पं. नेहरू की बहन से क्या था INS विक्रांत का कनेक्शन? आज ही हुआ था नौसेना में शामिल

सवाल और आशंकाओं के बीच भी INS विक्रांत का दबदबा समुद्र में ऐसा था कि भारत की नौसेना को मजबूत माना जाने लगा था. कोई और नहीं तो कम से कम पाकिस्तान की नींद तो उड़ ही चुकी थी. वह बस इसे नष्ट करने के सपने देखता था. विक्रांत के एक बॉयलर्स में कुछ समस्या थी और सीमित रफ्तार में इसको काम करना पड़ता था. 

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Mar 4, 2021, 09:56 AM IST
  • सवाल और आशंकाओं के बीच भी INS विक्रांत का समुद्र में था दबदबा
  • पाकिस्तान इससे खौफ खाता था और हमेशा नष्ट कर देना चाहता था
पं. नेहरू की बहन से क्या था INS विक्रांत का कनेक्शन? आज ही हुआ था नौसेना में शामिल

नई दिल्लीः दुपहिया वाहन बनाने वाली कंपनी बजाज ने साल 2016 में बाइक बाजार में धूम मचा दी थी. बजाज ने बड़े ही गर्व के साथ ऐलान किया कि वह INS विराट के मटीरियल बाइक निर्माण करेगी. प्रीमियम सेगमेंट की इस बाइक को नाम मिला बजाज V150. बाइक की बड़ी खासियत रही कि इसे आईएनएस विक्रांत के स्‍टील से बनाया गया और इस बाइक के नाम में इस्‍तेमाल किए गए अंग्रेजी का अक्षर वी यानी विक्रांत था. 


बाजार में बाइक पसंद की गई और इसे लोगों ने हाथों-हाथ लिया. खैर, मौका अभी बाइक के बारे में बात करने का नहीं है. मौका है INS विक्रांत के शौर्य को याद करने का. भारत का वह पहला एयरक्राफ्ट कैरियर जिसने 1971 के युद्ध में समंदर में पाकिस्तान के पसीने छुड़ा दिए थे. 4 मार्च, 1961. यह वही दिन था जब विक्रांत को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था. 

पहला नाम था एचएमएस हर्कुलस
हालांकि विक्रांत के लिए यह सफर आसान नहीं था. उसे कई बार संदेह और सवालिया निशानों से भी घेरा गया, लेकिन वक्त आया तो INS विक्रांत ने भी बता दिया कि सरफरोशी की तमन्ना उसके भी दिल में है. इस कहानी की शुरुआत होती है ब्रिटेन के विकर्स-आर्मस्ट्रॉन्ग शिपयार्ड से, जहां इसे पहली पहल बनाया गया था और नाम दिया गया एचएमएस (हर मजेस्टी शिप) हर्कुलस.

यह ब्रिटेन के मजेस्टिक क्लास का पोत था जिसे साल 1945 में ब्रिटिश नौसेना की सेवा में शामिल किया गया था. 

ऐसे मिला विक्रांत नाम
द्वितीय विश्व युद्ध के दौर में इसे सक्रिय सैन्य अभियान में शामिल किया जाना था, लेकिन इससे पहले ही युद्ध समाप्त हुआ और नौसेना की सक्रिय ड्यूटी से इस जहाज को हटा दिया गया. इसके बाद 1957 में इसे भारत को बेचा गया. आयरिश हारलैंड और वोल्फ शिपयार्ड में इसकी मरम्मत की गई.

इसे भारतीय नौसेना की जरूरतों के अनुसार बेहतर बनाया गया. 4 मार्च, 1961 को इसको भारतीय नौसेना में शामिल किया गया. यहां इसे नाम मिला INS विजयलक्ष्मी पंडित, लेकिन बाद में इसे संस्कृत शब्द विक्रांत का नाम मिला, यानी कि पराक्रमी और साहसी, जो कभी न हारे. 

शुरुआत में उठे थे सवाल
विक्रांत को यह नाम तो मिल गया और वह इसके अर्थ को साबित कर पाता उससे पहले वह सवालों के घेरे में जाने लगा. कुल मिलाकर ऐसा हुआ कि भारत में इसका इस्तकबाल सवालों से ही हुआ. उस समय के रूसी राजनयिकों ने ब्रिटिश युद्धपोत को भारतीय नौसेना में शामिल होने पर सवाल उठाए थे.

वहीं भारतीय सेना के कुछ अधिकारी भी इस जहाज के प्रदर्शन को लेकर आशंकित थे. लेकिन INS विक्रांत खामोशी से अपनी बारी का इंतजार कर रहा था. 

और वह दिन भी आ गया
सवाल और आशंकाओं के बीच भी INS विक्रांत का दबदबा समुद्र में ऐसा था कि भारत की नौसेना को मजबूत माना जाने  लगा था. कोई और नहीं तो कम से कम पाकिस्तान की नींद तो उड़ ही चुकी थी. वह बस इसे नष्ट करने के सपने देखता था. विक्रांत के एक बॉयलर्स में कुछ समस्या थी और सीमित रफ्तार में इसको काम करना पड़ता था. 

1971 युद्ध में भूमिका
1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने पनडुब्बी PNS गाजी के इस्तेमाल का फैसला लिया. मुख्य लक्ष्य था कि INS को खत्म ही करना है. आईएनएस विक्रांत को अगर कोई भी नुकसान पहुंचता तो पाक सेना पर छाया खौफ कम हो जाता. भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान को चकमा दिया और आईएनएस राजपूत को आईएनएस विक्रांत बनाकर पेश किया.

इसके बाद जब पनडुब्बी गाजी ने INS राजपूत पर विक्रांत समझकर हमला कर दिया तो राजपूत ने गाजी को नष्ट कर दिया. इस पोत को दो महावीर चक्र और 12 वीर चक्र मिल चुके हैं. 1971 के बाद इसे सेवा में रखा गया था, लेकिन इसकी रफ्तार कम हो गई थी. इसलिए इसे 1997 में रिटायर कर दिया गया. 

2014 तक यह मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के पास म्यूजियम के तौर पर रहा. तब इसका नाम बदलकर आईएमएस विक्रांत कर दिया गया. यानी कि इंडियन म्युजियम शिप विक्रांत के नाम से इसे देखने लोग पहुंचने लगे. 

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INS विक्रांत की खासियत

रफ्तार- 25 नॉट्स यानी 25 समुद्री मील प्रति घंटा 
लंबाई 192 मीटर,
बीम 24.4 मीटर 
ड्राफ्ट 7.3 मीटर था
तकनीकी कारणों से कम हुई रफ्तार- 2 नॉट्स या 12 समुद्री मील प्रति घंटा

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