• कोरोना वायरस पर नवीनतम जानकारी: भारत में संक्रमण के सक्रिय मामले- 2,35,433 और अबतक कुल केस- 6,48,315: स्त्रोत PIB
  • कोरोना वायरस से ठीक / अस्पताल से छुट्टी / देशांतर मामले: 3,94,227 जबकि मरने वाले मरीजों की संख्या 18,655 पहुंची: स्त्रोत PIB
  • कोविड-19 की रिकवरी दर 60.72% से बेहतर होकर 60.80% हुई; पिछले 24 घंटे में 14,335 मरीज ठीक हुए
  • विस्तारवाद का युग समाप्त हो गया है, यह विकास का युग है- प्रधानमंत्री मोदी
  • नॉन-कंटेनमेंट जोन में एएसआई के सभी केंद्रीय संरक्षित स्मारक 6 जुलाई 2020 से आगंतुकों के लिए खुलेंगे
  • #ICMR सार्वजनिक उपयोग के लिए स्वदेशी #COVID19 वैक्सीन 15 अगस्त तक लॉन्च करेगी
  • 775 सरकारी प्रयोगशालाओं और 299 निजी प्रयोगशालाओं में कोविड-19 के कुल परीक्षणों की संख्या 90 लाख के पार
  • कोविड मरीजों की रिकवरी दर 60% के पार; स्वस्थ होने वालों की संख्या सक्रिय मामलों से 1.5 लाख से भी अधिक
  • एमएचआरडी: माध्यमिक पाठ्यक्रमों के लिए एकलव्य पर ऑडियो एमओओसी उपलब्ध है। विजिट करें
  • PSB द्वारा ECLGS के तहत स्वीकृत ऋण की राशि बढ़ कर 63,234.94 करोड़ रुपये हुई , 01-07-2020 तक 33,349.13 करोड़ रुपये के ऋण वितरित

वीर सावरकर का अपमान करना ही कांग्रेस का असल चरित्र? 5 सुलगते सवाल

बैंगलुरू में फ्लाईओवर का नाम वीर सावरकर रखने पर कांग्रेस और JDS ने बखेड़ा खड़ा कर दिया. बीजेपी का पलटवार, कहा- गांधी परिवार के नाम पर ही सभी कुछ करना चाहती है कांग्रेस...

वीर सावरकर का अपमान करना ही कांग्रेस का असल चरित्र? 5 सुलगते सवाल

नई दिल्ली: विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें आज हर कोई वीर सावरकर के नाम से जानता है. लेकिन, कांग्रेस पार्टी की गंदी सोच बार-बार सामने आ ही जाती है. कभी खुद राहुल 'बाबा' वीर सावरकर को पर गंदी टिप्पणी करके अपनी राजनीति चमकाते हैं, तो कभी कांग्रेस पार्टी के मुद्दों को भुनाने के लिए राष्ट्रवाद के सबसे बड़े नायक को कोसना शुरू कर देती है.

सावरकर के ‘सम्मान’ पर फिर शुरू ‘सियासी’ घमासान

स्वतंत्रता सेनानी और शहीद वीर सावरकर के नाम पर हमेशा से राजनीति करती आई, कांग्रेस को एक बार फिर सावरकर याद आये हैं. आज वीर सावरकर की 137वीं जयंती है. ऐसे में भला कांग्रेस सियासत करने से कैसे बाद आएगी?

- स्वतंत्रता सेनानी और शहीद वीर सावरकर के नाम पर फिर शुरू राजनीति हुई
- आज वीर सावरकर की 137वीं जयंती है, पीएम, BJP नेताओं ने श्रद्धांजलि दी
-  बैंगलुरु में एक फ्लाईओवर का नाम ‘वीर सावरकर’ के नाम पर रखने पर विवाद, कांग्रेस ने विरोध जताया
- कांग्रेस की मांग: ‘फ्लाईओवर का नाम कर्नाटक के किसी स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर रखा जाये’
- BJP का जवाब: ‘जब कांग्रेस ने बैंगलुरु में ‘इंदिरा’ कैंटीन खोली थी, तब बाहरी और क्षेत्रवाद वाले तर्क कहां थे?’
- उद्घाटन आज सीएम येदियुरप्पा को करना था, लेकिन लॉकडाउन में भीड़ इकट्ठा ना हो इसीलिए फ़िलहाल इसे टाल दिया गया है

आज बैंगलुरु में एक फ्लाईओवर का नामकरण वीर सावरकर के नाम पर किया जाना था, लेकिन कांग्रेस ने येदियुरप्पा सरकार के कदम का विरोध किया है.

कांग्रेस के लिये कर्नाटक में इंदिरा 'अपनी', सावरकर 'बाहरी'?

कांग्रेस इसे राज्य के स्वतंत्रता सेनानिया का अपमान बता रही है. BJP ने सावरकर विरोध पर पलटवार किया है. BJP ने कहा है, कि जो कांग्रेस सावरकर की जगह कर्नाटक के स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर फ्लाईओवर का नामकरण करने की वकालत कर रही है वो भूल गई है कि बैंगलुरू में उसी ने इंदिरा गांधी के नाम पर इंदिरा कैंटीन खोली थी.

इससे पहले भी कई मौकों पर कांग्रेस नेता वीर सावरकर के लिये अपमानजनक भाषा का का इस्तेमाल करते रहे हैं. राहुल गांधी ने तो ये तक कह दिया था कि "मैंने सिर्फ़ इतना कहा कि गांधी हमारे हैं और सावरकर आपके, क्या कुछ ग़लत कहा? आपने क्या सावरकर को निकालकर फेंक दिया. अगर ऐसा है तो बहुत अच्छा किया."

राहुल गांधी की मंशा को समझने के लिए उनके बयानों को याद किया जा सकता है. हर मौके पर वो सावरकर को कोसते रहे हैं. लेकिन महाराष्ट्र में सावरकर को मानने का ढोंग करने वाली शिवसेना सत्ता का सुख भोगने के लिए उसी कांग्रेस के गोद में जाकर बैठ गई है, जो बार-बार वीर सावरकर का अपमान करने के लिए बेचैन रहते हैं.

कांग्रेस और गांधी परिवार से 5 सुलगते सवाल

1- कांग्रेस को ‘वीर सावरकर’ के नाम से डर लगता है?
2- कांग्रेस ने महापुरूषों का 'बंटवारा' करा दिया?
3- खुद ‘इंदिरा’ कैंटीन चलाएंगे, ‘सावरकर’ पर सवाल उठाएंगे?
4- महापुरूषों के सम्मान पर 'क्षेत्रवाद' वाली सियासत क्यों?
5- क्या शहीदों को अब कांग्रेस बांटेगी ‘देशभक्ति’ का सर्टिफिकेट?

वीर सावरकर की जयंती पर पीएम मोदी ने शुभकामना दी है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि "मैं साहसी वीर सावरकर को नमन करता हूं. वीर सावरकर ने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया"

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17, अक्टूबर 2019 को देश के गृहमंत्री अमित शाह ने ये कहा था कि यदि सावरकर नहीं होते तो 1857 की क्रांति भी नहीं याद की जाती. वीर सावरकर ने ही 57 की क्रांति को पहला स्वतंत्रता आंदोलन बताया था. 

'सावरकर न होते तो 1857 की क्रांति पहला स्वतंत्रता संग्राम नहीं बनता'

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