संसद में हिस्सा लेने वाले किसानों को करना होगा इन नियमों का पालन

संसद में हिस्सा लेने वाले आंदोलनकारियों के लिए तय नियमों का पालन करना आवश्यक होगा. 22 जुलाई से लेकर 9 अगस्त तक सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक संयुक्त किसान मोर्चा के अधिकतम 200 प्रदर्शनकारी किसानों को धरना प्रदर्शन की इजाजत दी गई है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jul 21, 2021, 11:45 PM IST
  • आंदोलनकारियों के लिए जरूरी हिदायतें
  • धरना प्रदर्शन में बरतनी होगी सावधानी
संसद में हिस्सा लेने वाले किसानों को करना होगा इन नियमों का पालन

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने जंतर मंतर पर किसानों को धरना प्रदर्शन की इजाजत दे दी है. सरकार ने औपचारिक आदेश जारी किया. 22 जुलाई से लेकर 9 अगस्त तक सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक संयुक्त किसान मोर्चा के अधिकतम 200 प्रदर्शनकारी किसानों को धरना प्रदर्शन की इजाजत दी गई.

आंदोलनकारियों को पालन करना होगा नियम

संसद मार्च में हिस्सा लेने वाले आंदोलनकारियों के लिए जरूरी हिदायतें दी गई हैं. जिनका उल्लंघन करने पर अनुशासन की सख्त कार्रवाई की जाएगी. 22 जुलाई से जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर "किसान संसद" (Kisan Parliament) आयोजित करेंगे.

नोट- संसद में पहुंचने से पहले
1. मार्च में सिर्फ वही साथी हिस्सा ले पाएंगे जिनका नाम संयुक्त किसान मोर्चा की कमेटी ने उस दिन के 200 साथियों की लिस्ट में शामिल किया है और जिनके नाम पर एक दिन पहले आइडेंटिटी कार्ड जारी हुआ है. इनके अलावा कोई और व्यक्ति किसी भी हालत में मार्च में शामिल नहीं होगा.

2. जिस दिन के लिए आंदोलनकारियों का आईडेंटिटी कार्ड इशू हुआ है उस दिन सुबह 8:00 बजे उन्हें सिंघु बॉर्डर के कजरिया टाइल्स पर संयुक्त किसान मोर्चा के दफ्तर में हाजिर होना है. उनको ये कहा गया है कि याद रखिए आपको किसी और मोर्चे या दिल्ली में किसी और जगह से इसमें शामिल होने की इजाजत नहीं मिलेगी.

3. आंदोलनकारी अपने साथ संयुक्त किसान मोर्चा का आईडेंटिटी कार्ड और या तो आधार कार्ड या फिर इलेक्शन कमिशन का फोटो आईडेंटिटी कार्ड या कोई भी फोटो आईडी लेकर आए. अपने आधार या फोटो आईडेंटिटी कार्ड की एक कॉपी भी साथ में रखें, इसकी जांच के बिना आपको बस में नहीं चढ़ने दिया जाएगा.

4. सिंघु बॉर्डर से सभी साथी मोर्चे द्वारा आयोजित बसों में बैठकर जाएंगे. उसके अलावा किसी भी वाहन को ले जाने की इजाजत नहीं होगी. बस में चढ़ने से पहले आईडेंटिटी कार्ड की जांच की जाएगी.

नोट- संसद में पहुंचने पर
5. संसद मार्ग के पास बसें रुकेंगी और सभी साथी सीधा किसान संसद के लिए नियत स्थान पर जाएंगे. उसके अलावा कोई भी किसी और जगह पर नहीं जाएगा. खाने और पानी की व्यवस्था वहीं पर की जाएगी.

6. किसान संसद में सभी साथी नियत कुर्सियों पर बैठेंगे और सभा के अध्यक्ष के आदेश के मुताबिक अपनी बात रखेंगे. किसान संसद का अनुशासन कोई भंग नहीं करेगा.

7. शाम 5:00 बजे किसान संसद का कार्यक्रम पूरा होने के बाद सभी साथी वापस उन्ही बसों में बैठेंगे और सिंघु बॉर्डर पहुंचेंगे.

8. अगर आपको कोई भी सवाल या शिकायत हो तो संयुक्त किसान मोर्चे द्वारा तय किए गए अध्यक्ष मंडल के पास अपनी बात रखें. मौके पर इस अध्यक्ष मंडल का लिया गया फैसला सभी साथियों को मानना होगा.

यह हिदायतें संयुक्त किसान मोर्चा के आदेश मानी जाएंगी और इनके उल्लंघन करने वाले पर अनुशासन की कार्रवाई की जाएगी.

कोरोना नियमों के साथ धरना प्रदर्शन की इजाजत दी गई. दिल्ली में इस समय आपदा प्रबंधन कानून लागू है, जिसके चलते DDMA के दिशा निर्देश के तहत कोई जमावड़ा नहीं हो सकता. लेकिन किसानों के आंदोलन के लिए दिल्ली सरकार ने दिशा निर्देशों में संशोधन किया और इजाजत दी.

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