केंद्र सरकार के 2700 करोड़ की मदद से सुधारी जाएगी घाटी की शिक्षा व्यवस्था

घाटी के अंदर हालात को जल्द शांत करने के लिए प्रशासन ने शिक्षा का सहारा लेने की योजना बनाई है. प्रशासन ने फिलहाल पूरे रोडमैप को केंद्र सरकार के समक्ष रखा है जिसपर मंजूरी के बाद ही इसे अमलीजामा पहनाया जा सकता है. 

केंद्र सरकार के 2700 करोड़ की मदद से सुधारी जाएगी घाटी की शिक्षा व्यवस्था

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से ही घाटी में शांति बहाल करने की कोशिश की जा रही है. पिछले दिनों जम्मू कश्मीर के गवर्नर सत्यपाल मलिक की जगह गिरिश चंद्र मुर्मु को जम्मू कश्मीर प्रांत का राज्यपाल नियुक्त किया गया. इसके बाद से ही राज्य में उच्च शिक्षा के विकास को लेकर जम्मू प्रशासन ने सरकार से 2700 करोड़ की मांग की है. वोकेशनल ट्रेनिंग, उद्यम विकास, स्टूडेंट्स एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए और प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना के तहत अन्य 2000 नए पदों को जोड़े जाने को लेकर भी प्रशासन ने सरकार से शिक्षा राशि को बढ़ाने और भेजने की मांग की है. 

प्रशासन ने मंत्रालय को सौंपा प्रस्ताव

फिलहाल जम्मू प्रशासन की इस अर्जी को मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सौंपा गया है. 20 सितंबर को केंद्र सरकार की एक टीम जम्मू में शैक्षणिक जरूरतों की समीक्षा के लिए पहुंची थी. जिसने सरकार को ये ज्ञापन सौंपा था. इस प्रस्ताव में जम्मू प्रशासन ने कॉलेजों में खेल के विकास के लिए 110 करोड़ रूपए जारी करने की दरख्वास्त की है. इसके अलावा प्रस्ताव में यह भा दर्शाया गया कि सरकारी कॉलेजों में जो शिक्षा-पद्धति फिलहाल चल रही है, उसमें कुछ भी नयापन नहीं है और ना ही तकनीकी दक्षता के गुरों का विकास उस पद्धति से संभव है. इसके लिए एक स्टूडेंट्स एक्सचेंज पॉलिसी ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर सहमति बनेगी. इसके तहत 3000 मेरिटोरियस छात्रों को हर साल चयनित किया जाएगा. 

30 डिग्री कॉलेजों की हो रही है मांग

इसके अलावा शोध और पहल को बढ़ावा देने के लिहाज से प्रस्ताव में 22 डिग्री कॉलेजों में लैब की व्यवयस्था का भी अर्जी की गई है. घाटी में 30 डिग्री कॉलेजों, 20 महिला कॉलेज हॉस्टल सुविधा के साथ और 10 प्रोफेशनल कॉलेजों के लिए 820 करोड़ रूपए की मांग की गई है. PMSS के तहत 2000 नए सीटों को बढ़ाने की भी बात प्रस्ताव में है. मालूम हो कि इस साल पीएमएसएस से रिकॉर्ड 4500 छात्र लाभान्वित हुए हैं जो अब तक का सर्वाधिक है. इसके तहत जम्मू कश्मीर के 5000 छात्रों को न सिर्फ छात्रवृत्ति दी जाती है बल्कि घाटी से बाहर देश के किसी भी संस्थान में उनकी शिक्षा का पूरा खर्च सरकार उठाती है. 

खैर, जम्मू कश्मीर प्रशासन ने अभी इस प्रस्ताव की अर्जी ही HRD मंत्रालय को सौंपी है. फिलहाल केंद्र सरकार ने इसको मंजूरी नहीं दी है. घाटी के हालातों को सामान्य कराने के लिए सरकार जल्द ही इसपर मुहर लगा सकती है.