थमा खट्टर-विज विवाद, CID की कमान अब CM के हवाले

मुख्यमंत्री खट्टर की सलाह पर हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने मुख्यमंत्री और दो मंत्रियों को नए विभाग आवंटित किए हैं. मुख्य सचिव की ओर से जारी अधिसूचना में सीआईडी और कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग तथा राज भवन से जुड़े मामले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को उनके मौजूदा प्रभारों के अलावा आवंटित किए गए हैं. 

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jan 23, 2020, 04:29 AM IST
    • विधानसभा चुनाव संबंधी रिपोर्ट मांगने पर शुरू हुआ था विवाद
    • दिल्ली के मध्यस्थता कराने से विवाद सुलझने की कही जा रही है बात
थमा खट्टर-विज विवाद, CID की कमान अब CM के हवाले

नई दिल्लीः हरियाणा में कई दिनों से चला आ रहा खट्टर-विज के बीच का मौन विवाद थमता दिख रहा है. बुधवार रात इस विवाद के खात्मे की नाटकीय भूमिका लिखी गई. सीआईडी को लेकर सीएम मनोहर लाल और प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज के बीच मतभेद से तनाव का आलम था. हरियाणा सरकार की ओर से बयान देकर कहा गया कि  गृहमंत्री अनिल विज का अब आपराधिक जांच विभाग (CID) पर नियंत्रण नहीं रहेगा. इस ताजा घटनाक्रम से अब खट्टर और विज के बीच तनाव खत्म होने की उम्मीद है.

यह हुआ बदलाव
मुख्यमंत्री खट्टर की सलाह पर हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने मुख्यमंत्री और दो मंत्रियों को नए विभाग आवंटित किए हैं. मुख्य सचिव की ओर से जारी अधिसूचना में सीआईडी और कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग तथा राज भवन से जुड़े मामले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को उनके मौजूदा प्रभारों के अलावा आवंटित किए गए हैं. वहीं, ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर मूलचंद शर्मा के पास उनके मौजूदा मंत्रालय के अलावा आर्ट ऐंड कल्चरल अफेयर्स भी रहेगा.

ऐसे शुरू हुआ था विवाद 
गृह मंत्री के नाते अनिल विज ने सीआइडी प्रमुख से वह रिपोर्ट तलब कर ली थी, जो विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों की स्थिति के आधार पर तैयार की गई थी. कई दिनों तक जब यह रिपोर्ट नहीं आई तो विज ने स्पष्टीकरण मांग लिया. रिपोर्ट मिलने के बाद अगले दिन ही विज ने उन लोगों की सूची भी तलब कर ली, जिनके फोन टेप किए जाते हैं. इस रिपोर्ट के मांगने पर सरकार में हड़कंप मच गया और यहीं से एक मौन विवाद शुरू हो गया था. इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और फिर दिल्ली तक पहुंच गया. 

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अनिल विज बोले, खट्टर मेरे करीबी दोस्त
इससे पहले अनिल विज ने कहा था कि उनके और मुख्यमंत्री के बीच कोई मतभेद नहीं है क्योंकि खट्टर उनके करीबी मित्र हैं. विज ने पहले इस बात पर नाखुशी जाहिर की थी कि सीआईडी उन्हें विभिन्न विषयों पर जानकारी नहीं देती है. बाद में बयान से विज ने कहा, बुधवार को पहली बार एसपी रैंक के अधिकारी ने मुझे जानकारी दी. अब वह रोजाना मुझे जानकारी देंगे. इस पूरे मामले में यह बदलाव मुख्यमंत्री मनोहरलाल और गृहमंत्री अनिल विज के भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के तुरंत बाद देखने को मिल रहा है.

मनोहर लाल खट्टर और अनिल विज हाल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए जेपी नड्डा से मिले थे. हालांकि विज ने इसे केवल शुभकामना मुलाकात बताया था. कहा कि वह केवल नड्डा के भाजपा अध्यक्ष बनाए जाने की बधाई देने गए थे. 

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