माओवादियों को भड़का रहे हैं इस्लामिक आतंकीः सीपीएम नेता

 सीपीएम नेता ने कहा कि नैशनल डिवेलपमेंट फ्रंट और इस्‍लामिक कट्टरपंथी माओवादियों को समर्थन देने को लेकर बहुत उत्‍साहित हैं.  यह बयान ऐसे समय पर आया है जबकि केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कथित मुठभेड़ में 4 माओवादियों के मारे जाने की घटना की न्यायिक जांच से इनकार कर दिया है

माओवादियों को भड़का रहे हैं इस्लामिक आतंकीः सीपीएम नेता

तिरुनवंतपुरमः सीपीएम नेता ने इस्लामिक आतंकवादियों और माओवादियों के बीच गहरे संबंध होने की आशंका जताई है. उन्होंने इस विषय पर गंभीर चिंता जताते हुए राज्य की पुलिस से इसकी जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि इस्लामिक आतंकवादी राज्य में माओवादियों को भड़का रहे हैं और उन्हें बढ़ावा दे रहे हैं. सीपीएम नेता के इस बयान से राज्य से लेकर देश में खलबली मची हुई है. अभी हाल में राज्य में 4 माओवादियों को मार गिराया गया था

पी. मोहनन ने दिया है बयान
यह बयान केरल के कोझिकोड जिले में सीपीएम के सचिव पी. मोहनन ने दिया है. मोहनन ने कहा है कि माओवादियों और इस्‍लामिक आतंकवादियों के बीच बेहद घनिष्‍ठ संबंध हैं. आतंकी उन्हें समर्थन देने के लिए काफी उत्सुक हैं. केरल में खुद सत्तारूढ़ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता की ओर से दिए गए इस बयान को वाकई चिंताजनक स्थिति के तौर पर देखा जा रहा है. राज्‍य में माओवादियों की शक्ति मुस्लिम आतंकवादी संगठन हैं जो उन्‍हें खाद-पानी देकर बढ़ावा दे रहे हैं. पुलिस को इस एंगल की भी जांच करनी चाहिए।

दरअसल यह बयान ऐसे समय पर आया है जबकि केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कथित मुठभेड़ में 4 माओवादियों के मारे जाने की घटना की न्यायिक जांच से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से यदि कोई गलती हुई है तो उसका पता लगाने के लिए मैजिस्ट्रेट जांच चल रही है. सीपीएम नेता ने कहा कि नैशनल डिवेलपमेंट फ्रंट और इस्‍लामिक कट्टरपंथी माओवादियों को समर्थन देने को लेकर बहुत उत्‍साहित हैं. माओवादियों और इस्‍लामिक आतंकवादियों के बीच बेहद घनिष्‍ठ संबंध हैं.  28 अक्टूबर को पलक्कड़ जिले के अट्टापेडी में पुलिस के दो दिन के तलाशी अभियान के दौरान मुठभेड़ में चार माओवादी मारे गए थे

उस रानी की कहानी, जिसे मर्दानी कहा जाता है

माओवादियों का अजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट करनाः सीएम विजयन
राज्य विधानसभा में सीएम विजयन अपने पहले के रुख पर कायम रहे कि पुलिस ने गोलियां तभी चलाईं जब माओवादियों ने उन पर हमला किया. विजयन ने एक सवाल के जवाब में सदन में कहा, इस वक्त हम न्यायिक जांच के बारे में विचार नहीं कर रहे.

उन्होंने कहा कि माओवादियों का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट करना और अशांति फैलाना है. विजयन ने कहा, पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं. माओवादी पुलिस की ड्यूटी में बाधक बन रहे थे. पुलिस की ओर से कोई चूक होने के आरोपों पर जांच की जा रही है.

क्या आर्थिक फायदे के लिए सबरीमाला विवाद को बढ़ावा दिया गया ?