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'मुख्यमंत्री योगी नहीं आए तो बच्चों सहित कर लूंगी आत्मदाह'

लखनऊ में मारे गए हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की पत्नी ने बच्चों सहित आत्मदाह की धमकी दी है. उन्होंने अपने पति के शव का दाह संस्कार करने से भी इनकार कर दिया है. इस हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है. सूरत में पुलिस ने इस हत्याकांड में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, इनके नाम राशिद, मोहसिन और फैसल हैं. 

'मुख्यमंत्री योगी नहीं आए तो बच्चों सहित कर लूंगी आत्मदाह'
कमलेश तिवारी की हत्या से शोकाकुल परिजनों ने मुख्यमंत्री को बुलाया

सीतापुर: कमलेश तिवारी की हत्या के बाद उनके परिजन बेहद शोकाकुल हैं. पुलिस देर रात उनका शव लेकर पैतृक गांव महमूदाबाद पहुंची,जो कि सीतापुर जिले में है. कमलेश तिवारी की बेरहमी से की गई हत्या के बाद उनका पोस्टमार्टम कराया गया था. जिसके बाद पुलिस उनका शव लेकर लखनऊ स्थित उनकी पार्टी के कार्यालय में पहुंची. लेकिन बाद में पुलिस ने शव को तिवारी के पैतृक गांव महमूदाबाद में पहुंचा. 

लोगों में है बेहद नाराजगी
कमलेश तिवारी की इस तरह दिन दहाड़े हत्या से लोगों में बेहद नाराजगी है. पुलिस जब उनका शव लेकर लखनऊ कार्यालय पहुंची थी, तब वहां लोग जुटने लगे थे. जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने पोस्टमार्टम के बाद तिवारी की लाश को उनके पैतृक गांव पहुंचाने का फैसला किया.

उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनावी दौरे से लौट आए हैं. उन्होंने इस हत्या को लेकर बेहद नाराजगी जाहिर की है और अपर मुख्य गृह सचिव अविनाश अवस्थी और डीजीपी ओपी सिंह से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. 

पुलिस ने अब तक की है ये कार्रवाई
इस मामले में गुजरात पुलिस ने सूरत से 6 लोगों को हिरासत में लिया है. उनसे पूछताछ चल रही है. इन संदिग्धों को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पकड़ा गया है. इसमें से तीन लोगों को बाद में गिरफ्तार भी किया गया, इनके नाम राशिद, मोहसिन और फैसल हैं.  दरअसल कमलेश तिवारी की हत्या के लिए जिस मिटाई के डिब्बे में हथियार लाए गए थे, वह सूरत से ही खरीदा गया था. इन लोगों से पूछताछ के लिए लखनऊ पुलिस भी सूरत पहुंच रही है. 
इसके अलावा खबर आई कि यूपी पुलिस ने बिजनौर के मौलाना अनवारुल हक को भी गिरफ्तार किया है. उसने ही कमलेश तिवारी के खिलाफ फतवा जारी किया था. लेकिन बाद में यूपी पुलिस ने इस गिरफ्तारी से इनकार कर दिया. 

कई सालों से निशाने पर थे कमलेश तिवारी

हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी कई कई महीनों से निशाने पर थे. उनकी हत्या के लिए कई फतवे जारी किए गए थे. खबरों के मुताबिक आईएस जैसा खूंखार आतंकवादी संगठन भी कमलेश तिवारी की जान लेना चाहता था. कमलेश तिवारी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था. उनपर तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा कानूना(रासुका) लगाया गया था. जिसे बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हटवा दिया था. 

हिंदूवादी नेता की हत्या के बाद उनकी मां ने साफ तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाते  हुए कहा कि 'सपा सरकार के जमाने में किसी की हिम्मत नहीं हुई कि वह कमलेश तिवारी को हाथ लगा दे. लेकिन भाजपा के मुख्यंत्री योगी आदित्नाथ से शासनकाल में उनकी हत्या कर दी गई.'

विवादित टिप्पणी की वजह से चर्चा में आए थे कमलेश
कमलेश तिवारी तब चर्चा में आए, जब उन्होंने इस्लाम के प्रवर्तक पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी. जिसके बाद उनके खिलाफ कई जगहों पर प्रदर्शन हुआ था और कई मौलवियों ने उनकी जान लेने के लिए फतवा जारी कर दिया था. यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय इस्लामी संगठन आईएस ने भी एक वीडियो जारी करके कमलेश तिवारी को जान से मारने की धमकी दी थी.