Perfume capital of India: यह उत्तर प्रदेश का एक छोटा सा शहर है, लेकिन इसकी पहचान पूरी दुनिया में है. यहां सदियों से फूलों, चंदन और मिट्टी की खुशबू से असली परफ्यूम बनाया जाता है. यहां की हर सड़क पर खुशबू फैली रहती है, और कारीगर पुराने पारंपरिक तरीकों से परफ्यूम बनाते हैं. आइए आज हम आपको बताएंगे भारत में किसे कहा जाता है परफ्यूम की कैपिटल.
भारत की परफ्यूम कैपिटल किसे कहा जाता है?
भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में एक छोटा-सा शहर है कन्नौज जिसे परफ्यूम की कैपिटल कहा जाता है. यहां की हवा में हमेशा फूलों की खुशबू रहती है. कन्नौज में हजारों साल से परफ्यूम बनाए जा रहे हैं. यह शहर गंगा नदी के किनारे है, जो फूलों की खेती के लिए बेहतरीन जगह है. लोग दूर-दूर से आते हैं यहां अपनी पसंदीदा परफ्यूम की खुशबू लेने.
इतिहास में डूबा परफ्यूम का शहर
कन्नौज का इतिहास बहुत पुराना है. मुगल काल में सम्राट अकबर ने यहां परफ्यूम बनाने वालों को सम्मान दिया था. कहा जाता है कि प्राचीन काल से ही यहां चमेली, गुलाब और केवड़ा जैसे फूल उगाए जाते हैं. ये फूल परफ्यूम की जान होते हैं. आज भी पारंपरिक तरीके से परफ्यूम निकाला जाता है, जो मशीनों से बने परफ्यूम से ज्यादा साफ-सुथरा होता है. कन्नौज के परफ्यूम की डिमांड भारत के अलावा विदेशों में भी है.
विदेशों तक जाती है कन्नौज की खुशबू
शहर में सैकड़ों छोटे-बड़े कारोबारी हैं जो परफ्यूम बनाते हैं. यहां रोजगार लाखों लोगों को मिलता है. कन्नौज से हर साल करोड़ों का परफ्यूम दुसरे देशों में भी भेजा जाता हैं. आधुनिक परफ्यूम कंपनियां बाजारों पर कब्जा रही हैं. फिर भी, कन्नौज वाले अपनी पुरानी कला को बचाने के लिए कोशिश कर रहे हैं. सरकार भी परफ्यूम बनाने के काम को आगे बड़ा रही है, उसमे मदद कर रही हैं.
यात्रिओं के लिए खजाना
अगर आप लोगों को भी परफ्यूम का शोक हैं, तो कन्नौज घूमिए. यहां का परफ्यूम मार्किट देखने लायक है. हर गली में अलग-अलग परफ्यूम के स्टोर हैं. फेस्टिवल के समय यहां मेला लगता है, जहां परफ्यूम के ट्रायल फ्री होते है. कन्नौज न सिर्फ परफ्यूम का शहर है, बल्कि संस्कृति का भी प्रतीक है.
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