Trigon Sea-to-Shore Firepower System) ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है. यह सिस्टम नौसेना की गोलाबारी क्षमता को बढ़ावा देने और तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के भारत के लक्ष्यों को सीधे पूरा करता है. भारतीय रक्षा अधिकारियों ने इस सिस्टम में गहरी रुचि दिखाई है, जो भविष्य में दोनों देशों के बीच एक और बड़ी डिफेंस डील का संकेत देता है.

क्या है ट्रिगॉन हथियार?
ट्रिगॉन एक ऐसी नेवल फायरपावर सिस्टम है, जो समुद्र में तैनात जहाजों से तट पर यानी जमीन पर स्थित दुश्मन के ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाने की अद्वितीय क्षमता रखती है. यह भारत की नौसेना के आधुनिकीकरण की योजनाओं के अनुरूप है, खासकर ऐसे समय में जब इंडियन नेवी अपनी तटीय रक्षा और समुद्री गोलाबारी की क्षमता को बढ़ाना चाहती है.

Add Zee News as a Preferred Source

ट्रिगॉन सिस्टम की खासियत
इसकी सबसे बड़ी खासियत है समुद्र में तैनात पोतों से जमीन पर मौजूद ठिकानों पर सटीक और भारी गोलाबारी करने की क्षमता. यह भारतीय नौसेना को तटीय इलाकों में सैन्य अभियानों के दौरान जबरदस्त बढ़त दे सकता है.

इतना ही नहीं, यह सिस्टम अत्याधुनिक सेंसर और गाइडेंस तकनीक का इस्तेमाल करता है, जो इसे पारंपरिक गोलाबारी सिस्टम की तुलना में कहीं अधिक सटीक बनाता है. इससे नुकसान की संभावना कम होती है और ऑपरेशनल दक्षता बढ़ती है.

भारत ने बढ़ाई दिलचस्पी
दोनों देशों के बीच यह दौरा रक्षा साझेदारी को मजबूत करने और भारतीय नौसेना के आधुनिकीकरण के लिए सर्वश्रेष्ठ तकनीक की पहचान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था.

दरअसल, भारतीय नौसेना तेजी से पुरानी हो चुकी बंदूकों और फायरिंग सिस्टम को बदलने की योजना बना रही है. 'ट्रिगॉन' सिस्टम अपनी उन्नत क्षमताओं के कारण इस जरूरत को पूरा करने के लिए एक आदर्श विकल्प के रूप में उभरा है. इस सिस्टम को अपने पोतों पर शामिल करने से भारतीय नौसेना की लड़ाकू क्षमता और दुश्मन को रोकने की ताकत में बड़ा उछाल आएगा.

टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की शर्त के साथ डील?
यह दौरा दोनों देशों के बीच भविष्य के रक्षा समझौतों की नींव रखता है. भारत पिछले कुछ सालों से इजराइल से हथियार खरीदने वाले सबसे बड़े देशों में से एक रहा है. बराक एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम (Barak Air Defence Missile System) जैसे कई सफल संयुक्त परियोजनाओं के बाद, 'ट्रिगॉन' अगला बड़ा समझौता हो सकता है. ऐसे में, यह संभावना है कि अगर यह डील आगे बढ़ती है, तो भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए इजराइल से टेक्नोलॉजी ट्रांसफर या भारत में ही इसके को-प्रोडक्शन की शर्त रख सकता है.

ये भी पढ़ें- आसमान में घमासान! HAL ने Tejas Mk2 की डिलीवरी का किया ऐलान, हर 15 दिन में IAF सौंपेगा लड़ाकू विमान; थर्राया पाकिस्तान

Zee Hindustan News App: देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें ज़ी हिंदुस्तान न्यूज़ ऐप.

About the Author

Prashant Singh

http://Prashant.Singh@India.comप्रशांत सिंह के लेख रिसर्च-आधारित, फैक्ट-चेक्ड और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित होते हैं. ये जियोपॉलिटिक्स और रक्षा से जुड़ी खबरों को आसान हिंदी में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. ...और पढ़ें

ट्रेंडिंग न्यूज़