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कठुआ गैंगरेप मामलाः जांच कर रही SIT के खिलाफ ही FIR दर्ज करने का आदेश

कठुआ गैंगरेप मामले में अब नया मोड़ आया है. जम्मू की अदालत ने केस की जांच कर रही एसआईटी के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं. इस आदेश को सात नवंबर तक अमल में लाने को कहा गया है. विशाल ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उसे व उसके तीन दोस्तों को गुनाह कबूलने के लिए टॉर्चर किया था. अदालत ने ज़ी मीडिया की ओर से जारी किए गए सबूत के आधार पर ही विशाल को निर्दोष साबित किया था. 

कठुआ गैंगरेप मामलाः जांच कर रही SIT के खिलाफ ही FIR दर्ज करने का आदेश

नई दिल्ली: आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या से चर्चा में आया कठुआ एक बार फिर खबरों में है. दरअसल जम्मू-कश्मीर के इस इलाके में हुए मामले में अब नया मोड़ आ गया है. जम्मू की एक अदालत ने कठुआ रेप केस की जांच कर रही कश्मीर पुलिस टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं. पुलिस की टीम पर आरोप है कि उसने विशाल जंगोत्रा को आरोपी बनाने के लिए झूठे सबूत तैयार किए थे साथ ही उनके तीन दोस्तों को झूठा बयान देने के लिए टॉर्चर भी किया था.

7 नवंबर तक दर्ज करनी है एफआईआर
आरोपी का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील अंकुर शर्मा ने ज़ी मीडिया से बताया कि उन्होंने अदालत के समक्ष सभी सबूत पेश किए जिसके बाद पुलिस को एसआईटी के सभी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया. कोर्ट ने जम्मू एसएसपी को 7 नवंबर 2019 तक एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. 10 जून, 2019 को, पंजाब की पठानकोट की एक विशेष अदालत ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में सात आरोपियों में से छह को दोषी ठहराया था. दोषी पाए गए छह में से तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, जबकि तीन को पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. 

एक एटीएम की सीसीटीवी फुटेज को किया था एक्सेस
इस मामले में जिस विशाल जंगोत्रा को पुलिस ने आरोपी बनाया था उसे अदालत ने छोड़ दिया था. अदालत ने विशाल को ज़ी मीडिया की खबर का हवाला देते हुए छोड़ा था जिसमें दिखाया गया था कि कि बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म वाले दिन विशाल घटनास्थल के कई सौ किलोमीटर दूर था. इसके लिए ज़ी मीडिया ने मुजफ्फरनगर के एक एटीएम के सीसीटीवी फुटेज को एक्सेस किया था जिसमें विशाल को घटना वाले दिन पैसे निकालते देखा गया था. रिहा होने के बाद, विशाल ने ज़ी मीडिया को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा था कि उसे पुलिस ने बेरहमी से प्रताड़ित किया था जब तक कि उससे जबरदस्ती गुनाह कबूल नहीं करा लिया जोकि उसने नहीं किया था. विशाल ने यह भी दावा किया कि उसे और उसके दोस्तों को पुलिस ने खूब टॉर्चर किया था.